दोस्तों अगर सही मायने में कहा जाये तो विकलांगता शरीर की नहीं मन की होती हैं | आज हमारा भारत एसे दिव्यांगो के सफलता के उदाहरणों से भरा पड़ा है, जिसमे ये दिव्यांग हर क्षेत्र में आम इन्सान से कहीं बेहतर कर के दिखाए हैं | इसी सन्दर्भ में आज हम चर्चा करेंगे बिहार के मुजफ्फरपुर (Muzzafarpur, Bihar) के मुरौल प्रखंड के एक गांव लौतन के दिव्यांग अशोक कुमार (Disable, Ashok Kumar) की जो आज की युवा पीढ़ी को शिक्षा का अधिकार दिलाने का नेक कार्य कर रहे हैं |

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2009-10 से हीं जुटे हैं इस नेक काम में अशोक कुमार

बिहार के मुजफ्फरपुर (Muzzafarpur, Bihar) जिले के मुरौल प्रखंड का एक गांव लौतन, जहाँ के दिव्यांग युवा अशोक कुमार (Disable, Ashok Kumar) नई पीढ़ी को शिक्षा का अधिकार दिलाने का सराहनिए प्रयास कर रहे हैं | वर्ष 2009-10 में गांव के हीं चंद लोगों को अशोक कुमार (Disable, Ashok Kumar) अपने साथ ले कर बच्चे को शिक्षित करने के लिए ‘यूथ पावर’ (Youth Power) नामक समूह बनाया |अशोक कुमार (Disable, Ashok Kumar) और उनके समूह के सदस्य ‘यूथ पावर’ (Youth Power) के माध्यम से पढ़ाई कराने के अलावा उन बच्चों के बीच विभिन्न प्रतियोगिता कराकर उन्हें प्रोत्साहित करते थे | पर धीरे-धीरे समूह के अधिकांश युवा नौकरी में चले गए तो किसी की शादी हो गई, और इससे समूह की गतिविधियां कम हो गईं | यह देख दिव्यांग युवा अशोक कुमार (Ashok Kumar) ने खुद हीं जिम्मेवारी लेने की ठानी |

और फिर गठन हुआ ‘बदलाव- एक कदम शिक्षा की ओर’ (Badlav Ek Kadam Shiksha ki Aor) की

जब ‘यूथ पावर’ (Youth Power) की गतिविधियों पर संकट के बादल मंडराने लगे तब दिव्यांग अशोक कुमार (Ashok Kumar) ने खुद के नेतृत्व में  ‘बदलाव- एक कदम शिक्षा की ओर’(Badlav Ek Kadam Shiksha ki Aor) नाम से समूह का गठन किया | और आज  वहां के युवा इस समूह में शामिल हो कर समाज के सभी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लक्ष्य पूरा करने में लगे हैं | पिछले आठ साल से ग्रामीण बच्चों के बीच शिक्षा का अलख जगाने वाली इस समूह के सदस्य रविन्द्र कुमार रवि बताते हैं कि हमलोग हर रविवार सुबह सात से 10 बजे तक जांच परीक्षा, क्विज, चित्रकला आदि का आयोजन कर बच्चों को प्रोत्साहित भी करते हैं |

गाँव वालों का भी भरपूर साथ मिला

अशोक कुमार (Ashok Kumar) के इस नेक कार्य में गाँव वालों का भी भरपूर साथ मिला | जैसे श्यामनंदन राय, लक्ष्मी राय, शत्रुघ्न राय, कमल पंडित, बिजली पंडित | गाँव वालों के अनुसार बदलाव से जुड़े हर युवा छह से 14 वर्ष तक की उम्र वाले बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करते हैं | वे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ (Beti Bachao Beti Padhao) और महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) की दिशा में भी अच्छा योगदान दे रहे हैं | ‘बदलाव- एक कदम शिक्षा की ओर’ (Badlav Ek Kadam Shiksha ki Aor) के प्रमुख सदस्य हैं अशोक कुमार, रविन्द्र कुमार रवि, संजीव कुमार, रवि प्रकाश, रौशन कुमार, हरिओम कुमार, मुकेश ठाकुर, कन्हैया कुमार, जूली, रजनी, विश्वनाथ कुमार, संतोष कुमार, महावीर पंडित, गणेश पंडित, सुमित प्रकाश|

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