उम्र तो है सिर्फ 15 वर्ष पर 151 तरह के  योगासन और 21 तरह के  प्राणायाम करने में दक्ष है और तो और ये सात वर्ष के उम्र में हीं नुकीली किलों पर योग (हठयोग) करने का रिकॉर्ड बना चुकी है | ये परिचय है खगड़िया शहर के लोहा पट्टी शिवालय रोड के रहने वाले बिहार के प्रसिद्ध योगाचार्य धर्मेद्र त्यागी की पुत्री श्रेया त्यागी का | इस उपलब्धि के कारण हीं योगगुरु बाबा रामदेव ने श्रेया त्यागी को ‘नन्ही योगगुरु’ की उपाधि दी है | स्वामी रामदेव जब भी बिहार दौरे पर आते हैं तो वो इस नन्ही योगगुरु से मिलना नहीं भूलते |

पिता को योग करते देख करती थी नक़ल

बिहार के प्रसिद्ध योगाचार्य धर्मेद्र त्यागी की पुत्री श्रेया का जन्म 21 सितंबर, 2002 को हुआ। वह अपने पिता को रोज व्यायाम करते देख उनकी नकल उतारती रहती थी | महज दो वर्ष की उम्र में ही श्रेया त्यागी को योग के लिए नई दिल्ली के राष्ट्रीय शिविर में पुरस्कार से नवाजा गया था |

भले ही गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डस में श्रेया त्यागी का नाम दर्ज नहीं हुआ हो, लेकिन इस नन्ही योगबाला ने  कई राज्यों में अब तक दर्जनों राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीत कर सूबे का मान बढ़ा चुकी है | दो वर्ष की उम्र से ही श्रेया त्यागी को योग के प्रति लगाव था | जिस योगासन को करने में खुद धर्मेद्र त्यागी को परेशानी होती थी, उसे श्रेया त्यागी सहजता से कर लेती थी | उसकी लगन देख धर्मेद्र त्यागी इसे प्रशिक्षण देना शुरू किया और धीरे-धीरे वह योग में पारंगत होती चली गई | खगड़िया की इस होनहार बेटी ने बिहार के अलावा पड़ोसी देश नेपाल केअपनी योगकला का प्रदर्शन कर वाहवाही लूट चुकी है।

वर्ष 2006 में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए चुनी गई बिहार की श्रेया त्यागी सबसे कम उम्र की प्रतिभागी थी | उसे महज चार वर्ष की उम्र में यह सम्मान मिला था | खगड़िया के एसएलडीएवी स्कूल में सातवीं की छात्रा श्रेया की योगविद्या देखकर योग गुरु बाबा रामदेव ने भागलपुर स्थित सेंट जोसेफ स्कूल में आयोजित सभा में उसे ‘नन्ही योगगुरु’ कहकर संबोधित किया |

योग विषय पर घंटों प्रवचन देने वाली श्रेया ने बातचीत के दौरान किसी विदुषी की तरह बोली, ‘मनुष्य जीवन एक संघर्ष है | इसमें जीतते वही हैं जिनका आत्मबल मजबूत होता है | आत्मबल सच्चाई का दूसरा नाम है |

श्रेया त्यागी अपने योग के बाल पर एक प्रशिक्षित जिम्नास्टिक खिलाड़ी की तरह वह अपने शरीर को विभिन्न दिशाओं में किसी भी तरह घुमाने की क्षमता रखती है | इतना ही नहीं, यह नन्ही योगगुरु अपने हठयोग के बदौलत अपने सीने पर चार ईंट रखकर हथौड़े से आसान से तुड़वा लेती है | अब तक दर्जनों पुरस्कारों से नवाजी गई श्रेया त्यागी के गुरु और पिता धर्मेद्र त्यागी कहते हैं, ‘योग के कठिन आसनों, जैसे वृश्चिक, द्विपादसिरासन, गर्भासन, पक्षी आसन, सर्वागासन, पूर्णभुजंगासन एवं मत्स्यासन श्रेया बहुत सहजता से कर लेती है |

मुख्य मंत्री नितीश कुमार भी कर चुके हैं पुरस्कृत

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हाथों पुरस्कृत श्रेया डीएवी स्कूल समूह सहित कई संस्थाओं से भी पुरस्कार पा चुकी है | श्रेया त्यागी  अब तक भारत के 15 से ज्यादा राज्यों में अपनी योग  का प्रदर्शन कर चुकी है | भविष्य की योजना के विषय में श्रेया कहती है की  वह जेल के कैदियों, गरीबों और नि:शक्तों को मुफ्त योग का प्रशिक्षण देना चाहती है | उसने बताया कि बेगूसराय जेल में वह कैदियों को योग प्रशिक्षण दे भी चुकी है |

खगड़िया डीएवी स्कूल के प्राचार्य सी़ एम़ सिंह श्रेया के विषय में कहते हैं, ‘श्रेया स्कूल के बच्चों की रोल मॉडल है | स्कूल समूह से जितना कुछ होगा वह मदद करने को तैयार है | बहरहाल, श्रेया अपनी मेहनत की बदौलत काफी कुछ हासिल कर चुकी है, अब उसे दरकार है सरकार की मदद की, ताकि योग के क्षेत्र में वह विश्व में भी अपना नाम रौशन कर सके |

 

 

niraj kumar

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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