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जब किसी काम को कड़ी मेहनत , पक्का ईरादा, अटूट विश्वास और उत्साह के साथ किया जाये तो उस काम को करने वाला भले खामोश रहे तो  भी उस शख्स का  काम बोलता रहता है , एक ऐसा ही बिहारी युवा एंटरप्रेंयोर जो मात्र 21 साल का है और जिसने बहुत ख़ामोशी से अपना काम शुरू किया पर आज उसके द्वारा शुरू किये गए कार्यो की चर्चा आम हो चुकी है | हम आज बात कर रहे है गया जिले के सकौरी बीघा  गाँव के युवा सामाजिक कार्यकर्ता रंजन मिस्त्री के बारें में  जो ‘ Plant Eco Circle ‘ और ‘Campus Varta ‘के फाउंडर है और जिनके बारें में सुनकर हरिवंश राय बच्चन की कुछ पंक्तिया  बरबस ही याद आ जाती है –  “मीलों हो फासले हारों न हौसलें, लक्ष्य पाने के लिए केवल समर्पण चाहिए,  कुछ कर गुजरने के लिए मौसम नही मन चाहिये “

रंजन कालेज ड्रॉपआउट रहे पर काम उनके बड़े – बड़े है

रंजन मिस्त्री की जन्मभूमि गया जिला रही पर वो पटना में ही बड़े हुए और आज अपने लक्ष्यों को अंजाम दे रहे है | साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले रंजन ने जीवन ने  बहुत उतार चढाव देखे , रंजन के माता – पिता खास पढ़े – लिखे नहीं थे और आर्थिक कमी के कारण रंजन के बेहतर करियर  के लिए कुछ खास  कर न सके |  एक वक्त ऐसा भी रहा जब रंजन मिस्त्री को अपनी पढाई जारी रखने के लिए छठी क्लास से ही टूशन देना पड़ा | दसवी की परीक्षा पास करने के  बाद इनका एडमिशन डीएवी बीएसबीबी में  हुआ  | यहाँ पर ग्यारहवी में  फेल हो गए . एक बार फिर से इन्होने तयारी करके परीक्षा दी और इस बार वहा पर प्रथम रैंक प्राप्त हुआ मगर फिर इन्हें  वहाँ की पढाई छोडनी पड़ी क्योंकि इनकी परिवारिक स्थिति ठीक नहीं  थी .

Ranjan - MistryRanjan Mistry बी. टेक करना चाहते थे , पर पैसे की किल्लत की वजह से वह कही दाखिला नहीं ले सके | हलाँकि रंजन ने  बाद में IGNOU से Bachelor of Computer Application (BCA ) करना शुरू किया पर उसे भी बीच में  ही छोड़ना पड़ा क्योकि उसी वक्त उन्हें IIT खड़गपुर से दो महीने का Entrepreneurial Course  करने के लिए जाना पड़ा जिसे  Kolkata Ventures के साइंस एंड टेक्नोलौजी  विभाग ने स्पोंसर किया था और साथ ही  उस वक्त  वो दो स्टार्टअप की शुरुवात भी कर चुके थे जिसकी वजह से पढाई के लिए समय निकलना भी मुश्किल हो रहा था |

पर्यावरण प्रेम,शिक्षा और एंटरप्रेन्योर्शिप की सोच ने दिखाई एक नई दिशा 

रंजन मिस्त्री को शुरू से ही पर्यावरण से लगाव था  , और उन्होंने  BIT  पटना के कुछ छात्रों के साथ मिलकर  तीन वर्षो तक स्लम में रहने वालें बच्चों को भी पढाया है वो रोज एक घंटा वहाँ ट्युसन दिया करते थे  | एक शिक्षक के रूप में  हमेशा अपने छात्रों को पर्यावरण और Environmental issues  के बारें में भी बताया करते  थे , पयावरण के सुरक्षा और इनसे जुड़े मुद्दों पर वो हमेशा अध्यन भी करते थे | 2016  में रंजन मिस्त्री ने पर्यावरण में हो रहे प्रदुषण से बचने के लिए एक प्रोजेक्ट तैयार किया जिसका नाम  “Plant4Bihar“ था और इस कार्यक्रम के तहत हजारों वृक्ष लगाये गए |

रंजन मिस्त्री का पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर चलाये गये इस अभियान ने उन्हें एक नई सोच दी और यही दिवाली का वक्त था जब अक्टूबर 2016 में उन्होंने Entrepreneurship की दुनिया में कदम रखते हुए अपने पहले स्टार्ट अप   ‘Plant Eco Circle’ की नीव रखी |

Image Source : www.paisawapas.com

क्या है प्लांट ईको सर्किल (Plant Eco Circle) ?

पर्यावरण के बिना हम एक बढ़िया जीवन नहीं जी सकते है , हमारे आस – पास दिखाई देने वाले हर एक चीज़ हमारे पर्यावरण में ही आता है |ऐसे में रंजन मिस्त्री की सोच है समाज की बेहतरी के लिए  प्रकृति एवं  पर्यावरण संरक्षण के लिए एक योजनाबद्ध तरीके से कुछ करना और इस उदेश्य से ही उन्होंने Plant Eco Circle की स्थापना की |

प्लांट ईको सर्किल मकसद है ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में पर्यावरण से सम्बंधित समस्याओं और इसकी सुरक्षा के लिए न सिर्फ लोगो को जागरूक बनाना बल्कि सेमिनार , कैम्पेन , प्रशिक्षण शिविर और विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये लोगो को इस मुहीम से जोड़कर  पर्यावरण के संरक्षण के लिए चलाये जा रहे कार्यक्रमों में ज्यादा से ज्यादा सहभागी भी बनाना |

रंजन बताते है कि प्रकृति पर ही पर्यावरण निर्भर करता है। प्राकृतिक आपदाओं से बचने और पर्यावरण को शुद्ध बनाने के लिए पेड़ों का होना बहुत जरूरी है। पेड़ प्रकृति का आधार हैं। पेड़ों के बिना प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्धन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। अधिक से अधिक पेड़ लगाये , इसलिए ये जरुरी है प्लांट इको सर्किल के माध्यम से पर्यावरण  के उपयोगिता को लोगो को बताकर पर्यावरण के संतुलन के बिगड़ने से रोकने का हम  भरपूर प्रयास करेगे | साथ ही रंजन बताते है कि  ‘Plant Eco Circle’ प्रत्येक गाँव को अपनी आजीविका में सुधार करने के लिए सशक्त बनाने के लिए एक बेहतर  मंच बना रही है , साथ ही ग्रामीणों की स्थिति में सुधार के लिए इन्होंने  Vriksha, Aadhayan और Teach2Learn नाम से तीन प्लेटफार्म भी विकसित किया है | प्लांट इको सर्किल  के तहत एक  मुहीम की शुरुवात की गयी है जो 15 अगस्त 2017  को “तिरंगा वाला पौधा ” के  नाम से चलाया जायेगा |

कारवां यही थमा नहीं, मुसाफिर की मंजिले और भी है 

वो कहते है न कि थक कर ना बैठ ऐ  मंजिल के मुसाफिर , मंजिल भी मिलेगी और मिलने का मज़ा भी आएगा | रंजन मिस्त्री उनलोगों में से नहीं है जो अक्सर एक मुकाम पर आकर  ठहर जाया करते है , आगे बढ़ते हुए उन्होंने अपने Entrepreneurship की राह में और भी कई  Start Up रस्ते में सजा  रहे है | उन्होंने एक StartupCity भी  खोला है  जो एक तरह का  Start-up incubation center है , जहाँ सत्रह स्टार्ट अप एक दूसरो को मदद और सलाह देने का काम करती है | रंजन मिस्त्री  ” #Entrepreneurship in my Village ” नाम से भी एक कार्यक्रम चला रहे है जो ग्रामीण इलाकों में उद्यमिता एवं जीविका को बढ़ावा दे रही है |

इन्होने  23 मार्च 2017 को पटना में B.I.A (Bihar Industry Association)  के मदद से  पहली बार योर स्टोरी मीटअप का सफल आयोजन करवाया जिसमे पटना के बहुत सारे स्टार्ट-अप उधमी भी  शामिल हुए |

युवा छात्रों के लिए रंजन मिस्त्री ने एक और स्टार्ट अप की शुरुवात की है जिसका नाम है Campus Varta ( Online Campus Affairs Media ) | ये पूर्वोत्तर भारत का पहला कैम्पस ऑनलाइन मिडिया है जो कॉलेज कैम्पस के न्यूज को प्रकाशित करती है साथ ही विद्यार्थियों के प्रतिभाओं को निखारने के लिए प्रोत्साहन एवं कॉलेज से जुडी गतिविधियों एवं इवेंट पर नजर रखती है |


Skill Minds Foundation  के भी Co-Founder है रंजन मिस्त्री  जिसका उद्देश्य है अपने समाज में रहने वाले विद्यार्थी ,बच्चे, बूढ़े को पर्याप्त कौशल प्रशिक्षण दिया जाये | रंजन मिस्त्री के इन सारे उपलब्धियों के पीछे तीन लोगों का भरपूर सहयोग मिला जो इस उतर-चढ़ाव भरे रास्ते में हरदम इनके साथ रहें – विपुल शर्मा (को० फाउंडर ऑफ कैम्पस वार्ता),  कुमार दीपक एवं  प्रेरणा मुखर्या (  फाउंडर ऑफ आउट लाइन इंडिया)

अन्य  उपलब्धियां 

लीन गैप (Lean Gap), बोस्टन यूएसए जो की एक अमेरिकी संगठन है इन्हें बोस्टन में ‘लीन गैप ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम‘ के लिए चुना, संयुक्त राज्य अमेरिका में विश्व स्तर के नेतृत्व के तहत व्यापारिक विचार विकसित करने के लिएअन्य देशों के 40 अन्य छात्रों के साथ  रंजन भी चुने गये |

चेंज मेकर फेलोशिप, ग्लोबल एक्शन ऑन पॉवर्टी  (G.A.P) के रूप में रंजन जी को भारत भर में 20 युवाओं की सूची में चुना गया है।

Asia 21 Young Leaders Initiative,  एशिया सोसायटी, मेलबोर्न ऑस्ट्रेलिया द्वारा अंडर  40 के तहत इन्हें एशिया सोसाइटी एशिया21 युवा नेता के लिए चुना गया है | अत्यधिक प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के माध्यम से, Asia 21 Young Leaders Initiative एशिया-प्रान्त  (40 वर्ष से कम आयु के) के युवाओं  का एक सक्रिय नेटवर्क है जो आपसी समझ और प्रभावी सहयोग को बढ़ावा देने की तलाश में है |