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बिहार के भोजपुर जिले के  डॉ. सरस्वती प्रसाद सिंह कनाडा में रहते है | डॉ. सिंह कनाडा के यूनिवर्सिटी ऑफ़ अल्बर्टा में प्रोफेसर थे तभी उन्होंने  1985 में अपने पैतृक गावं दलीपपुर में मुफ्त लड़कियों के लिए ‘शक्ति प्रसाद सिंह गर्ल्स हाई स्कूल’ की शुरुवात की जहां लड़कियों को सभ्य, शिक्षित समाज तैयार करने लायक बनाया जाता है।  | इसमें पाचवी कक्षा तक की छात्राओं को एक  वक्त का खाना मुफ्त है जिसके लिए डॉ. सिंह सरकार से कोई मदद नहीं लेते और लड़कियों की पढाई के लिए कोई फीस भी नहीं देना होता है |

इन्होने इलाहबाद से उच्च शिक्षा लेने के बाद एमबीए और पीएचडी के लिए अमेरिका चले गए। जब वो कनाडा में काम कर रहे थे तब उन्हें अपने देश की उन बेटियों के लिए एक ऐसा स्कूल शुरू करने की इच्छा जगी, जो उन्हें बेहतर जीवन दे। हालाँकि ये काम मुश्किल था क्योंकि बिहार में गांवों तक ऐसी सुविधा न उन दिनों और न आज है। इनको कनाडा में रहते हुए लगभग 55 साल हो  गया है |

इन्होने पहले छोटे स्तर पर स्कूल की शुरुआत की फिर धीरे-धीरे हायर सेकेंडरी स्तर तक पहुंचा। इस स्कूल में आस-पास  गाँव की 500 लड़कियां पढ़ती हैं।इनके यहाँ के स्कूल में सबसे खास बात है की यहाँ की पढ़ाई बेसिक स्तर की नहीं बल्कि इस स्कूल में फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी के प्रयोगशाला के साथ 50 लैपटॉप और कम्प्यूटर वाला वाईफाई इनेबल्ड लैब भी है।डॉ. सरस्वती प्रसाद सिंह रोज दो घंटे कोर टीम से स्काइप पर अपडेट लेते हैं।

इनका उद्देश्य है गाँव में विश्व  स्तर का महिला यूनिवर्सिटी का निर्माण करे |