आगे बढऩे का जुनून हो तो अधूरी पढ़ाई भी कॅरिअर में बाधा नहीं बनती है। इस कथन को चरितार्थ कर के दिखाया है विमल पटेल (Vimal Patel) ने जिन्होंने साबित कर दिखाया की हुनर हो, तो कल तक जो विमल पटेल (Vimal Patel) महीने का 4000 कमाते थे और आज वे सुवर्णस्पर्श जेम्स एंड ज्वेलरी (Suwarnsparsh James & Jewellery) के सीएमडी और संस्थापक है और महाराष्ट्र (Maharashtra) में इनके 52 आउटलेट्स है तथा लगभग 550 लोग इनके लिए काम करते है |

परिस्थिति ने जिसको तराशा : विमल पटेल 

विमल पटेल (Vimal Patel) स्कूली पढाई में कुछ कमजोर थे, इस कारण 7वीं कक्षा में वे फेल ही गये, चुकी घर की माली हालत ठीक नहीं थी इसलिए 7 वीं के बाद पढाई छुट गई, उनके पिता जी हीरा तराशने का काम करते थे उन्होंने भी पिता जी से हीरा तराशने का काम सीख लिए जब वे 20 साल के थे एक दिन किसी बात को लेकर पड़ोसी से झगड़ा हो गया। पिता इतने खफा हुए कि घर से निकाल दिया। कह दिया, कहीं और जाकर काम ढूंढ़ लो। मार्च 1996 में मुंबई चले आयें मुंबई आकर एक नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया। शुरुआती दिन तो बड़ी मुश्किल से गुज़रे लेकिन उन मुश्किलों के अनुभव ने विमल को तराश कर ऐसा बना दिया कि आज वो लोगों के लिए एक उदाहरण हैं…

उन्होंने अपना सफर मुंबई में 4000 की नौकरी से शुरू किया था जहाँ वे हीरे तराशने का काम करते थे वहां उन्होंने 2 साल काम किया वेतन भी 4000 से बढ़ कर 6000 हो गया पर वे जानते थे की इस वेतन से उनके सपने पुरे नहीं होंगे, नवंबर 1997 वे कुछ लोगों से मिलें जो रफ डायमंड्स और जेमस्टोन की ब्रोकिंग करते थे।

उन्होंने ने भी धीरे-धीरे यह ट्रिक सीख ली और 1997 के बाद से खुद भी यही काम करना शुरू कर दिया। एक साल हीरे की पॉलिश करने के बाद विमल (Vimal Patel) ने भी ब्रोकर के तौर पर काम किया और कुछ दिन के बाद उन्हें हर रोज 1000 से 2000 रुपये मिलने लगे। उन्होंने ब्रोकर के काम से बचाए हुए पैसों से अपनी खुद की एक कंपनी खोल ली और उस कंपनी का नाम रखा ‘विमल जेम्स’ (Vimal James)।

लेकिन अप्रैल 2001 में उनको एक बड़ा झटका लगा जब उनका कर्मचारी एक कारोबारी के 29 लाख रुपए लेकर भाग गया। उन्हें ये रकम चुकाने के लिए सब कुछ बेचना पड़ा। फिर ब्रोकिंग शुरू की। पांच साल में कारोबार वापस शुरू किया। मुंबई के ज़वेरी बाजार में छोटी-सी जगह लीज पर ले ली उनका आइडिया था कि वह एस्ट्रोलॉजर को हायर करेंगे और ग्राहक उस एस्ट्रोलॉजर की सलाह के मुताबिक रत्नों की खरीददारी करेंगे। विमल (Vimal Patel) का यह आइडिया चल निकला और स्टोर के शुभारंभ के दिन ही लाखों की बिक्री हुई।

इसके बाद विमल ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज उनकी बनायीं हुयी  Suwarnsparsh group के महराष्ट्र में 52 आउटलेट्स हैं और उनकी कंपनी Suwarnsparsh James & Jewellery में लगभग 550 लोग काम करते हैं। उनकी कंपनी 100 करोड़ क्लब में शुमार की जाती है। विमल ने कभी 4,000 रुपये की मजदूरी से अपनी जिंदगी की शुरुआत की थी और आज वे 100 करोड़ की कंपनी  चलाते हैं।

विमल कहते है गाँधी जी की कही एक बात मुझे हमेशा से बहुत प्रेरित करती रही है “पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर हँसेंगे, फिर वो आप से लड़ेंगे, और तब आप जीत जायेंगे।” तो आप भी उन्हें उपेक्षा करने दीजिये, हंसने दीजिये, लड़ने दीजिये, पर अंत में आप जीत जाइये। क्योंकि आप जीतने के लिए ही यहाँ हैं, हारने के लिए नहीं ।