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इस जीवन का हर दिन एक कोरा कागज है आप इस कागज पर मेहनत  रूपी स्याही और समझ रूपी कलम से कुछ भी लिख सकते है चाहे परिस्थितियां अनुकूल हो या प्रतिकूल ये पंक्तिया अहमदाबाद की मंजुला बाघेला पर सटीक बैठती है जो कभी गुजरात के अहमदाबाद में सडको पर कचड़ा चुनती थी जो आज सौन्दर्य सफाई उत्कर्ष महिला सेवा सहकारी मंडली लिमिटेड के नाम की एक कोऑपरेटिव की मुखिया हैं और 400 अधिक महिलाओं को रोजगार दे रही है |  अपनी मेहनत और झुझारुपन  के दम पर मंजुला ने सफलता का ऐसा  मुकाम हासिल किया हैं जो हर किसी के लिए मिसाल हैं।

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संदर्भगत तस्वीर

कौन है मंजुला ?

यह कहानी है ६२ साल की उस महिला की जो गुजरात के अहमदाबाद के सड़कों पर कभी कचड़ा चुनने का काम करती थी | मंजुला बाघेला दिन भर कड़ी मेहनत कर के कचरा बिनती थी पर शाम को उनकी मुट्ठी में मात्र 5 रूपए ही होते थे अगर जिस दिन बारिश हो जाती तो 5 रुपए भी कमाना नसीब नहीं होता था। ये बात वर्ष 1981 तक की है मंजुला बाघेला एक साधारण मिल मजदुर थे और मंजुला के भाई बहनों की संख्या 6 थी इसलिए घर की माली हालत कुछ ठीक नहीं थे

शादी के बाद पति का घर भी ऐसा ही मिला। जिसके बाद कुछ करने का मन बनाया। पूंजी नहीं थी इसीलिए कचना बीनना तय किया। मंजुला मेहनत करने से कभी नहीं घबराती थी कमाई 5 रुपया हो या उससे भी कम उनकी दिन की सुरुआत सुबह जल्दी उठ कर एक बड़े से प्लास्टिक थैले से ही होती थी  कचरा बीनने के दौरान ही वे किसी के कहने पर इलाबेन भट्ट की संस्था सेल्फ एंप्लाइड वीमेंस एसोसिएशन यानी (सेवा) की सदस्य बनीं। ये संस्था महिला सशक्तिकरण से जुड़े काम और शहर के विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी ऑफिसों की साफ सफाई का काम करती है। मंजुला को यहाँ अहमदाबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन सेंटर संस्था में पहले झाडू पोछा करने का काम मिला  यहां की मजदूरी 75 रुपये थी ।

कड़ी मेहनत और लगातार काम करने की जज्बे ने दिया एक मुकाम 

कुछ वक्त तक ये काम करने के बाद मंजुला को  सुपरवाइजर बना दिया गया। इसी तरह कुछ साल बाद श्री सौंदर्य सफाई उत्कर्ष महिला सेवा सहकारी मंडली लिमिटेड का सचिव बना दिया गया। जिसके सदस्यों की संख्या 40 थी धीरे धीरे कारवां बढ़ता गया और आज संगठन  में काम करने वाली महिलाओं की संख्या 400 से भी अधिक है यहाँ सबको रोजगार तो मिलता ही है साथ में उनके भविष्य के बारे में भी सोचा जाता है जैसे सारी महिलाओ का जीवन बिमा तथा पेंशन की सुविधा देना.

सौन्दर्य मंडली की सदस्य
Image Reference By Yourstory

श्री सौंदर्य सफाई उत्कर्ष महिला सेवा सहकारी मंडली लिमिटेड के पास आज अत्याधुनिक सफाई उपकरण जैसे हाई प्रेशर जेट, माइक्रो फाईबर मॉप्स, स्क्रबर्स, एक्सट्रैक्टर्स, फ्लोर क्लीनर्स, और रोड क्लीनर्स से लैस है तथा ये लोग 45 इंस्टीट्यूशंस और सोसाएटी को क्लीनिंग और हाउसकीपिंग की सुविधा मुहैया कराते हैं। इस को-ऑपरेटिव का कुल टर्नओवर 2015-16 में  1 करोड़ रुपए सालाना है और इनकी निरंतर बढती जा रही है .