eवैसे तो समाज में हर रोज घटनाएं घटती रहती है, जैसे अपहरण, मारपीट, सड़क दुर्घटना इत्यादि और यही समाज उसे अनदेखा भी करता है मानो उन घटनाओं से उनका कोई सबंध हीं न हो | पर जो लोग सबकुछ देख कर और जानकर कर भी चुप्पी साध लेते हैं वो भूल जाते हैं की अगला नंबर उनका भी हो सकता है और उनके साथ कुछ घटित जाये तब वो किस मुंह से किसी दुसरे से सहायता मांगेगा, पर जो लोग आवाज़ उठाते वो समाज के हीरो भी बन जाते हैं | आज की हमारी कहानी भी उत्तरप्रदेश के आगरा की एसी ही बहादुर बेटी की है जिसने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपने शहर आगरा से किडनैपर्स और ड्रग माफिया को अपने बल-बूते खदेड़ दी इस अदम्य साहस के लिए उसे प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया | उस बहादुर बच्ची का नाम है नाजिया खान |

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जब पहली बार अपनी वीरता का परिचय दिया नाजिया ने

नाजिया खान (Nazia Khan) उत्तरप्रदेश (Uttarpradesh) के एतिहासिक शहर आगरा के मंटोला थाना क्षेत्र की रहने वाली है | 7 अगस्त 2015 को जब नाजिया खान (Nazia Khan) के सामने हीं एक छह वर्षीय बच्ची को किडनैपर्स उठा कर ले जा रहे थे, तब वो बहादुर बेटी किसी भी बात की परवाह किये बिना अकेले हीं उन किडनैपर्स से भीड़ गई और उसे बाइक से गिरा दिया, तब तक लोगों की भीड़ भी इकट्ठी होगई  पर बदमाश नाजिया पर हमला कर भाग गए और बच्ची किडनैप होने से बच गई | इस सराहनिए कार्य के लिए नाजिया खान को पूर्व मुख्य मंत्री अखिलेश यादव ने ‘रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार’ (Rani Lakshmibai Veerta Purushkaar) से नवाजा था | इसके बाद 8 मार्च 2016 को  फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने एक चैनल के कार्यक्रम में सम्मानित किया था | इस कार्यक्रम में एक्ट्रेस ईशा गुप्ता और इलियाना डिक्रूज भी शामिल हुई थीं |

अपने पड़ोस में चल रहे जुए और सट्टे के कारोबार को बंद करवाया

नाजिया खान  की बहादुरी के चर्चे होने के बाद उसने दोबारा पड़ोस के मकान में चल रहे सट्टे और जुए के कारोबार का अकेले विरोध किया | यहां लोग शराब पीकर आते थे और महिलाओं से बदतमीजी करते थे | नाजिया के विरोध के बाद सट्टे का काम बंद हो गया | इसके बाद कई बार पड़ोसियों से झगड़ा हुआ |

जब दबंगों ने नाजिया को दी रेप-हत्या की धमकी

इसके बाद भी फैमिली पर अत्याचार बंद नहीं हुआ | अक्सर पड़ोसी घर में घुस कर रेप करने और भाई की हत्या की धमकी देते थे | घर की छत मिली होने के कारण पड़ोसी जब चाहे घर में घुस सकते थे | परेशान होकर नाजिया ने अपनी छत की दीवार ऊंची कराई | दीवार बनवाते ही पड़ोसी घर घुस आए और नाजिया, उसकी बहन और मां को बुरी तरह पीटा और कपड़े फाड़ दिए |
अधिकारियों ने आकर जांच की तो नाजिया का दीवार उठाना पूरी तरह लीगल निकला, लेकिन फिर भी पुलिस ने उसके परिवार को 107/16 (मारपीट कर माहौल खराब करना) में पाबंद कर दिया, जिसके बाद नाजिया ने परिवार सहित पलायन की ठान ली | घर पर बोर्ड लगा दिया, लेकिन दबंगों के डर से उसका मकान भी किसी ने नहीं खरीदा | लेकिन, नाजिया ने अभी हार नहीं मानी है। नाजि‍या आज भी उन दबंगों के खिलाफ लगाए मुकदमों की पैरवी कर रही है और सट्टा शुरू नहीं होने दिया है |

पीएम ने बच्चों, उनके पैरेंट्स और टीचर्स को दी बधाई

पीएम मोदी ने इन बच्चों को वीरता अवॉर्ड प्रदान करते हुए कहा, ”इन बच्‍चों की बहादुरी से अन्य बच्‍चों में साहस और आत्‍मविश्‍वास की भावना पैदा होगी। पुरस्कार हासिल करने वाले ज्यादातर बच्चे गांव से आए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बच्‍चे दैनिक संघर्षों से जूझते हैं। ऐसे में उनके अंदर किसी भी परिस्‍थितियों में साहस दिखाने का दमखम होता है। सभी बहादुर बच्चों, उनके पैरेंट्स और टीचर्स को मैं बधाई देता हूं |

देशभर से आए 18 बहादुर बच्चों के साथ यूपी की इकलौती नाजिया को वीरता के भारत अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था |

niraj kumar

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एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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