जिस उम्र में लोग खेल-कूद, मौज-मस्ती और पढ़ाई-लिखाई पूरी करने पर लगे होते हैं उसी उम्र में सुहास गोपीनाथ ने एक सपना देखा और फिर दिन रात एक कर जुट गये उस सपने को पूरा करने में। घर परिवार, शिक्षा-दीक्षा कई बाधाएँ आई पर सबों का कुशलतापूर्वक सामना किया। और आज उनके नाम की कई उपलब्धियाँ है। राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी एक पहचान बन चुकी है। सुहास गोपीनाथ एक ऐसे उदाहरण हैं जिन्होनें मुश्किलों के आगे कभी हार नहीं मानी और उन दुर्गम रास्ते को चुना जिसे कठिन समझकर कई लोगों ने छोड़ दिया था। ये Global Inc. के संथापक है ।

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एक मध्यमवर्गिय परिवार में 4 नवम्बर 1986 को सुहास गोपीनाथ (Suhash Gopinath) का जन्म हुआ| इनके पिता भारतीय सेना में रक्षा वैज्ञानिक हैं जबकि उनकी माता कुशल गृहणी हैं।इनकी शुरुवाती पढाई बैंगलुरु (Bangalore) के एयरफोर्स स्कूल से हुई। प्रारंभ में पशु विज्ञान में रुची रखनेवाले गोपीनाथ जब दोस्तों के साथ कम्प्यूर्टस की बाते करते तो उन्हें लगने लगा उनकी रुचि कम्प्यूटर्स में कहीं अधिक है। उस वक्त उनकी परिवारिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि उन्हें कंप्यूटर मुहैया कराई जाए। वह एक साईबर कैफे में जाकर कम्प्यूटर और उसकी कोडिंग सिखने लगे। मगर 15 रुपये की मासिक जेब खर्च साईबर कैफे सर्फिंग के लिए कम पड़ने लगी। तो Suhash Gopinath पहला डिल साईबर कैफे के मालिक से फाईनल की। साईबर कैफे 1 बजे से 4 बजे तक बंद रहता था। सुहास ने फाईनल किया की वह 1 से 4 बजे तक कैफे खोले रहेंगें बदले में साइबर कैफे वाले उसे फ्री में नेट सर्फिंग करने देगें। सुहास ने फ्रीलांसर पर खुद को रजिस्टर कर पहला वेबसाईट का आॅडर लिया।

उस समय उनकी उम्र  13 साल थी और वो  कक्षा 9वीं  में पढ़ते  थे। उन्होंने अपना पहला काम बिना पैसों के किया और फिर कई वेबसाईटस बनाए। उन्होंने 100 डाॅलर कमाए। उनके पास बैंक अकाउंट नहीं था। जब उन्होंने पिताजी से इस बारे में बात की तो उन्हें उनकी नाराजगी का सामना करना पड़ा परंतु उस वक्त इंजीनियरिंग पढ़ रहे बड़े भाई ने उनकी मदद की। फिर गोपीनाथ ने कई वेबसाईटस बनाए। इसके बाद अपनी काबिलियत दिखाने के लिए कूलहिंदुस्तान डॉट कॉम नामक वेबसाईट बनाई जो NRI पर आधारित थी। फिर उन्हें ढेर सारे वेब डेवलपमेंट (Web Development) के आॅफर आने लगे। उनके पिता ने उनके बड़े भाई के लिए कंप्यूटर ख़रीदा उस समय उनके पास भी उतना रूपया जमा हो गए थे और उन्होंने  भी कंप्यूटर खरीद लिया मगर घर में इन्टरनेट कनेक्शन नहीं था ।

उन्हें 14 साल की उम्र में अमेरिकी कंपनी नेटवर्क साल्युशनस ने पार्ट टाइम जाॅब आॅफर किया। वह सुहास की पढ़ाई-लिखाई भी स्पांसर करने के लिए तैयार थी। मगर सुहास बिल गेट्स के बारे में पढ़े थे और वैसा ही कुछ अपना करने का सपना देख रहे थे। इसी दौरान दसवीं की प्री-बोर्ड में गणित में फेल कर गए। माँ को स्कूल में बुलाया गया और फिर माँ ने स्पष्ट कहा सिर्फ पढाई और कुछ नहीं और अपने सर पर हाथ रख कर कसम दिलवाई। 4 महीने तक सुहास ने सिर्फ पढाई की और कम्प्यूटर से दूर रहे। उन्होंने प्रथम श्रेणी से दसवीं उत्तीर्ण की।

