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हमारे हिंदुस्तान की मिटटी शुरू से हीं प्रतिभावान और जाबांज को पैदा करती आई है, जिन्होंने समय-समय पर अपने साहस और वीरता से सारी दुनिया को मंत्रमुग्ध किया है | उन नामों में अब एक और नाम जुड़ गया है हरियाणा की 16 वर्षीय पर्वतारोही शिवांगी पाठक का, जिन्होंने इस वर्ष दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (29,000 फुट) को फतह कर इतिहास रच दिया | शिवांगी पाठक ऐसा करने वालीं भारत की सबसे युवा महिला बन गई हैं | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शिवांगी की इस सफलता पर ट्वीट कर उन्‍हें बधाई दी है |

अरुणिमा सिन्हा को अपना आदर्श मानती है

हरियाणा की 16 साल की लड़की शिवांगी पाठक  ने गुरुवार को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (29,000 फुट) को फतह कर इतिहास रच दिया | हिसार में जन्मी शिवांगी का मकसद एवरेस्ट पर चढ़कर दुनिया को यह दिखाना था कि महिलाएं किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में सक्षम होती हैं | उन्‍होंने यह कारनामा ‘सेवन समिट ट्रेक’ में हिस्सा लेने के दौरान किया | शिवांगी माउंट एवरेस्‍ट पर तिरंगा फहराने वाली पहली दिव्यांग पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा को अपनी प्रेरणा मानती हैं |

शिवांगी पाठक पिछले महीने एक इंटरव्‍यू में कहा था, ‘मैं यहां पर अपने बचपन का सपना पूरा करने आई हूं | मेरा सिर्फ एक ही मकसद है कि मैं इस खूबसूरत ग्रह के हर पहाड़ की चोटी को फतह कर लूं.’ शिवांगी ने जवाहर इंस्‍टीट्यूट ