आज की कहानी एक एसे जांबाज की है | जिसने 11 साल की उम्र में ही बोन कैंसर होने के कारण एक पैर गंवा दिया, पर कैंसर के आगे घुटने नहीं टेके और इसे हराकर ही दम लिया | मौत को मात देकर जिंदगी की नई परिभाषा लिखने वाले हरियाणा सोनीपत के मोहित अब तक नेशनल बॉडी बिल्डिंग चैम्पियनशिप में तीन गोल्ड, दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं |

नेशनल बॉडी बिल्डिंग चैम्पियनशिप (National Body Building Championship) -Mohit -BiharStory is best online digital media platform for storytelling - Bihar | India

मोहित को बचपन से ही था बॉडी बिल्डिंग का शौक

11 साल की उम्र में हुए बोन कैंसर के कारण अपना एक पैर खो देने वाले मोहित (Mohit) को बचपन से ही बॉडी बिल्डिंग (Body Building) का शौक था | 11 साल की उम्र में बोन कैंसर होने के कारण एक पैर गंवा दिया, इसके बावजूद मोहित (Mohit) ने बचपन के सपने को पूरा करने की ठानी और पहले एक पैर पर चलने की प्रैक्टिस किया और बॉडी बिल्डिंग (Body Building) में हिस्सा ले, पिछले एक साल में ही मोहित ने नेशनल बॉडी बिल्डिंग चैम्पियनशिप (National Body Building Championship) में तीन गोल्ड, दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया |

एक रियल हीरो हैं मोहित

हरियाणा (Haryana) के रहने वाले मोहित न केवल उन लोगों के लिए एक बेहतर मिसाल बने, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, बल्कि वो सभी लिए ऐसी रोशनी का काम कर रहे हैं, जिसके सहारे जिंदगी को राह मिलती रहे | साल 2009 में जब मोहित (Mohit) के माता-पिता को पता चला की मोहित को बोन कैंसर हुआ तो माता-पिता से लेकर बड़ा भाई भी सन्न रह गया |

जब डॉक्टरों ने बताया कि ये मौत के मुंह में जा रहे हैं, जब घर वाले इस बात को जानकर टूट गए अपनों को टूटता हुआ देख 11 साल के मोहित (Mohit) ने कैंसर से लड़ने की ठानी और कड़ी मेहनत से न सिर्फ मौत को हराया, बल्कि ऐसे बॉडी बिल्डर बने कि अब तक कई ख़िताब अपने नाम कर चुके हैं| कैंसर के कारण डॉक्टरों ने मोहित का एक पैर दिल्ली के रेलवे सेंट्रल हॉस्पिटल में काट दिया| ऐसे में पूरा परिवार मोहित की दिव्यांगता पर परेशान था, लेकिन मोहित ने उम्मीद नहीं छोड़ी और साल 2010 में उसने कृत्रिम पैर लगवाया | लेकिन साल 2015 में एक दुखद घटना हुई और मोहित का दूसरा पैर फिसलने के कारण कृत्रिम पैर भी जाता रहा| इन सब परेशानियों और दुखों को झेलने के बावजूद मोहित ने नेशनल बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप (National Body Building Championship) में तीन गोल्ड, दो सिल्वर और दो ब्रांज मेडल अपने नाम किए | आज न केवल मोहित का परिवार, बल्कि पूरा समाज उसके जज्बे का सलाम कर रहा है और सरकार से उम्मीद कर रहा है कि मोहित को भी दूसरे अन्य खिलाड़ियों जैसी सुविधाएं दी जाएं| जिससे मोहित देश का नाम रोशन कर सकें |मोहित का अगला लक्ष्य बॉडी बिल्डिंग (Body Building) में मिस्टर यूनिवर्स (Mr. Universe of Body Building) बनना है।

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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