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जिस देश की आस्था, संस्कृति और परंपरा  की शाश्वत पहचान अपने आगोश में विशाल जलराशि समेटे माँ गंगा से होती हो उसी भगवती गंगे की दुर्गति भी सबके सामने है | लोगों के पाप धोने के साथ-साथ तमाम बड़े और छोटे शहरों का कचड़ा भी धो रही है| बेहद साधारण दिखने वाला  बक्सर का एक युवा “सौरभ तिवारी” जिसके पहल पर इस शहर से सटे घाट, जिन पर गन्दगी और कचडों के अम्बार मां मन्दाकिनी को सदा चिढ़ाते रहते थे , आज उन्हीं घाटों का विराट सौन्दर्य वहाँ आते- जाते लोगों को आकर्षित कर मन मोह रहा है |

गंगा स्वच्छता अभियान (Ganga Swachta Abhiyaan) -Saurabh Tiwari -Buxar -BiharStory is best online digital media platform for storytelling - Bihar | India

नमामि गंगे का हमसफर – सौरभ तिवारी

गंगा प्रदूषित हो रही है सभी चिंतित है पर एक शख्स जो गंगा मईया के दुर्दशा को देख कुछ सोचने के बजाये झाड़ू, कुदाल और झामा लेकर उस बदबूदार घाट के तरफ चलना शुरू किया और बक्सर (Buxar, Bihar) के राम रेखा घाट पर पहुँचा तो सिर्फ उसके साथ एक ही चीज थी वो था उसका यह ‘प्रण ‘- ‘ गंगा मईया साफ हो, इसमे हम सबका साथ हो ,हर वर्ग का हाथ हो, हर वर्ग का साथ हो’ और वो शख्स भी कोई और नहीं सौरभ तिवारी (Saurabh Tiwari) ही था |

बक्सर (Buxar, Bihar) जिले के तिवारीपुर के मूल निवासी तथा शहर के खल्लासी मोहल्ला में रहने वाले सौरभ तिवारी (Saurabh Tiwari) बक्सर (Buxar, Bihar) जिला के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में गंगा विचार मंच, बक्सर बिहार (Buxar, Bihar) के जिला संयोजक भी हैं |सौरभ की पहचान पहले से सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में रही है।

सौरभ (Saurabh Tiwari) के इस प्रतिज्ञा के साथ उस समय कुछ लोंग आगे आये, कुछ तमाशा देखते रहे और कुछ हँसते रहे पर उन्हें फर्क नहीं पड़ता था उन्होंने अपने लक्ष्य को तय कर रखा था और उसको भेदने का साहस भी संचित कर लिया था | पहला रविवार, दूसरा रविवार, तीसरा, चौथा ….और फिर क्या था देखते – देखते सौरभ तिवारी (Saurabh Tiwari) के साथ कुछ युवा और अन्य लोग भी कर्तव्य निवारण करने के लिए आगे आयें और बनी एक सशक्त छात्रशक्ति टीम जो इस स्टोरी के प्रकशित होने तक लगातार पिछले 185 वें रविवार तक गंगा सफाई अभियान में तन- मन से जुटी हुयी है |

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सौरभ का नारा – हर रविवार, युवा पुकार, माँ गंगा किनार

2 नवम्बर 2014 (प्रथम रविवार ) को शुरू किया गया सौरभ तिवारी के गंगा स्वच्छता अभियान (Ganga Swachta Abhiyaan) के इस प्रयास ने बक्सर में 185 सप्ताह पूरे कर लिए है | यह गंगा स्वच्छता अभियान (Ganga Swachta Abhiyaan) इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें सरकार का कोई योगदान नहीं बल्कि इस लक्ष्य को अंजाम तक पहुंचाने में बक्सर के युवाओं की ही अहम भूमिका रही है |

हर रविवार सुबह 7 बजे से 10 बजे तक गंगा घाटों पर पसरे कूड़े-कचरे के ढेर को सौरभ तिवारी (Saurabh Tiwari) के साथ छात्र शक्ति टीम के दर्जनों सदस्य भी जी-जान से गंगा नदी को निर्मल और पावन करने के लिए जुट जाते हैं | टीम छात्रशक्ति पहले गंगा घाट को साफ करते हैं इसके बाद पानी में उतरकर एवं फावडे की सहायता से माँ गंगा के आँचल से रस्सी, प्लास्टिक एवं अन्य प्रकार के कचडो को निकालते हैं फिर निकाले गए कचड़े को एक जगह सुखने के लिए जमा कर दिया जाता है तत्पश्तात सुखे कचडे को जलाया जाता हैं |

