एक दिन अगर हमें जाना है, तो जीवन को उसी हिसाब से जीना होगा. एक-एक दिन का उपयोग करते हुए पूरी विनम्रता के साथ आगे बढ़ना होगा.
हम ना हमारा जाना रोक सकते हैं, ना अपने प्रियजनों का. इसलिए एक-एक पल को उपहार समझ कर जीना हमारा मकसद होना चाहिए.हम सब यहां अपनी जिम्मेदारियां निभाने आए हैं, सफलता हासिल करने आए हैं. जितने दिन इस दुनिया में हैं, कुछ अच्छा कर जाएं. इस धरती पर जितने भी कामयाब लोग हैं, उनकी सफलता की कहानी इसी विचार ने लिखी है कि वे यही मानते थे कि आज का दिन अंतिम है और यह जीवन यात्रा एक चुनौती है. इस यात्रा के लिए ही गीता में कृष्ण ने भी कहा है, “कर्म किए जा, फल की चिंता मत कर. यह यात्रा ही हमारा पुरस्कार है.
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