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बिहार के बेगुसराय की धरती की बात ही कुछ और है ,जहॉं प्रतिभाशाली ,ईमानदार, कर्मयोगी और समाज के लिये कुछ करने वालों के चर्चे केवल बिहार ही नहीं , देश और विदेश में भी है और जब भी किसी न्यायप्रिय और आदर्श पुलिस अधिकारी की चर्चा होगी तो बिहार कैडर 2003 बैच के  श्री विकास वैभव का नाम सर्वोपरि होगा जिनकी जन्मभूमि भी बेगुसराय है |

2015 में पटना में एसएसपी के तौर पर तैनात हुए IPS विकास वैभव इसके पहले नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) में कार्यरत थे। 2013 में पटना के गांधी मैदान ब्लास्ट और उसके पहले बोधगया ब्लास्ट की तफ्तीश करने वाली टीम की अगुआई विकास वैभव ने ही की थी।

जिसने बाहुबली अनंत सिंह को सलाखों के पीछे भेजा 

मई  २०१७  में भागलपुर रेंज के नए डीआईजी के रूप में पदभार ग्रहण करने से पहले विकास वैभव अपने कार्यों के चलते बहुत ही चर्चित रहे |समाज के बिच उत्कृष्ट कार्य,समर्पण,सेवा,सादगी को लेकर काम करने वाले विकास वैभव  मोकामा के  बाहुबली विधायक  अनंत सिंह के गिरफ्तारी को भी लेकर काफी सुर्ख़ियों में  रहे |विकास वैभव के बारे में कहा जाता है कि वे कानून को लागू कराने में जितने सख्त हैं, उतने ही पब्लिक फ्रेंडली भी हैं.

 सोशल मिडिया पर बिहार के सबसे पॉपुलर IPS अधिकारी

विकास वैभव अभी भागलपुर में डीआईजी के रूप में अपना योगदान दे रहे है. जहां, आम जनता की सुनवाई के लिए उनका खुला दरबार है. जिसमें लोगों की संख्या रोज बढ़ती जा रही है. चर्चा है कि अब भागलपुर के थानों की पुलिस में ये हिम्मत नहीं रही कि वह एफआइआर दर्ज कराने आये पीड़ितों को दौड़ा-दौड़ा कर परेशान करें. विकास वैभव के पब्लिक फ्रेंडली होने का ही यह असर है कि अब वे फेसबुक पर बिहार के सबसे पॉपुलर पुलिस ऑफिसर बन चुके हैं.

आइपीएस विकास वैभव के फेसबुक पेज  पर  एक लाख 11 हज़ार से भी अधिक लाइक्स प्राप्त किया है और यह लगातार बढ़ता ही जा रहा है. यह पेज कुछ महीने पहले ही बना था. फेसबुक बता रहा है कि विकास वैभव का पेज बहुत ही रेस्पॉन्सिव है. क्राइम डिटेक्शन में भी विकास वैभव को सोशल मीडिया के टूल का बेहतर प्रयोग करने वाला अधिकारी माना जाता है.

सफलता का रास्ता बता कर  देश के युवाओं को सही मार्ग दिखाना और ईतिहास के प्रति लगाव रखने वाले विकास वैभव की जितनी तारीफ की जाये  कम है ! वास्तव में ईतिहास पूर्वजों के यश और कीर्ति की महानतम गाथा है जो हमे अपने गौरवशाली अतीत का ज्ञान कराती है ! विकास वैभव अपना ब्लॉग भी प्रसारित करते है जहाँ उनका  पुरातन संस्कृति के प्रति प्रेम और दूरद्रर्शी सोच  को समझा जा सकता है www.silentpagesindia.blogspot.in/
www.copinbihar.blogspot.in/
https://intellectualtradition.blogspot.in/ 

DGP Vikas Vaibhav
Photo via Facebook Page

युवाओं को सफल बनाने के लिए करते रहते है युवाओं का  मार्गदर्शन 

हाल में ही फेसबुक के जरिये उन्होंने युवाओं से सफलता के सिद्धांतों के बारे में अपने अनुभव बांटे | विकास वैभव बताते है :

“मेरे प्रिय मित्र, तुम्हें सफल बनने के लिए कोई और बनने का प्रयास नहीं करना है और अगर सही में श्रेष्ठ बनना चाहते हो तो तुम स्वयं जैसे ही बनने का प्रयास करो और अपने अंदर समाहित बृहत्ता को प्राप्त करो, चूंकि तुम स्वयं ही श्रेष्ठतम हो । अन्यों के कृत्य तुम्हें प्रभावित कर प्रेरित भले ही कर सकते हैं और विषमताओं में मार्गदर्शी भी हो सकते हैं, परंतु तुम्हारी यात्रा भिन्न है और निश्चित ही तुम इस विश्व जगत में एक अलग अपना संदेश लेकर स्वयं आए हो ।”

एक युवती ने जब उनसे पूछा कि “सफलता धन अर्जित करने में है या प्रतिष्ठा में ?”, तब विकास वैभव ने  संस्कृत के एक प्राचीन श्लोक को उद्धृत किया –

“अधमा धनम् इच्छन्ति, धनमानौ च मध्यमा । उत्तमा मानमिच्छन्ति, मानो हि महतां धनम् ।।”

अर्थात उत्तम प्रकृति के व्यक्ति केवल मान की अपेक्षा करते हैं जबकि निम्न प्रकृति केवल धन चाहते हैं और मध्यम प्रकृति धन और मान द्वै चाहते हैं ।

विकास वैभव द्वारा साझा की गयी पंक्तियाँ जो अंतः प्रेरणा को जागृत करने के लिए उन्होंने  कभी छात्र जीवन में सुनी थी किसी भी व्यक्ति को कठिन मेहनत आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय  के साथ सफलता के मार्ग पर चलने को प्रेरणा देती है,   प्रेरित करने वाली ये पंक्तियाँ   जो  उन्होंने  साझा की –

“स्वयं विधाता बन रे मानव, अंतर में विश्वास जगाओ । 
चलो न मिटते पद चिन्हों पर, अपने सूर्य स्वयं बन जाओ ।।”

विकास विभव आज कामयाबी के उस मुकाम पर हैं जहां आज हर युवा पीढ़ी जाने के लिए सोचता हैं . कर्म, धर्म, लक्ष्य,निशाना,बनाकर युवा अपने पथ पर निरन्तर कदम बढाते चलेते रहे तो सफलता उसके कदम चूमेगी। किसी भी मनुष्य के लिए कामयाबी सिर्फ चन्द  दिनों  में नहीं आती है उसके लिए कठिन मेहनत आत्मविश्वास दृढ़ निश्चय ईमानदारी और सच्चाई के मार्ग पर चलने से ही मिलती है और इसका जीता जगता उदाहरण है हमारे लोकप्रिय DGP , VIkas Vaibhav .

अकेला शख्स समाज नहीं बदल सकता, लेकिन आदर्श स्थापित कर सकता है

डीआईजी विकास वैभव कहते हैं कि वास्तव में एक सच्चा लोक सेवक ऐसी भावना के साथ ही समाज में सकारात्मक योगदान दे सकता है। लोक सेवक द्वारा निष्पक्ष होकर कर्तव्यों का निर्वहन किया जाना सभी के लिए हितकर है। यह दुर्भाग्य ही है कि स्वार्थों से ग्रसित होकर अनेक मनुष्य अपने दायित्वों का दुरुपयोग करते हैं जिससे धर्म की हानि होती है और व्यवस्था की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न होता है।