‘खून’ का रिश्ता इंसानियत की डोर मजबूत करता है। कई ऐसे मौके आते हैं जब जिंदगी-मौत से जूझ रहे लोगों को कोई अनजान आता है और अपना कीमती रक्तदान करता है कुछ इस तरह के हीं रक्तदानी हैं उत्तर प्रदेश के आगरा शहर के रघुवीर सिंह जी, जो आज सिर्फ उत्तरप्रदेश ही नहीं बल्कि पुरे देश के लिए आशा की किरण की तरह हैं | अगर किसी को भी रक्त की आवश्यकता हो तो बेझिझक रघुवीर सिंह जी से संपर्क कर सकते हैं |

जीवन रक्षक सोसाइटी (Jeevan Rakshak Society) - रक्त वीर (Rakht Veer) Raghuveer Singh - Uttarpradesh - Bihar Story is best online digital media platform for storytelling - | Bihar | India

वर्ष 2008 में शुरू किया था मुहीम

एक फार्मा कम्पनी में बतौर एम,आर काम करने वाले रघुवीर सिंह (Rakht Veer Raghuveer Singh) के एक मित्र के माता जी की तबियत 2008 में ख़राब हो गई थी और उन्हें डॉक्टर ने रक्त चढाने के लिए बोला, काफी प्रयास के बावजूद उनके ग्रुप का रक्त नहीं मिल रहा था | फिर रघुवीर सिंह (Rakht Veer Raghuveer Singh) ने फेसबुक के द्वारा लोगों से सहायता मांगी और मदद मिल गई इस तरह से रघुवीर सिंह ने अपने दोस्त की माता जी की जान बचाई | इस घटना के बाद रघुवीर सिंह ने ठान लिया की अब रक्त की कमी को लेकर कोई परेशान नहीं होगा और किसी की जान नहीं जाने दूंगा | कुछ इस तरह की सोंच के साथ उन्होंने जीवन रक्षक सोसाइटी (Jeevan Rakshak Society)  की नीव डाली जिसमे रघुवीर सिंह (Rakht Veer Raghuveer Singh) के अलावा 15 लोग और जुड़ गए |

आज जीवन रक्षक सोसाइटी लोगों को दे रहा है जीवन

रघुवीर सिंह ने जीवन रक्षक सोसाइटी की शुरुवात फेसबुक से हुई थी | जिस किसी को भी रक्त की जरुरत होती वो जीवन रक्षक सोसाइटी (Jeevan Rakshak Society) के द्वारा रघुवीर सिंह से संपर्क करते | मात्र दो वर्ष की छोटी सी अवधि में हीं जीवन रक्षक सोसाइटी (Jeevan Rakshak Society) कुछ इस तरह लोकप्रिय हुआ की ये जीवन रक्षक सोसाइटी (Jeevan Rakshak Society) आगरा से होते हुए पुरे उत्तरप्रदेश (Uttarpradesh) में छा गया| लोगों की सहायता की लिए चंद लोगों से शुरू हुआ ये मुहीम आज हजारों में पहुँच गया |और आज के समय में हिंदुस्तान में कहीं भी किसी को रक्त की जरुरत पड़ती है तो जीवन रक्षक सोसाइटी (Jeevan Rakshak Society) उसे जरुरी रक्त रक्त काफी सरलता से उपलब्ध करवा देती है | आज पुरे देश में जीवन रक्षक सोसाइटी के सदस्यों की संख्या डेढ़ लाख से भी अधिक है |

मानव कल्याणकारी सोंच रखने वाले रक्तवीर रघुवीर सिंह (Rakht Veer Raghuveer Singh) कहते हैं  “वो मानव किस काम का जो किसी दुसरे मानव के काम ना आए | दुनिया में रक्त का दूसरा विकल्प नहीं है, रक्त की पूर्ति केवल रक्त से ही हो सकती है। रक्तदान महादान है, जीवनदान है, इससे बढ़कर कोई पुण्य नहीं है |”

niraj kumar

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एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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