Share Story :

हमारे भारत में जिस उम्र में बच्चे खेलतेकूदते है, या पढाई में मग्न रहते है, अगर उसी उम्र की एक बच्ची एप डेवलप करे तो इसे आप एक करिश्मा ही कहियेगा | चुकी प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती , कभीकभी छोटे बच्चे भी कुछ एसा कर गुजरते है की बड़ेबड़े भी दातों तले उंगली दबा लेते है, उस करिश्माई बच्ची का नाम है अनविता विजय जिसकी  उम्र मात्र  9 वर्ष है |

anvita

आखिर अनविता  का नाम चर्चा में क्यू है

अवनिता विजय ने बच्चों के लिए एक एप बनाया (स्मार्टकिन्स एनिमल)  जिसके मध्यम से बच्चे 100 तरह के जानवरों के नाम और उनकी बोलियां सीख सकते है,अवनिता को सात साल की उम्र में मोबाइल एप बनाने की इच्‍छा थी. वो इस काम किसी डेवलपर से सीखना चाहती थी लेकिन उसके पिगी बैंक में इतने पैसे नहीं थे कि वो किसी डेवलपर को हायर करे , लेकिन सीखने की चाहत ने सारे रास्‍ते खोल दिए और उसने ऑनलाइन एप डेवलप करने की प्रोग्रामिंग सीखी.

काफी मेहनत के बाद उसने बच्चों के लिए एजुकेशनल एप्स तैयार करने में सफल रही, एप डेवलपिंग के बारे में पूछे जाने पर वो कहती है कि ये काम बहुत मुश्किल था लेकिन काम के प्रति जब रुचि हो तो कोई भी काम आसान हो जाता है. सूचना और प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में निरंतर हो रहे विकास ने भी इन बच्चों को अपनी ओर आकर्षित किया है। गौरतलब है कि आजकल बच्चों को कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी सुविधाएं भी आसानी से प्राप्त है। कुछ प्रतिभाशाली बच्चे इन सुविधाओं का सही इस्तेमाल करते हुए कुछ ऐसा कर जाते जो औरों के लिए प्रेरणा बन जाती।

 

 ऐप्पल द्वारा आयोजित वार्षिक डेवलपर कॉन्फ्रेंस  में भाग लेने वाली वह सबसे कम उम्र की डेवलपर 

अनविता  विजय को वर्ष 2016 में एक अलग पहचान मिली जब अनविता एप्‍पल स्कॉलरशिप प्रोग्राम के तहत WWDC 2016 में शामिल हुई. आपको बता दें कि एप्‍पल हर साल डिवाइस के एप बनाने वाले दुनियाभर के डेवलपरों को सम्मेलन में आने के लिए मुफ्त टिकट देता है. WWDC प्रोग्राम दुनिया भर में पहचान रखने वाला आयोजन है. इस बार भी 119 लोगों को चुना था, जिसमें से सभी 18 साल से कम उम्र के हैं. और मात्र 9 वर्ष की उम्र में ही इस प्रोग्राम का हिस्सा बन सारी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया

अनविता जैसी बच्ची यदि इतनी कम उम्र में इस ऊंचाई तक पहुंच रही है, तो बेशक हमें उसकी सफलता का स्तर समझना होगा और सीख लेनी होगी। कम उम्र में अभूतपूर्व सफलता पाना भाग्य का मामला नहीं है, हमें यह मानना होगा कि इस सफलता के पीछे माता-पिता का प्रयास है, जिन्होंने बच्चों को अपने दम पर सीखने और अपने स्वयं के भविष्य का निर्माण करने के लिए स्वतंत्रता प्रदान की। अनविता खुद की काबिलियत से बिना किसी इंजीनियरिंग की डिग्री के वो कारनामें कर दिखाई जो बड़े-बड़े इंजीनियर भी नहीं कर पाते हैं।

Manoj Kr Gupta

Manoj Kr Gupta

Editor at BiharStory
Manoj Kr Gupta is young professional and passionate writer at BiharStory.in .
Manoj Kr Gupta

Latest posts by Manoj Kr Gupta (see all)

Share Story :