इस संसार में मानवता की सेवा करना हीं सबसे बड़ा धर्म है और इस कथन को सच कर के दिखा रहे हैं प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदिये क्षेत्र  वाराणसी के 20 वर्षीय नवयुवक अमन यादव | अमन यादव मानव सेवा को हीं अपने मुख्य काम के रूप में देखते हैं | जो व्यक्ति लावारिस हालत में सड़कों के किनारे बीमार अवस्था में पड़े रहते हैं उन लोगों के लिए अमन यादव किसी मसीहा से कम नहीं हैं|

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गरीबों के हक़ के लिए किसी से भी भीड़ जाते हैं अमन यादव

लावारिस बीमारों के मदद और हक़ के लिए अमन यादव (Aman Yadav) किसी से भी भीड़ जाने में तनिक भी संकोच नहीं करते हैं | ये आपको कभी सरकारी अस्पताल में किसी डॉक्टर से झगड़ते तो कभी किसी लावारिस की मरहम-पट्टी करते दिख जायेंगे | अमन यादव (Aman Yadav) की उम्र भले ही कम है, लेकिन उनका जुनून ही है जो उन्हें समाज की भीड़ में सबसे अलग लाकर खड़ा कर देता हैं| अमन यादव को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि सामने वाला कितना बड़ा अधिकारी, नेता या मंत्री है | उन्हें फर्क पड़ता है तो सिर्फ इससे गरीब को उसका हक मिल रहा है या नहीं | दरअसल, अमन (Aman Yadav) का काम ही कुछ ऐसा है जो उन्हें दूसरों से अलग करता है। सही मायने में अमन एक सच्चे समाजसेवी (Social Worker) हैं जिन्हें दिखावा करना नहीं आता |

जो लोग लावारिस हालत में घायल या बीमार पड़े रहते हैं, उनके लिए अमन यादव (Aman Yadav) से मुलाकात किसी वरदान की तरह हीं होती है | अमन की नजर जैसे ही ऐसे किसी व्यक्ति पर पड़ती है वह तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाते हैं |और तब तक उस मरीज के साथ रहते हैं जब तक या तो उसका सही उपचार न हो जाए या उसे  अस्पताल में भर्ती न कर लिया जाए | ऐसा नहीं कि मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद ये भूल जाएं, बल्कि बराबर मरीज मिलकर स्थिति जानते रहते हैं |

एक अनूठे समाजसेवक हैं अमन

अमन यादव (Aman Yadav) ठंढ के मौसम में सड़क पर घूमते मिलते हैं, अगर कोई बिना कंबल का दिखे तो उसे कंबल ओढ़ाते हैं | गरीबों के लिए कंबल या ऊनी कपड़ों की व्यवस्था भी वह समाज के लोगों से ही करते हैं |अमन यादव (Aman Yadav – Uttarpradesh) खुद  घर-घर जाकर पुराने कपड़े और ऊनी वस्त्र, कंबल आदि एकत्र करते हैं, और समय-समय पर उसे जरुरत मंद को  उपलब्ध कराते हैं | अमन यादव (Aman Yadav – Uttarpradesh) किसी भी एनजीओ से नहीं जुड़े हैं| यहां तक कि उनका बैंक अकाउंट भी नहीं है | कई एनजीओ ने अमन को अपने साथ जोड़ने की कोशिश भी की, लेकिन वह तैयार नहीं हुए | वह समाज से सहयोग लेते हैं और लावारिसों की मदद करते हैं |

चलती फिरती डिस्पेंसरी हैं

अमन यादव (Aman Yadav – Uttarpradesh) हमेशा अपने साथ एक बैग लेकर चलते हैं | अमन के इस बैग में मरहम पट्टी, बिस्किट, पुराने कपड़े और कुछ अन्य जरूरी सामान होते हैं | सामने कोई पीड़ित दिखने पर अमन उसका प्रारंभिक इलाज करने के साथ ही उसे कुछ खाने के लिए भी देते हैं|

niraj kumar

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एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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