“पुस्तक प्रेमी बनिये, पुस्तकों को अपनाइये,पढने की आदत डालिये ताकि आपके पढ़ा-लिखा होने की सार्थकता स्थापित हो। याद रखिए पुस्तक से सच्चा साथी कोई नहीं। पुस्तकों का संसार असीम है। पुस्तकें ज्ञान का वह समुद्र है जिसकी एक बूंद भी आपके हिस्से में आई तो समझिये आपने बहुत कुछ पाया है| ज्यादा की तो बात ही क्या है” ये कथन है सुरेन्द्र मोहन पाठक की । अगर आप भी इस बार पुस्तके खरीदने के बारे में सोच रहे तो आइये २४वे पटना पुस्तक मेला में ।

24 वे पुस्तक मेला का आयोजन इस बार गाँधी मैदान में न करके नव निर्मित भवन अशोक अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर परिसर स्थित ज्ञान भवन में 2 दिसंबर से ही आयोजित है । वातानुकूलित और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ज्ञान भवन में पुस्तक मेला 11 दिसंबर तक चलेगा। 2  दिसंबर को बिहार के मुख्यमंत्री श्री नितीश कुमार ने द्वीप प्रज्वलित करके के किया। कला ,संस्कृति और युवा विभाग बिहार सरकार एव सेंटर फॉर रिडरशिप डेवलपमेंट(सीआरडी) की ओर से आयोजित पुस्तकों के इस महाकुंभ में बिहार सहित देशभर के नामचीन प्रकाशक शरीक होंगे। इसबार पुस्तक मेला आयोजन केवल दस दिनों के लिए किया गया है यहाँ पर  साहित्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों से गुलजार रहेगा।

वर्ष 1985 से राजधानी में पटना पुस्तक मेला का आयोजन हो रहा है। पटना पुस्तक मेले के 24वें संस्करण में 210 स्टॉल लगाए गए हैं। इस पुस्तक मेले में बिहार और देशभर के 112 प्रकाशक भाग ले रहे हैं। 

पटना पुस्तक मेले का इस बार का विषय लड़कियों और महिलाओं को समर्पित है। इस बार का विषय ‘लड़की को सामर्थ्य दो, दुनिया बदलेगी’ है। पुस्तक मेले में पहली बार थीम ‘पिंक’ कलर की रखी गई है। पुस्तक मेला रोजाना दोपहर 12 से रात 8 बजे तक चलेगा और शनिवार, रविवार और छुट्टी के दिनों में मेला अवधि सुबह 11 से रात 9 बजे रहेगा।

इसबार  पुस्तक मेले में साहित्य, कला-संस्कृति, समाजसेवा, रंगमंच और फिल्म जगत की कई नामचीन हस्तियां भी शामिल होंगी। साहित्य,कला-संस्कृति और विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर सेमिनार , कवि सम्मेलन, गोष्ठी आदि भी आयोजित होंगे। इस बार भी स्कूली बच्चों के लिए प्रवेश नि:शुल्क होगा। जबकि कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए आईडी कार्ड पर प्रवेश होगा।