ठंड के मौसम में सर्दी के असर से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करते हैंलेकिन शरीर को चाहे कितने ही गर्म कपड़ों से ढक लिया जाए ठंड से लड़ने के लिए बॉडी में अंदरूनी गर्मी होनी चाहिए। शरीर में यदि अंदर से खुद को मौसम के हिसाब से ढालने की क्षमता हो तो ठंड कम लगेगी और कई बीमारियां भी नहीं होंगी। यही कारण है कि ठंड में खानपान पर विशेष रूप से ध्यान देने को आयुर्वेद में बहुत महत्व दिया गया है। सर्दियों में यदि खानपान पर विशेष ध्यान दिया जाए तो शरीर संतुलित रहता है और सर्दी कम लगती है।

ठंढ के मौसम में अमृत समान है आंवले का प्रयोग

आंवले में पोटेशियम, कार्बोहाइड्रेट,तथा विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है साथ ही ये एंटी ऑक्सीजन से भरा होता है जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ शरीर को स्वस्थ रखने में लाभकारी होता है आंवले में आयरन और विटामिन सी की मात्रा अधिक होती है इस कारण आंवला आँखों की ज्योति बढ़ाने के साथ मोतियाबिंद में कलर ब्लाईंडनेस और आँखों के दर्द में अत्यंत लाभकारी होता है | आंवला भोजन को आसानी से पचाता है और ये इन्सुलिन को सुदृढ़ करने के साथ खून मे सुगर की मात्र को नियंत्रित करता है |

डायबीटीज के मरीजों के लिए सर्वोत्तम औषधि है मेथी के लड्डू

आमतौर पर मेथी का प्रयोग मसाले के रूप में होता है लेकिन ठंढी के मौसम में मेथी से बनी लड्डू लोगो को बहुत पसंद आती है मेथी वायु का शमन करता है मेथी का लड्डू मेथी से बना होने के कारण सोल्युबल फाइबर का स्रोत होता है। इसलिए यह ब्लड में शुगर के सोखने के प्रक्रिया को कम करता है। मेथी में एमिनो एसिड होता है जो इन्सुलिन के उत्पादन को बढ़ाकर डायबीटीज को नियंत्रित   करने में मदद करता है |

गुड़ और तील का सेवन करें और ठंढ को दूर भगाए

ये कहावत भी आपने सुनी होगी, “तिल चटकेजाड़ा सटके” ठंढी के मौसम में गुड़ और तील से बनी सामग्री का प्रयोग अत्यंत लाभकारी होता है तील का तासीर गर्म होता है इसलिए इसका सेवन शरीर को गर्म रखने के साथ खून को भी शुद्ध रखता है | गुड़ और तील से बनी मिठाइयों में तिलकुट प्रमुख है गुड़ का सेवन भूख को बढ़ाने के साथ कब्ज एवं गैस नाशक भी है