नामी -गिरामी लोग भी  दे रहे है अब सौरभ का साथ

सौरभ तिवारी (Saurabh Tiwari) के इस अतुलनीय अभियान मे अब हर रविवार को लोग स्वेच्छा से श्रम-दान कर गौरान्वित महसूस करते हैं| प्रत्येक रविवार को चलने वाला यह कार्यक्रम अनवरत जारी है। बिहार स्टोरी को उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से जब इसकी जानकारी लोगों को मिली तो पहले तो उसके बारे में खिल्लियां उड़ाई गई, पर वह किसी के बातों की परवाह किए बिना अपने धुन में रमे रहे।

जिसका परिणाम यह हुआ कि आम से लेकर खास तक के लोगों की दिलचस्पी बढ़ने लगी| लोग छात्र शक्ति से जुड़कर या खुद नई टोली बनाकर कार्य को गति देने में लग गए। पप्पू राय, श्याम जी केशरी, फुचन ठाकुर, बलिराम केशरी, सुबोध दुबे, धनजी यादव, ईo देवानन्द गुप्ता, अविनाश मिश्रा, रवि सिंह, अरुण यादव, मनिष चौबे, राजा पटेल, कृष्णकांत, लाला बाबा, पंडा समाज, नाविक समाज समेत और भी लोग हमेशा इस सफाई अभियान (Ganga Swachta Abhiyaan) के लिए तत्पर और समर्पित रहते है |

सांसद और विधायक ने भी किया है श्रमदान

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माँ गंगा को निर्मल करने में टीम छात्रशक्ति के अभियान (Ganga Swachta Abhiyaan) “हर रविवार, युवा पुकार, माँ गंगा किनार” के 32 वे रविवार में बक्सर (Buxar, Bihar) के माननीय सांसद और केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी चौबे बाबा ने रामरेखा घाट पर पूरे 3 घंटे श्रमदान किया था । बक्सर के विधायक मुन्ना तिवारी सहित जिले के दर्जनों नेता और समाजसेवियों ने भी सौरभ तिवारी के साथ मिलकर घाट को साफ़ किया है |

अपनी शादी के दिन भी किया है माँ गंगा की सफाई

सौरभ तिवारी (Saurabh Tiwari) के जूनून और गंगा सफाई से प्रेम का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अपने विवाह के दिन (29 अप्रैल 2018) भी  माँ गंगा से आशीर्वाद लेकर अपने संकल्प का पालन किया | जबकि हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार जब लड़के को शादी के वक़्त हल्दी लग जाये तो उसे घर से बाहर निकलने से मना किया जाता है।

सौरभ तिवारी (Saurabh Tiwari) कहते है कि “गंगा सिर्फ एक नदी नही हैं, बल्कि इस देश के रगों में बहने वाली संस्कृति हैं, संस्कार हैं और इतिहास भी हैं | अगर हम-लोग नहीं चेते और वर्तमान स्थिति भविष्य में भी कायम रहा तो वो दिन दूर नहीं है जब गंगा नदी भी यमुना नदी की तरह हीं पूर्णतः प्रदूषित ही जाएगी | गंगा नदी हमारी विरासत है और अपने इस पतित-पावन विरासत का संरक्षण करना हम सभी का कर्त्तव्य है |”

सौरभ तिवारी (Saurabh Tiwari) ने नि:स्वार्थ भाव से एक ऐसे कार्य की ओर अपना कदम बढ़ाया है जिसकी जितनी तारीफ की जाये कम है  और बक्सर के इन युवाओं ने गंगा सफाई अभियान (Ganga Swachta Abhiyaan) में एक मिसाल पेश की है | हालाँकि मोदी सरकार भी नमामी गंगे योजना के जरिए गंगा सफाई अभियान के लिए कमर कास चुकी है पर केंद्र सरकार अपने लक्ष्य में कितना सफल हो रही है, यह तो जमीनी स्तर पर अभी पता नहीं चल पा रहा है, लेकिन सौरभ तिवारी  के इस प्रयास को बक्सर सहित सूबे के अन्य जिलों में भी गंगा तट पर बसे आम लोगों द्वारा सराहा जा रहा है |

niraj kumar

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
niraj kumar
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