नेतृत्व मुख्य रूप से कार्यों को करने या संभव बनाने का विज्ञान है। लेकिन मुझे लगता है कि हमारे देश में स्थिति उल्टी है। यहां अगर आप काम को होने से रोक सकते हैं तो आप नेता बन सकते हैं। अगर आप काम-काज ठप्प करा सकते हैं, शहर बंद कर सकते हैं, सडक़ रोको, रेल रोको जैसे आंदोलन सफल करा सकते हैं, तो इसका मतलब है कि आप नेता बन सकते हैं। दुर्भाग्य की बात है कि देश को रोकने की कला नेता बना रही है। लेकिन इन बातों से उलट कुछ एसे नेता भी है जो अपनी ईमानदारी, कार्यशैली,और अपनी सादगी के कारण जनता के दिल में एक अलग जगह बना लेते है आज की कहानी एसे ही जन-नेता की है जो पिछले 38 साल से विधायक है जी हां हम बात कर रहे है गुजरात के भाजपा विधायक  की जिन्होंने साइंस  में ग्रेजुएशन किया है। साथ ही बीएससी के साथ एलएलबी की भी पढ़ाई की है।महेंद्र मशरू की सादगी सुनकर आप दंग रह जाएंगे । 

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जूनागढ़ में गिरनार की विशाल पहाड़ी है और इस गिरनार पहाड़ी की परिक्रमा का जैन धर्म में बहुत महत्व है परिक्रमा पर परिक्रमा करने के बाद लोग बोतल नमकीन के खाली रेपर आदि फेंक देते हैं  पर एक आदमी सुबह-सुबह आकर गिरनार पहाड़ी की सफाई करता है यह व्यक्ति और कोई नहीं बल्कि जूनागढ़ के बीजेपी विधायक महेंद्र मशरू है ।

महेंद्र मशरू (Mahendra Mashru) दो बार निर्दलीय और चार बार से बीजेपी के विधायक (BJP Vidhayak) हैं यानी करीब 38 साल से लगातार विधायक है ।जूनागढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र गुजरात विधानसभा में सीट नंबर 86 है। गुजरात के जूनागढ़ (Junagarh, Gujarat) जिले की यह निर्वाचन सीट अनारक्षित है। भाजपा के मशरू महेंद्रभाई (Mahendra Mashru) वर्तमान विधायक हैं। इन्होंने 2012 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के भीखाभाई गालाभाई को 13796 वोटों से हराया था। जूनागढ़ शहर गुजरात का सातवां सबसे बढ़ा शहर है। जूनागढ़ में 194196 कुल पंजीकृत मतदाता जबकि 100050 पुरुष मतदाता और 94146 महिला मतदाता हैं। वर्ष 1998 से भाजपा लगातार यह जीतती आ रही है।

इन्हे अपने चुनाव प्रचार के लिए  किसी खास खर्च की जरुरत नहीं पड़ती
(Mahendra Mashru) शादी नहीं की है एक कमरे के छोटे से मकान में रहते हैं पैर में चप्पल पहने रहते हैं हर वक्त लोगों की सेवा करने के लिए तत्पर रहते हैं हमेशा बस में ही सफर करते हैं इनके पास अपनी खुद की गाड़ी तक नहीं है यह या तो पैदल चलते रहते हैं या बस में सफर करते हैं। अपना पूरा चुनाव प्रचार यह पैदल चलकर ही करते हैं गांधीनगर में विधायक निवास से विधानसभा तक राज्य सरकार विधायकों को आने जाने के लिए बस चलाती है उस बस का सिर्फ महेंद्र मशरू ही इस्तेमाल करते हैं और विधानसभा सत्र पूरा होने के बाद गांधीनगर से बस में बैठकर ही जूनागढ़ चले जाते हैं इनकी सादगी और कर्मठता को नमन …इनकी सादगी और इनके कर्मठता से आज तक कांग्रेस इन्हें हरा नहीं सकी और ना कभी हरा सकेगी वाह आज भी ऐसे नेता मौजूद है, इन्हे अपने चुनाव प्रचार के लिए किसी खास खर्च की जरुरत नहीं है, न ही इन्हे कोई हत्कंडे करने की जरुरत है, पर इनकी सादगी के कारण लोग खुद ही इनको इतना प्रेम करते है की जीता देते है|

Manoj Kr Gupta

Editor at BiharStory
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