अगर आप आत्मविश्वास से ओत-प्रोत हैं और मन में कुछ कर दिखाने का जज्बा हो तो आप कुछ भी कर सकते हैं, दुनिया की हर चीज आपसे छोटी हो जाएगी | दोस्तों आज हम चर्चा करेंगे बिहार छपरा की ऐसी  ही एक  बहादुर बेटी जो निकल पड़ी है महिला सुरक्षा, अजन्में कन्या भ्रूण की सुरक्षा एवं महिला सुरक्षा का संदेश लेकर साइकिल से पूरी दुनिया में संदेश देने | उस बहादुर बेटी का नाम है सविता महतो|

पिता बेचते हैं  मछली

सविता महतो बिहार छपरा के सारण पानापुर की मूल निवासी है | पानापुर निवासी चौहान महतो एवं क्रांति देवी की पुत्री है सविता महतो | पिता चौहान महतो कोलकाता में मछली बेचते हैं, सविता की पढाई भी कोलकाता से ही हुई है | कोलकाता में पढ़ी 24 वर्षीय सविता महतो अब महिला सुरक्षा, अजन्में कन्या भ्रूण की सुरक्षा एवं महिला सुरक्षा का संदेश लेकर साइकिल से पूरी दुनिया में संदेश देने 1 अप्रैल को दिल्ली से दुनिया की यात्रा पर निकल चुकी है |

इससे पहले भी संदेश यात्रा कर चुकी है सविता

इस यात्रा से पहले भी सविता महतो अपने हौसले के दम पर गंगा-जमुना और अन्य पवित्र नदियों को साफ करने का संदेश लेकर पहाड़ पर करीब 4800 किलो मीटर की साइकिल यात्रा कर नदियों के प्रदूषण मुक्त करने का संदेश दे चुकी है | फिर बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ अभियान  के लिए साइकिल से 12,500 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी हैं। यह यात्रा सविता ने देश के 29 राज्यों की सीमाओं से होकर की थी | दिल्ली से वह यात्रा प्रारंभ करेगी, उसका अगला पड़ाव नेपाल होगा, उसके बाद वह भूटान जाएगी | सविता ने कहा कि वह उसके लिए श्रीलंका के राजनयिक से वीजा के लिए बात कर चुकी है | उसने केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु से मिलकर अपनी योजना के बारे में जानकारी दी है। सविता ने बताया कि उसे अपने घर के लोगों का ही सपोर्ट नहीं मिल रहा है। वह उसके लिए महाराजगंज के सांसद जनार्दन ¨सह सिग्रीवाल से मिल चुकी है।

एवरेस्ट फतह की भी है तमन्ना

सविता महतो एक अच्छी पर्वतारोही भी हैं | सविता महतो हिमालय के संतोपथ पर्वत पर चढ़ाई कर चुकी है | जमीन से साढ़े सात हजार मीटर ऊंचाई पर जाकर उसने तिरंगा भी लहराया था | अब सविता  विश्व की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट पर चढ़ तिरंगा फहराना चाहती है | लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह इस कार्य को नहीं कर पा रही है | वह बिहार सरकार से भी गुहार लगा कर थक चुकी है, पर कोई फायदा नहीं हुआ | वह पिछले साल तत्कालीन कला संस्कृति मंत्री शिवचंद्र राम एवं बिहार के कई अधिकारियों से मिलकर एवरेस्ट अभियान के लिए आर्थिक मदद करने की गुहार लगा चुकी है। लेकिन उसे निराशा हाथ लगी है लेकिन इस बहादुर बेटी का का हौसला अभी तक बरकरार है |

niraj kumar

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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