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मोहित 1आदमी चाहे कहीं भी रहे पर अपनी जड़ से जुड़ना बहुत ही गौरव की बात है |खासकर वैसे युवाओं  को सलाम है जो अपनी जन्मभूमि को कर्मभूमि बना लेते है | एक ऐसे ही उभरते युवा जो बिहार के भोजपुर जिले के एक छोटे से गावं ” बिहिया ” से है  जिनका नाम सतीश शेखर है |

बिहार कौशल विकास योजना  के तहत  कौशल विकास योजना के माध्यम से भोजपुर जिले के सैकड़ों  छात्र / छात्राओं को शिक्षित कर रहे है  सतीश शेखर | उनके उज्जवल भविष्य के लिए कई रोजगारपरक कोर्सेज का संचालन  करने वाले सतीश शेखर का कहना है की उनका लक्ष्य आज के बेरोजगार युवाओं को  काबिल बनाना है ताकि सफलता उनके कदम चूमें |

 सतीश शेखर का जीवन सफ़र

सतीश शेखर जी एक मध्यम वर्गीय परिवार से आते है इनके पिताजी का नाम भरत साह है जो की बिहिया में ही किराने का दुकान चलते है. सतीश की शुरुवाती पढाई लिखाई बिहिया में स्तिथ सरकारी स्कुल से हुई फिर ये दिल्ही स्थित जामिया हमदर्द डीम्ड यूनिवर्सिटी से BCA किया. ये चाहते तो किसी भी शहर में जा कर नौकरी कर सकते  थे मगर इन्होने अपने गावं आकर कौशल  विकास योजना के अंतर्गत युवाओं को नयी राह दिखाने का रास्ता चुना | वाकई सतीश शेखर का यह कदम न सिर्फ समाज में एक बदलाव लाने का प्रयास है बल्कि  युवाओं के लिए प्रेरणा श्रोत भी बन चुके है |