अभी तक हमारे समाज में ये माहौल नहीं बन पाया है की महिलाएं या लड़कियां अपने आप को सुरक्षित महसुस कर सके |  एसा इसलिए की कही-न-कहीं महिलाओं और लडकियों के मन में ये बात मन  में बैठी रहती है की हम पुरुषों के मुकाबले कमज़ोर है, और यही कारण है की महिलाएं आज भी खुल-कर बोलने में हिचकती है | पर आज हम चर्चा करेंगे पटना के सटे अनीसाबाद की 19 वर्षीय बच्ची की जो ताइक्वान्डो चैंपियन है और वक्त पड़े तो अच्छे-अच्छों की धुनाई कर सकती है, साथ हीं पटना के महिला ऑटो चालकों को निःशुल्क ताइक्वांडो की ट्रेनिंग देती है ताकि वे अपनी सुरक्षा खुद कर सके |

ऑटो चालक की बेटी है नेहा

ताइक्वांडो मास्टर नेहा पटना शहर से मात्र 5 K.M की दुरी पर स्थित अनीसाबाद की रहने वाली है | नेहा के पिता का नाम पिता नवीन कुमार मिश्रा जो पेशे से ऑटो चालक हैं और पटना जिला ऑटो चालक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं | एक साधारण परिवार की नेहा देखने में एक आम और सीधी-साधी लड़की लगेगी | शांत स्वभाव की नेहा से पहली  मुलाकात में वो बिलकुल आम घरेलू लड़कियों की तरह ही लगेगी | लेकिन आत्म-विश्वास से भरी हुई ये आम लड़की आज समाज के लिए एक मिसाल बन गई है | नेहा काफी कम उम्र से ही ताइक्वांडो की ट्रेनिंग लेना शुरू कर दी थी | आज वो पटना की सभी महिला ऑटो चालक को मुफ्त में ताइक्वांडो की ट्रेनिंग भी देती हैं ताकि वे अपनी सुरक्षा खुद कर सकें |

काफी मुश्किल था साड़ी पहनने वाली महिलाओं को ताइक्वांडो की ट्रेनिंग देना

पटना में महिलाओं को ऑटो चालक के रूप में उतारने की पहल नेहा के पिता ने ही की थी और उनकी सुरक्षा के लिए उनकी बेटी नेहा ने उन्हें ताइक्वांडो की ट्रेनिंग देने का फैसला किया था | पर ये सब इतना आसान न था शुरुआत में महिलाओं को ताइक्वांडो की ट्रेनिंग देना काफी चुनौतियों भरा कम था |  औरतें साड़ी पहन कर आती थीं उनको ट्रेनिंग देना मुश्किल हो जाता था, मगर धीरे-धीरे हमने सभी चुनौतियों को पार करके सफलता हासिल की |

आज नेहा की मेहनत रंग लाई, अब पटना की सड़कों पर महिला ऑटो चालक गुंडों और मनचलों के डर के बिना बेधरक ऑटो चला रही हैं |  नवीन कुमार मिश्रा ने बताया कि ताइक्वांडो सिखने का ऑटो चालकों को फायदा भी हुआ है  | एक ऑटो चालक ने बोरिंग रोड के पास एक मनचले की धुनाई भी की थी |

नेहा की मां का कहना है कि आज मेरे सारे बच्चे कहीं भी जाते हैं तो मुझे डर नहीं लगता l मुझे पता है कि मेरे बच्चे अपनी सुरक्षा करना जानते हैं l आज नेहा ही नहीं उसके सारे भाई बहन भी ताइक्वांडो सीख रहे हैं l नेहा ऑफिसियल ताइक्वांडो चैंपियनशिप के जिला स्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं l वही ताइक्वांडोशिप की एक दूसरी श्रेणी की प्रतियोगिता जिसे फ्रेंडशिप ताइक्वांडो चैंपियनशिप कहा जाता है, उसमे नेशनल लेवल में गोल्ड मेडल की विजेता रह चुकी हैंl इसके साथ ही नेहा ने स्कूल लेवल के चैंपियनशिप प्रतियोगिता में जिला और राज्य स्तर में गोल्ड मेडल जीत चुकी है |

आज न सिर्फ नेहा निर्भीक हुई हैं बल्कि उसके दोस्त भी उसकी मौजूदगी में खुद को निर्भीक महसूस करते हैं | आज नेहा के साथ अगर उसकी कोई दोस्त भी कही जाती हैं तो उसकी दोस्त के साथ ही उसकी दोस्त के माता पिता भी बेफिक्र रहते हैं कि नेहा उनकी बेटी के साथ हैं |

niraj kumar

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
niraj kumar