अक्सर देखा गया है की बड़े शिक्षण संस्थानों से पढाई कर लौटने के बाद  बड़ी नौकरी और किसी बड़े कम्पनी में मोटे पैकेज के ख्वाब ही छात्रों को लुभाते है  हैं, पर पटना के ही रहने वाले एक युवा रोहित कुमार सिंह पंजाब यूनिवर्सिटी से एम् टेक करने के बाद  सुविधाहीन स्लम बस्ती में रहने वाले गरीब बच्चों एवं सुविधाविहीन छात्रों के सपनों को पंख देते नजर आते हैं |आज की तारीख में समाज की सबसे बड़ी जरूरत है एक बच्चे को शिक्षित करना। क्योंकि एक बच्चे के शिक्षित होने से न सिर्फ वो बच्चा शिक्षित होता है बल्कि आने वाली उसकी कई पीढ़ियां शिक्षित होने के लिए अग्रसर होती हैं। ऐसे में अगर शिक्षा की रौशनी जलाने में रोहित जैसे पढ़े – लिखे युवा जी जान से  जुटे हों तो समाज के प्रति ऐसे व्यक्तियों का  योगदान अतुलनीय है।

 

युवा इंजीनियर रोहित  और उसकी टीम चला रही है ” Sharp Mind Classes “

रोहित ने समाज सेवा का रास्ता चुना पर इस नेक कार्य में उन्हें बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ा  | रोहित बताते है कि कोई भी शुरुवात बहुत ही कठिन होती है और उन्हें भी बहुत सारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा पर आंदोलन की शुरुआत एक आदमी से ही होती है लोगो के जुडऩे से ही आंदोलन बन जाता है । अनपढ़ता को खत्म करने की इस मुहीम की शुरुवात उन्होंने 29 मार्च 2016 से  की जब उन्होंने Sharp Mind Classes की स्थापना की  | रोहित कुमार सिंह  ‘Be For Nation ‘ के सेक्रेट्री भी है जो पटना में हर वर्ष MERITS OF BIHAR प्रोग्राम द्वारा गरीब छात्रो का मुफ्त कैरियर काउन्सलिंग  करती है |

Team of sharp mind classes ( In Picture Rohit is first from right and Sumit is first from left side )

शार्प माइंड क्लासेज के नाम से चलने वाले इस सामाजिक काम  में उनके दोस्तों ने बहुत साथ दिया जिनमे उनके ही एक मित्र सुमित ने उन्हें बहुत मदद की | सुमित भी इंजिनियर है और  इस संस्था से जुड़कर उसके विस्तार , कार्यशैली, तकनीक और प्रबंधन जैसे मुद्दों पर न सिर्फ रोहित को सलाह देते है बल्कि उसे अम्ल में भी लाने का उपाय बताते है | रोहित कुमार सिंह के इस अनोखे मुहीम में और भी लोग है जो प्रत्यक्ष और अपत्यक्ष रूप से सहयोगी बनकर इस संस्था को मदद कर रहे है |सुमित कुमार के अलावा उनके इस नेक काम में शैलेन्द्र कुमार, राहुल कुमार, डॉ ए ० के ० पाण्डेय , टोनी शर्मा , और अन्य सहयोगी भी अपना योगदान दे रहे है

 

पटना के दो  सेंटरों में 150 से अधिक बच्चे 

रोहित और उनके साथियों के इस अभियान में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चे ऐसे हैं जिनके गरीब माता-पिता दूसरे घर मे नौकरी करते हैं या फिर किसी तरह मेहनत मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते हैं. सरकारी स्कूल भवन के कमरे में या फिर किराए के मकान में पहली कक्षा से लेकर बारहवी कक्षा तक के छात्रों को पढ़ाते हैं. आज पटना में कुल 2 सेंटरों में डेढ़ सौ से अधिक बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं. स्लम इलाकों के ग़रीब बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की कोशिश तो की ही जा रही है साथ ही कम्पूटर प्रशिक्षण से लेकर उन्हें ज्ञान विज्ञान ,आर्ट और खेल मे निपुण बनाने मे जुटी है रोहित की टीम |

Sharp Mind Classes का मकसद

रोहित कुमार सिंह  कहते हैं कि हमारा एक ही विजन है, हम गरीब बच्चो को न सिर्फ बेहतर शिक्षा देना चाहते है बल्कि उन्हें एक जीवनशैली और संस्कार भी देना चाहते है स्लम में रहने वाले बच्चे जब कही उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाये तो उनको अन्य छात्रो के साथ घुलने – मिलने में किसी तरह की दिक्कत न हो यह तभी संभव है जब उन्हें एक बेहतर शैक्षणिक माहौल दिया जाये | किसी गरीब  को शिक्षा को भिक्षा के रूप में देने के बजाय  यह संस्था एक आदर्श तरीके  से बेहतर माहौल में उन्हें शिक्ष और  हुनर दोनों उपलब्ध कराती है

देश के उज्वल भविष्य के लिए हर बच्चे का पढ़ा लिखा होना बहुत जरूरी है । स्लम बस्तियों में स्कूल बनाकर रोहित न सिर्फ पटना में बल्कि बिहार के 38 जिलों में और इसके 534 प्रखंड  में इस योजना को साकार करने की कोशिश में जुटे हुए है | यह संस्था बहुत ही मामूली खर्च पर बच्चो को हर तरह कि सुविधा प्रदान कर रहा है ताकि हर गरीब बच्चे में पढऩे की दिलचस्पी जागे व उनके माँ बाप को बच्चो को पढ़ाने की लगन  पैदा हो ।