दोस्तों आज के समय में घर में शौचालय का होना कितना जरुरी है ये बताने वाली बात नहीं है | घर में शौचालय नहीं होने के कारण मज़बूरी बस लोगों को खुले में शौच करना पड़ता है, और खुले में शौच करने में सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को आती है | दोस्तों आज भी हमारे देश में लगभग 54% घरों में शौचालय नहीं है, जो काफी गंभीर विषय है | दोस्तों हम चर्चा करेंगे बिहार के एक आदर्श ब्लॉक की जीस पर पीएम मोदी के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ और नीतीश के ‘हर घर में शौचालय’ की उड़ान को पंख देने का काम कर रहा है | बिहार के रोहतास जिले के विक्रमगंज अनुमंडल के 6 पंचायत और छोटे-बड़े 64 गांवों वाला संझौली ब्लॉक के हर घर में शौचालय है |

लोगों ने 55 दिनों बनाए 7 हजार शौचालय

प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ और नीतीश के ‘हर घर में शौचालय’ की उड़ान देखनी हो तो आए बिहार के रोहतास जिले के विक्रमगंज अनुमंडल के 6 पंचायत और छोटे-बड़े 64 गांवों वाला संझौली ब्लॉक में  स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से स्वच्छ रहने और खुद को खुले में शौच जाने जैसी सामाजिक कुरीति से बचने की अपील की थी. पीएम का राष्ट्र के नाम ‘स्वच्छ भारत’ का यह संबोधन चुपचाप जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है | यहाँ के लोगों ने मात्र 55 दिनों में हीं सात हजार शौचालयों का निर्माण कर डाला इसके लिए किसी ने मंगलसूत्र बेचा तो कोई सड़कों पर आया |
वैसे तो संझौली को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए सबने प्रयास किए लेकिन फूल कुमारी, सरोज कुमारी और विभेद पासवान की कहानी संझौली ही नहीं हम सबके लिए स्वच्छता के प्रति प्रेरणा देने का काम करती है |

फूल कुमारी ने शौचालय बनवाने के लिए अपना मंगल सूत्र को गिरवी रखा और एक नई मिसाल पेश की | फूल कुमारी के इस प्रयास के लिए रोहतास के जिलाधिकारी ने उसे स्वच्छता अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया | उदयपुर पंचायत की सरोज कुमारी ने खुले में शौच जाने के दौरान सांप काटने से अपनी पति के मृत्यु के बाद शौचालय निर्माण के लिए लोगों को प्रेरित करने अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया. अपनी कहानी बताकर लोगों से शौचालय बनावाने का आग्रह करती और उन्हें समझाती कि अगर वो अपने पति और बच्चों की सलामती चाहती हैं तो अपने घरों में शौचालय बनवाएं | इन नायकों के अलावा विभेद पासवान जैसे लोक गायक इस मुहिम को जन आंदोलन का रूप देने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं | पासवान शौचालय निर्माण के महत्व पर गीत लिखते और लोगों के बीच गाते हैं. उन्हें अपनी गीत और संगीत के जरिए प्रेरित करते हैं |

शुभ ग्यारह से शुभारंभ और सम्मान घर जैसे प्रयासों से मिली सफलता

संझौली के एसडीएम राजीव कुमार कहते हैं लोगों को जागरूक करने के बाद यह तय किया गया कि एक नियमित समय पर शौचालय निर्माण का काम शुरू किया जाए. ऐसे में यह तय हुआ कि हर महीने की 11 तारीख को हर गांव में ग्यारह गढ्ढे की खुदाई कर शौचालय निर्माण का काम शुरू करवाया जाए.

शौचालय नहीं सम्मान घर

यहाँ शौचालय की मांग को बढ़ाने के लिए यहां शौचालय को एक नया नाम दिया ‘सम्मान घर’ | शौचालय का नाम सम्मान घर सुनकर कुछ समय के लिए मैं भी सोचने को मजबूर हो गया | राजीव कुमार ने बताया कि चूंकि शौचालय महिलाओं के सम्मान से जुड़ा हुआ मामला है इसलिए इसे सम्मान घर नाम दिया. महिलाओं ने इसे अपनाते हुए इस मुहीम में अपनी सहभागिता दी |

सुबह होते हीं खुले में शौच जाने वालों पर रखी जाती है नजर

संझौली के उदयपुर पंचायत के निगरानी समिति के सदस्य कहते हैं कि सुबह 4 बजे से एसडीएम, डीएसपी सहित अन्य अधिकारी व गांव के प्रेरक सुबह-सुबह खुले में शौच जाने वालों पर नजर रखते थे | उन्हें रोककर खुले में शौच जाने से रोकने और शौचालय का उपयोग करने के लिए प्रेरित करते थे |

niraj kumar

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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