कहा जाता है की कुछ करने की लगन और जज्बा हो तो किस्मत पलटते देर नहीं होती । कबीर दास जी ने कहा ” रसरी आवत जात से सिल पर परत निशान ” लगातार कठिन मेहनत करने से हर कठिन कार्य को आसान बनाया जा सकता है। वि एस एस मणि “just dial” के संस्थापक है जिन्होंने एक मिशाल पेश किया और बताया की कैसे कठिन संघर्षो के बावजूद सफलता हासिल की जा सकती है ।

Founder of Just Dial -V.S.S.Mani -Jamshedpur -BiharStory is best online digital media platform for storytelling - Bihar | India

 

वीएसएस मणि (V.S.S.Mani) का जन्म जमशेदपुर (Jamshedpur) के एक मिडल क्लास ब्राह्मण परिवार में हुआ था। बचपन से ही उन्होंने खुद का कुछ अलग करने का मन बना लिया था और अपने इस सपने को पूरा किया। उनका ऊंचाइयों को छूने का सफर आसन नहीं था। वे अपनी शुरुवाती पढाई कोलकाता से की उसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से सीए की तैयारी करने लगे मगर उनको अपनी पढाई छोडनी पड़ी क्योंकि उनके परिवार की आर्थिक हालत बहुत खराब हो चुकी थी। अपने परिवार को सपोर्ट करने के लिए उन्होंने सेल्समैन की जॉब की। इन्होने अपने  करियर की शुरुआत येलो पेजेस कंपनी- यूनाइटेड डाटाबेस इंडिया (यूडीआई) में बतौर सेल्समैन की। यहीं काम करते हुए कंपनी ने एक बिजनेस प्लान बनाया, जिसमें सारी जानकारी टेलिफोन पर उपलब्ध रहे। V.S.S.Mani ने इस बिजनेस प्लान को बखूबी समझा और अपना सौ फीसदी दिया। इन्हीं दो सालों में मणि ने आंत्रप्रेन्योर बनने का फैसला किया। मणि ने 1989 में आस्कमी कंपनी स्थापित की, लेकिन पहले ही दो सालों में पैसों की तंगी के कारण कंपनी लॉस में जाने लगी। चूंकि वे अपने परिवार में अकेले कमाने वाले थे, इसलिए उन्हें पैसे कमाने के लिए जल्द ही कुछ बड़ा करने के बारे में सोचा।

आस्कमी की विफलता के बाद मणि ने वेडिंग प्लानर के बारे में सोचा। करीब 50 हजार रुपए की इन्वेस्टमेंट के साथ काम शुरू किया और उन्हें 2-3 लाख का प्रॉफिट आने लगा। सब ठीक था, लेकिन मणि के मन को सुकून नहीं मिल रहा था। वे खुद को इस बिजनेस मॉडल से जोड़ने में विफल थे। उन्होंने शादी की प्लानिंग करनी छोड़ी और जस्टडायल के बारे में सोचने लगे। V.S.S.Mani 1996 में छ: लोगो की टीम का साथ जस्ट डायल शुरू किया। मणि ने अपने ट्रेडिशनल नजरिए का इस्तेमाल जस्टडायल (Just Dial) में किया। उन्होंने इंटरनेट पर कम से कम निर्भर करने का प्लान बनाया। इसीलिए जब 2000 में डॉटकॉम बस्ट हुआ तो कई इंटरनेट बेस्ड कंपनियों को नुकसान हुआ। मगर जस्टडायल पर कोई असर नहीं आया। 2007 में जस्टडायल (Just Dial) का वेब-बेस्ड वर्जन लॉन्च हुआ था।

जो गलतियां मणि ने आस्कमी में की, उन्हें जस्टडायल (Just Dial) में नहीं दोहराया। इसीलिए जस्टडायल (Just Dial) का पहला ऑफिस बहुत बड़ा न होकर, 300 स्क्वेयर फीट में था। ऑफिस का सारा सामान रेंट पर लिया था, इसमें कुर्सी, टेबल, कम्प्यूटर और लैन नेटवर्क केबल आदि शामिल थे। इतना ही नहीं, जस्टडायल (Just Dial) के साथ मणि ने छोटे कस्टमरों पर फोकस करना शुरू किया और पैसे एडवांस में लिए। इससे कंपनी में कैश-फ्लो की समस्या कम हुई। वर्तमान में जस्टडायल (Just Dial) में कर्मचारियों संख्या लगभग १० ००० है और इनकी कंपनी का रेवेनीव ७०० करोड़ हो चूका है । जस्टडायल (Just Dial) के ब्रांड अम्बेस्डोर बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन है और इन्वेस्टर भी है।

story source : Dainik bhaskar

Manoj Kr Gupta

Editor at BiharStory
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