छोटे कद के लोगों का अक्सर मजाक उड़ाया जाता है | किसी छोटे कद के इन्सान के लिए कद का  कम होना उसकी ज़िंदगी में तमाम मुश्किलें पैदा करता है | आज हम एक ऐसे इन्सान की बात कर रहे हैं जिन्होंने अपने छोटे कद को ही अपनी सबसे बड़ी हथियार बना लिया उनका नाम है के.के.गोस्वामी | जो बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के पानापुर के रहने वाले हैं |

इन्होने  इन सब बातों को बेहद छोटा साबित करते हुए बॉलीवुड की चमचमाती दुनिया में अपनी एक खास जगह बनाई, और बिहार का नाम रौशन कर रहे |

कभी सर्कस वाले खरीदने आये थे के.के गोस्वामी को

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के पानापुर के रहने वाले के के गोस्वामी और उनके छोटे भाई जो महज 3 फुट के जब इस बात का पता एक सर्कस वाले को चला तो वह मेरे पिता से मिला | और उसने के के गोस्वामी के पिता से कहा कि बड़े बेटे को मुझे दे दिजिए मै आपको 50 हजार रुपए दूँगा, इसे हमलोग सर्कस का काम सिखाएंगे, आप इससे मिल भी सकते हैं | सर्कस वाले की बात सुनकर के के गोस्वामी डर गए, जब उनके पिता जी ने के के गोस्वामी को बेचने से इनकार कर दिया तब के के गोस्वामी को राहत मिली | उस समय के के गोस्वामी लगभग   10-12 वर्ष के थे |

के.के गोस्वामी को छोटे कद के कारण होना पड़ता था शर्मिंदा

के के गोस्वामी एक बार उन्हें उनके ही कद-काठी का आदमी मिला जिसने बीयर बार में नौकरी करने की सलाह दी| उसने उन्हें बताया कि वहां नौकरी करने पर उन्हें 500-700 रुपए मिलेंगे और साथ ही अच्छा खाना भी मिलेगा  उस व्यक्ति की बात मान कर के के गोस्वामी बीयर बार पहुंचे | जब वह अंदर जाने लगे तो बार के चौकीदार ने उन्हें डंडा मारकर बाहर से ही भगा दिया | यह पल के के गोस्वामी  की जिंदगी का वो पल था जब उन्होंने ठान लिया कि अब वह हर हाल में एक्टर बनकर रहेंगे |

के के गोस्वामी के लिए भी आसां नहीं था फ़िल्मी सफ़र

के के गोस्वामी की संघर्ष की कहानी कुछ इस तरह की है की, सुनकर तो हर कोई हैरान रह जाए | के के  गोस्वामी के लिए बिहार के एक छोटे से गांव से लेकर मुंबई तक का सफर आसान नहीं था | इस दौरान कई परेशानियों का सामना करना पड़ा | मुंबई में अपने संघर्ष के दिनों में केके हफ्ते में सिर्फ एक दिन पूरा खाना खाते थे और बाकी दिन 6 दिन वह पानी पीकर बिताया करते थे | उनकी हालत इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें पानी देखकर भी उल्टी आती थी | वह खाने को इतना तरस गए थे कि सिर्फ एक वक्त अच्छे खाने के लिए बिना पैसों के भी काम करने को तैयार रहते थे | कई बार हौसला टूटा भी, कई बार मन में आया कि वापस बिहार लौट जाएं लेकिन बीयर बार वाली घटना ने उनके दिल और दिमाग पर इतना गहरा असर डाल दिया था कि अब एक्टर बनना ही उनके जीवन का एकमात्र लक्ष्य बन गया था | जिसे के.के गोस्वामी ने पूरा किया और अब तक दर्जन भर फिल्मों में काम कर चुके हैं |

छोटा कद की जानकारी के बाद भी होने वाली पत्नी उनसे शादी करने को तैयार थी

के.के गोस्वामी जब जवान हुए तो शादी तय हुआ, लेकिन अंतिम वक्त पर ससुराल वाले बेटी देने से इनकार करने लगे | लड़की ने जब सिर्फ और सिर्फ इनसे ही शादी करने की जिद की तब वे दूल्हा बनकर ससुराल गए, लेकिन दिल में डर था |

छोटा कद की जानकारी के बाद भी होने वाली पत्नी उनसे शादी करने को तैयार थी | घरवाले उसे समझा रहे थे कि अभी भी मौका है | शादी से इनकार कर दो और अपने लिए कोई अच्छा लड़का चुनो | इस पर लड़की का कहना था कि शादी तय होने के दिन से ही मैं उन्हें अपना पति मानने लगी हूं | वे नाटे हुए तो क्या हुआ मैं उन्हीं से शादी करूंगी |

लड़की के इस जवाब के बाद भी गोस्वामी को बरात ले जाने से डर लग रहा था | उन्हें डर था कि बैंड बाजे के साथ पूरे गांव के लोगों को बरात में ले जाउं और अगर लड़की ने मुझे देख कर शादी से मना कर दिया तो? ऐसा होने पर पूरे समाज में बदनामी होती | इस डर से गोस्वामी ने मंदिर में शादी की |

टीवी शो में अपने किरदार के बारे में बताते हुए केके ने बताया कि पहले ज्यादातर स्क्रिप्ट राइटर उनके जैसे कम कद वालों को सिर्फ शो की टीआरपी बढ़ाने के लिए शामिल किया जाता है | लेकिन अब ऐसा नहीं है, अब हालात बदल चुके हैं। हालांकि अभी हालात शायद इतने नहीं बदले हैं कि हमें लीड रोल के रूप में जगह दी जाए |

 

niraj kumar

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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