आधुनिकीकरण के इस दौर में जहाँ लोग इंसानियत तक को भूल गये हैं वहीं आज भी कुछ लोग हैं जिन्होंने अपनी मानवता पूर्वक कार्य  से मानवता की एक अलग परिभाषा लिखी है। ऐसे ही एक शख्स हैं डेंटल सर्जन डॉ सुमित दुबे| जिन्होंने बहुत ही कम खर्च में देश के ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह डेंटल चिकित्सा कैंप लगाने और डेंटल क्लिनिक खोलने का जिम्मा उठाया है। इस योजना के तहत जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और दिल्ली में डेंटल चिकित्सा कैंप लगाने शुरू किए जा चुके हैं।

डॉ सुमित चाहते है की बिहार, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, हरियाणा जैसे राज्यों के ग्रामीण क्षेत्रों में यह डेंटल चिकित्सा कैंप लगायें जायेंगे और जल्द से जल्द चिकित्सालय की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। लखनऊ से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद डेंटिस्ट की पढ़ाई कर चुके डॉ सुमित दिल्ली में डेंटल सर्जन हैं। डॉ सुमित के पिता केजीएमयू के 1963 के बैच में थे और उन्होंने सोशल वर्क के लिए एएफएमसी में सिलेक्शन होने के बाद जॉब छोड़ दी। पिता के यही गुण बेटे सुमित में भी आ गए और आज वे भी अपना अधिकतर समय गांवों में जाकर लोगों को जागरूक करते हैं | इसके अलावा डॉ सुमित का मकसद है की लोगों को कैंसर के प्रति भी  जागरूक किया जाये।

डॉ सुमित कही से फंड्स नहीं लेते है

खास बात यह है कि इसके लिए डॉ सुमित  कहीं से भी  फंड्स नहीं लेते और अपनी ही कमाई से लोगों का इलाज कर रहे हैं। दिल्ली में प्राइवेट डेंटल हॉस्पिटल में बतौर डेंटल सर्जन काम कर रहे डॉ सुमित हफ्ते के दो दिन (गुरुवार/शुक्रवार) पैतृक गांव कन्नौज में जाकर मरीजों को देखते हैं, उन्हें कैंसर से दूर रखने के लिए टिप्स देते हैं। वहां वर्कशॉप लेते हैं, वहां के अधिकतर लोग तम्बाकू का सेवन करते हैं, जिसके कारण लोगों का मुंह नहीं खुलता है। ऐसे में इन दो दिनों में डॉ सुमित गांव में सभी मरीजों को देखते हैं और उनका इलाज करते हैं, ये सभी निशुल्क करते हैं।

इतना ही नहीं सुमित समय-समय पर स्कूलों में जाकर जागरूकता शिविर भी चलाते हैं और बच्चों को तम्बाकू से दूर रहने की सलाह देते हैं। दरअसल, मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान उन्होंने कई ऐसे लोगों को आते देखा जिनके पास पैसे नहीं है और वो लाइलाज ही रह जाते हैं। पूरी ज़िंदगी जिंदगी और मौत से लड़ते रहते हैं। तभी इन्होंने निशुल्क इलाज करने की सोची।

हेल्थी अफोर्डेबल सोल्युशन नेशनली फॉर आम आदमी

डॉ सुमित ‘हँसना’ नाम से एक कैम्पेन भी चला रहे, जिसका मकसद यह है कि लोग दांत की समस्या से दूर रहे और खुल के हंस सकें। इतना ही नहीं अब सुमित अपने गांवों से भी बाहर निकल रहे हैं और उनका मकसद है भारत के सभी गांवों में जाकर लोगों को जागरूक और उनका इलाज करना। हाल ही में उन्होंने उत्तराखंड और कश्मीर के गांवों का दौरा किया और वहां के लोगों में जागरूकता फैलाई। उनका मकसद है भारत के सभी गांवों को तंबाकू मुक्त करना।

डॉ सुमित  कहते हैं कि 6 महीने के अंदर वो मोबाइल इक्विपमेंट्स खरीदेंगे जिसमें लाखों का खर्च आएगा, इसमें ओरल डिटेक्शन इक्विपमेंट से लेकर व्हील चेयर तक शामिल रहेंगे। ऐसा इसीलिए ताकि वे जहाँ जाये, इन संसाधनों को साथ ले जाएँ और लोगों का सही इलाज हो सके।सुमित जैसे बहुत कम लोग ही हैं जिन्होंने मानवता की सेवा का बीड़ा उठाया है और अन्य लोगों के लिए मिसाल पेश कर रहे हैं।

बात निकलेगी तो दूर तक जाएगी, मेहनत एक दिन जरूर रंग लाएगी

niraj kumar

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
niraj kumar