वर्ष 2000 में अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर कंपनी की शुरुआत करनेवाले गोपीनाथ प्रतिभावान होने के साथ ही साथ कल्पनाशील भी हैं। जहाँ हिन्दुस्तान में कंपनी रजिस्ट्रेशन के लिए 18 वर्ष का होना अनिवार्य है, वहीं सुहास ने 14 वर्ष की उम्र में 15 मिनट में अमेरिका में कंपनी रजिस्टर की। यह कंपनी अपने ग्राहकों को वेब डिजाईनिंग, आॅनलाईन शाॅपिंग, इन्टेरनेट सुरक्षा और क्रेडिट कार्ड भुगतान आदि में मदद करता है।

सुहास की कंपनी का पहले साल ग्लोबल्स इंक (Global Inc.) का टर्नओवर 1 लाख रहा जो अगले साल 5 लाख तक हो गया। जब सुहास 16 साल के हुए तो उन्होनें महसूस किया की यूरोप में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अधिक अवसर हैं। क्योंकि ज्यादातर भारतीय आई.टी. कम्पनियाँ अमेरिका पर फोकस कर रही थी। जब गोपीनाथ ने स्पेन की कम्पनी को अप्रोच किया तो उन्हें यह कह कर नकार दिया गया कि भारतीयों को स्पैनिश नहीं आती है।उन्होंने इसे एक चैंलेंज के तौर पर लिया स्पेन के युनिवर्सिटी से हायरिंग की। सुहास जिस दिन 18 साल के हुए उन्होंने भारत में कंपनी रजिस्टर किया और चार लोगों कि हायरिंग की। बैंगलुरु में उन्होंने अाॅफिस उसी साइबर कैफे के बगल में खोला है जहाँ से उन्होंने शुरुआत की थी।

Founder & CEO of Global Inc. -Subhash Gopinath -BiharStory is best online digital media platform for storytelling - Bihar | Indiaजब सुहास  17 साल के थे तो पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम से उनकी मुलाकात  15 मिनट के लिए फिक्स हुई जो इतनी गहन थी कि बढ़ कर डेढ़ घण्टे तक चली। जब सुहास अपनी इंजीनियरिंग के 5वें सेमेस्टर में थे तो वर्ल्ड बैंक ने उन्हें बोर्ड आॅफ मेम्बर्स की मीटिंग का न्यौता दिया। वे इस मिटिंग में एकलौते भारतीय थे। सुहास वर्ल्ड बैंक के ICT एडवाईजरी काउंसिल के सदस्य हैं। 2005 में कर्नाटक सरकार ने राज्योत्व अवार्ड से सम्मानित किया था। वे वर्ल्ड इकोनाॅमी फोरम के सबसे युवा सदस्य भी हैं। जब गोपीनाथ छोटे थे तो पैसों के बारे में नही सोचते थे। पर अब जब इतनी बड़ी ग्लोबल कंपनी (Global Inc.) के कर्ताधर्ता हैं तो अपने कर्मचारियों के लिए उन्हें हमेशा सोचना पड़ता है। एक छोटे से साइबर कैफे से शुरु की गई कंपनी आज एक मल्टीनेशनल और मल्टी मिलेनियर कंपनी बन गई है

सुहास गोपीनाथ  दुनिया के सबसे कम उम्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं उनकी कम्पनी ग्लोबल्स इनकार्पोरेटस (Global Inc.) अमेरिका के कैलिफोर्निया में रजिस्टर्ड है। जिस कच्ची उम्र में किशोर वर्ग के लोग मौज मस्ती में जुटे होते हैं वहीं सुहास अपनी कंपनी की समृद्धि और विस्तार के लिए सोच रहे हैं।सुहास की कंपनी के प्रतिनिधी बेंगलुरु के आलावा कैलिफोर्निया, न्यूयार्क, मैरिलैंड, वर्जिनिया और लंदन में भी हैं।

एक समय की बात है जब बेंगलुरु स्थित इंडियन इन्स्टीट्यूट आॅफ साइंस में देश के बड़ी-बड़ी कम्पनियों के सी.ई.ओ. को बुलाया गया तो वहाँ एक कार और भी रुकी, जिसमें से एक लड़का निकला। गेट पर सिक्योरिटी गार्ड ने रोका और कहा तुम बच्चे हो बड़े लोगों के कार्यक्रम में कहाँ जा रहे हो। उस बच्चे ने मोबाइल निकाला और आयोजकों को फोन किया। आयोजक भागते हुए गेट तक आए और सम्मानपूर्वक इस बच्चे को साथ ले गए।वो और कोई नही सुहास गोपीनाथ थे जिन्हें कार्यक्रम में बतौर स्पीकर आमंत्रित किया गया  था ।

 

Story Source by : Kenfolios.com

Manoj Kr Gupta
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