दोस्तों अगर किसी फुल के कली को उसके खिलने से पहले हीं तोड़ लिया जाये तो क्या वह फुल अपनी सुन्दरता प्राप्त कर सकती है? आप का जवाब होगा नहीं | तो हमलोग ये बात कैसे भूल जाते हैं की वो छोटे बच्चे जिनकी शादी उनके माता पिता अल्पायु में हीं करवा देते हैं उसका क्या हाल होगा | वो बच्चे तो शादी का मतलब भी सही तरीके से नहीं जानते | जीस शादी से यूवा तक घबरा जाते हैं वहीँ इन छोटे-छोटे बच्चो को जीवन के इस बंधन में कैसे बाँधा जा सकता हैं |अगर हम पुरे विश्व की बात करे तो पुरे विश्व में जो बालविवाह होता है उसमे अकेले भारत की हिस्सेदारी 40% है और अगर अपने बिहार की बात करे तो उस 40% में अकेले बिहार में सबसे अधिक 68% बाल विवाह की घटनाएं होती है , जो काफी दुखद है |

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सबसे बड़ा दोषी हमारा समाज हीं है

कहने को तो बाल विवाह को रोकने और इसे बढ़ावा देने वालों पर कड़ी कार्यवाही के लिए ढेरों कानून बने हुए हैं, इसके बावजूद भी सरकार इस जघन्य अपराध पर पर रोक नहीं लग पा रही है | इसमें सबसे बड़ा दोषी हमारा समाज हीं है | अगर कोई आवाज़ उठाता भी है तो उसे इसी समाज द्वारा दबाने की भरपूर कोशिश भी की जाती है | इस बात का जीता-जागता उदाहरण है बिहार के शिवहर जिले के दलित परिवार में जन्मी मीना कुमारी (Mina Kumari) जिसने पांचवीं कक्षा में पढ़ने के दौरान ही मीना ने बाल विवाह को ठुकराते हुए शादी करने से इनकार कर दिया था, और इसी समाज ने मीना कुमारी और उसके परिवार को बहिष्कृत कर दिया था | समाज से बहिष्कृत होने के बावजूद मीना ने हार नहीं मानी और अब उसी मीना को बिहार (Bihar) सरकार ने बाल विवाह और दहेज उन्मूलन अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया है (Brand Ambassador Eliminate Child Marriage, Bihar) |

काँटों भरा था मीना का रास्ता

वर्ष 2005 की बात है जब मीना कुमारी (Mina Kumari) की उम्र तक़रीबन 13 थी| मीना के पिता इस अल्पायु में हीं उसके हाँथ पीले करना चाह रहे थे, इसका मीना ने भरपूर विरोध किया | इस विरोध का खामियाजा मीना के साथ-साथ उसके पुरे परिवार को भुगतना पड़ा, फलस्वरूप मीना और उसके पुरे परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया|

समाज से बहिष्कृत किए जाने के के कारण मीना का सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा, पर मीना ने हार नहीं मानी | एक स्वयंसेवी संगठन की सदस्या रानी गुप्ता ने मीना को हिम्मत दी और मीना कुमारी का नामांकन कन्या मिडिल स्कूल शिवहर में करवाया | मीना ने पढ़ाई पूरी की और 2016 में उसने मैट्रिक की परीक्षा पास की | अब 25 वर्ष की हो चुकी मीना बीआरए बिहार विवि मुजफ्फरपुर (Muzzafarpur, Bihar) के पीजी हॉस्टल में रहकर पीजी की पढ़ाई कर रही है | मीना पढ़ाई के साथ खेल में भी अव्वल रही है | मार्शल आर्ट, कबड्डी के अलावा भी कई खेल प्रतियोगिताओं में वह कई बार सम्मानित हो चुकी है |

सरकार ने मीना को ब्रांड एंबेसडर बनाया

14 दिसंबर को शिवहर पहुंचे बिहार (Bihar) के सीएम नीतीश कुमार ने खुले मंच से बिहार की इस बहादुर बेटी के जज्बे को सलाम किया | सीएम नीतीश कुमार ने उसे बाल विवाह व दहेज उन्मूलन अभियान का जिले का ब्रांड एंबेसडर बना दिया (Brand Ambassador Eliminate Child Marriage, Bihar) | गांव की बेटी की इस उपलब्धि पर पूरे शिवहर में जश्न का माहौल है | वहीं मीना (Mina Kumari) भी अपनी उपलब्धि से उत्साहित है | वह दहेज प्रथा के खिलाफ मजबूत अभियान चलाना चाहती है | मीना ने कहा कि, किसी भी अभियान के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है, तब जाकर मुहिम को मुकाम मिलता है |

niraj kumar

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एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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