कामयाबी किसको अच्छी नहीं लगती, पर कामयाबी आपसे उसकी कीमत मांगती है और वो कीमत आपको अपनी मेहनत, ईमानदारी और अपने जूनून के रूप में चुकानी पड़ती है | कुछ एसी ही कहानी है बिहार के छपड़ा जिले के रहने वाले खेसारी लाल यादव उर्फ शत्रुधन यादव की जो अपने गाँव से भोजपुरी सुपर स्टार बनने तक का सफ़र तय कर चुके हैं |

भोजपुरी फिल्म (Bhojpuri Star) -अभिनेता (Actor) खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) -BiharStory is best online digital media platform for storytelling - Bihar | India

घर का खर्च चलाने के लिए बेचते थे लिट्टी चोखा

बिहार के छपड़ा (Chhapra, Bihar) जिले के रहने वाले खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) उर्फ शत्रुधन यादव की शुरुवात ही दिलचस्पी लोक गायकी में थी| दिलचस्पी होने के साथ-साथ खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) खुद एक अच्छे लोक गायक और नृतक भी थे | पर गायक बनने के लिए भी पैसे की जरुरत होती है जो खेसारी लाल यादव के पास नहीं थे | तब  पैसे कमाने के लिए खेसारी लाल यादव ने दिल्ली का रुख किया वहां वें धागा कटाई का काम करने लगे| इसी बीच उनके पिताजी ने उनकी शादी करवा दी | अब परिवार का खर्च भी बढ़ गया | तब उन्होंने दिल्ली के ओखला के संजय कॉलोनी में लिट्टी-चोखा की दुकान खोल चलाने लगे | इस काम में खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) की पत्नी भी भरपूर सहयोग करती थी | इस दौरान उनका बी.एस.एफ में चयन हो गया पर गाने के प्रति जूनून के कारण बी.एस.एफ की नौकरी में मन नहीं लगा | फ़िर उन्होंने थोड़े पैसे जुटा कर एक एलबम निकला, और वो एलबम हिट हो गया इसके बाद लोग खेसारी लाल यादव को बतौर गायक पहचानने लगे | अपनी गायकी में खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) अपनी ठेठ देहाती भाषा का उपयोग करते हैं |

एक अच्छे गायक के अलावा खेसारी लाल यादव एक अच्छे अभिनेता भी साबित हुए

एक अच्छे गायक के अलावा खेसारी लाल यादव एक अच्छे अभिनेता (Bhojpuri Star) भी साबित हुए | खेसारी लाल यादव की  में बतौर अभिनेता पहली भोजपुरी (Bhojpuri Star) फिल्म थी साजन चले ससुराल | इसके लिए खेसारी लाल यादव को मेहनताना के रूप में मात्र ग्यारह हजार रूपए मिले थे खेसारी |पहली फिल्म साजन चले ससुराल सिल्वर जुबली हुई | इस फ़िल्म ने खेसारी लाल यादव की जिंदगी ही बदल दी | वो कहते हैं न ‘बिग ब्रेक’ स्ट्रगल पर ‘बिग ब्रेक’ फिर तो  कई फिल्मों का ऑफर मिलने लगा | खेसारी लाल यादव ने अबतक 50 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके हैं जिनमे (Bhojpuri Star) के तौर पे उन्होंने पांच फिल्में लगातार सिल्वर जुबली रही | साथ ही खेसारी लाल ने बताया कि मेरा बचपन गांव में बीता है |गांव में मैं भैंस चराने जाया करता था | इसी बीच पिताजी परिवार का पालन पोषण करने के लिए दिल्ली आ गए | खेसारी लाल यादव को ये कामयाबी तुक्के में नहीं मिली है, इसके पीछे उनकी मेहनत का परिणाम है |

जिंदगी जीने का तरीका उन्हीं लोगों को आया है
जमाया है सर्द रातों में खुद को तपती धुप में खुद को तपाया है
वही हुए हैं कामयाब जिंदगी में, उन्होंने ने ही इतिहास रचाया है।

niraj kumar

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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