हमारे बिहार की बेटियां भी किसी से कम नही है जब भी इन लोगों  को मौका मिलता है तो वे सफलता की वो मिसाल लिखती है । जिसकी कल्पना भी हम नही कर सकते है यानी जब जब हमारी देश की बेटिया अपने मन में ठान ले तो वे सफलता की ऐसी बुलंदीयो को छू सकती है । एवरेस्ट सरीखा चोटी भी इन बेटियों के सफलता के आगे नतमस्तक दिखाई देता है ।

बिहार की दो बहादुर बेटियां सविता महतो और तबस्सूम अली ने नया इतिहास रचा है। 173 दिनों में 29 राज्यो में साइकिल से भ्रमण कर दोनों वापस अपने घर बिहार लौटी आई हैं। 18 जुलाई 2017 को पटना पहुंचने पर दोनों बहादुर बेटियों का स्वागत एनसीसी भवन, राजेंद्र नगर पटना में  किया गया ।बिहार की दो बेटियां, सविता महतो सुपुत्री श्री चौहान महतो, अस्थाई निवासी पानापुर छपरा तथा तबस्सुम अली सुपुत्री श्री अली फादर अस्थाई निवासी झाझा जमुई की हैं जिन्होंने इतिहास रच दिया है। सविता महतो व तबस्सुम अली ने दिनांक 27 जनवरी 2017 को अपना भारत भ्रमण साइकिल से शुरू किया ।

दोनों ने बताया कि लोग यह जानकर आश्चर्य चकित हो जाते थे कि वह दोनों पटना बिहार से हैं । कला संस्कृति एवं युवा विभाग मंत्री शिवचंद्र राम ने दोनों की खूब प्रशंसा की और कहा कि यह दोनों भारत की बेटियों के लिए प्रेरणाश्रोत हैं।

चुकी उनके पास कोई सामर्थ्य समर्थन नहीं था। पटना ग्रुप NCC खासकर बिग्रेडियर रन विजय सिंह ग्रुप कमांडर तथा 25 कैरेट जिसमें यूनिटी ऑफ इंडिया के पटना ग्रुप के पूर्व एनसीसी कैडेट शामिल थे इनका सहयोग करने का बीड़ा उठाया सबसे पहले दोनों जम्मू-कश्मीर पहुंची फिर दक्षिण केरल तमिलनाडु और फिर उत्तर पूर्व राज्यों में गई । अंत में सिक्किम होते हुए दोनों दिनांक 18 जुलाई 2017 को पटना पहुंचीं। रास्ते में उन्होंने सभी राज्यों में कम से कम एक दिन बिताया । 175 दिनों में कुल 12500 किलोमीटर से ज्यादा साइकिल का सफर तय कर दोनों पटना पहुंचीं।

“कौन कहता है आसमान मे सुराख़ नही हो सकता, बस एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो”