दोस्तों अगर आप एक बेहतर और खुशनुमा जिंदगी जीने की तमन्ना अपने दिल में रखते हैं तो फिर तैयार हो जाइये किसी दुसरे के होठो पर मुस्कान लाने के लिए | क्योकि जो ख़ुशी किसी दुसरे की मदद करने में मिलती है वो शायद ही किसी और कार्य में मिलता हो | अगर हम आज के नौजवान पीढ़ी की बात करें तो आप को कई एसे उदाहरण मील जायेंगे जिन्होंने मानवता की एक नई मिसाल कायम किये हैं | इन्ही नौजवानों में एक नाम बिहार की राजधानी पटना से 30 km की दुरी पर स्थित बिहटा के लवकुश का भी नाम आता है, जिन्होंने 4 सितंबर 2016 को अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर “आवाज एक पहल” नामक संगठन शुरू किया |

आवाज एक पहल” (Aawaz Ek Pahel) -Luv Kush -Bihta -BiharStory is best online digital media platform for storytelling - Bihar | India

शुरुआत पौधा रोपण से हुई

4 सितंबर 2016 को शुरू हुए “आवाज एक पहल” (Aawaz Ek Pahel) नामक संगठन ने सबसे पहले लोगों को पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने की ठानी और आपस में हीं कुछ पैसे इकट्ठे कर बिहटा (Bihta, Bihar) में हीं 100 पौधों का रोपण कर शुरुवात किया |

‘आवाज एक पहल’ के माध्यम से गरीबों के लिए हर संभव मदद करते हैं

आज किसी भी मध्यम परिवार में कोई एसा घर नहीं होगा जिनके पास पुराने कपड़े न हो,वो कपड़े बेकार में ही घर में पड़े रहते हैं, दूसरी ओर कई एसे गरीब परिवार हैं जिनके पास नए कपड़े तो बहुत दूर की बात है उनके पास इतने पैसे भी नहीं होते हैं की वे पुराना कपड़ा भी खरीद सके|

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एसे में “आवाज एक पहल” (Aawaz Ek Pahel) की टीम ने मिलकर गरीबों के लिए कपड़ों का इंतजाम करने का सोचा | इसके लिए  इन्होंने पुराने कपड़े इकट्ठे करने के लिए एक कैंपेन की शुरुआत की, और हर घर में जाकर लोगों को इस इस सराहनिए कार्य में योगदान देने के लिए जागरूक किया | परिणामस्वरूप इलाके के लोगों ने भी इसमें अपना उत्साह दिखाया और लोगों की मदद से युवाओं की इस टोली ने एक महीने के अंदर ही हजारों कपड़े इकट्ठे कर लिए | फिर इन कपड़ों को अलग-अलग गरीब बस्तियों में बांटा गया |

इस सफलता से उत्साहित संस्था ने एक और कैपैंन की शुरुआत की | इस बार मकसद था गरीब छात्रों की पढ़ाई के लिए किताबों की व्यवस्था करने का | इस कैंपेन के दौरान संस्था को 2000 नये पुस्तकें मिली | जिसे इन युवाओं ने अलग अलग सरकारी विद्यालयों में जरूरतमंद बच्चों को बांट दिया |

इन सराहनीये कार्यों की की वजह से क्षेत्र के लोग धीरे-धीरे लोग ‘आवाज एक पहल’ (Aawaz Ek Pahel) और लव-कुश (LuvKush) को पहचानने लगे | अब “आवाज एक पहल” (Aawaz Ek Pahel) ने किसानों के लिए कुछ करने की सोची | इन्होंने 22 जनवरी 2017 को बिहटा में इलाके के 30 सर्वश्रेष्ठ किसानों को सम्मानित किया | किसानों को सम्मानित करने की इस पहल ने संस्था को इलाके में मशहूर कर दिया| ये पहला मौका था जब किसी संस्था ने किसानों को बड़े आदर और अदब के साथ सम्मान दिया हो | कुछ साल पहले चंद लोगों के साथ शुरू हुए इस संस्था के साथ आज 5000 से भी ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं |

गरीब बच्चों के लिए नि:शुल्क शिक्षा केंद्र की शुरुआत

साथ हीं ‘आवाज एक पहल’ (Aawaz Ek Pahel) संस्था के द्वारा नि:शुल्क शिक्षा केंद्र की शुरुआत की जा रही है | इस केंद्र में 30 गरीब बच्चों को मुफ्त में शिक्षा दी जाएगी | संस्था ने अभी तक तक दो ऐसे नि:शुल्क शिक्षा केंद्र शुरू कर दिया है जहां 60 बच्चों को फ्री पढ़ाया जाता है | संस्था इस महीने से वृक्षारोपण कैंपेन की शुरुआत भी करने जा रही है |

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
niraj kumar