एक महात्मा सड़क किनारे जा रहे थे कि अचानक एक डाकुओं का गिरोह उन पर टूट पड़ा और उनकी खूब पिटाई की. महत्मा बेचारे बेहोश होकर गिर पड़े. कुछ समय बाद एक अमीर सज्जन आदमी अपनी कार में वहां से निकला तो उसने अपनी कार रोकी और उस साधू को अपने घर ले आये. एक ग्लास गरम दूध देते हुए उस धनी व्यक्ति ने महात्मा से पूछा ,’क्या आप बता सकते है कि रास्ते पर आपको किसने पीटा था ?’
महात्मा बोले, ‘जिसने पीटा था, वही तो अब मुझे दूध भी पिला रहा है .’
यह सुनकर वह धनी व्यक्ति घबरा गया, बोला, स्वामी जी ये आप क्या कह रहे है भला ऐसा मैं आपके साथ कैसे कर सकता हूँ ?’
साधू ने जबाब दिया ,’यह भगवान है जो सब कुछ करता है डाकुओं द्वारा उसने मेरी पिटाई करवाई और तुमाहरे द्वारा दूध दिया. भगवान की मर्जी के बिना कुछ भी संभव नहीं है .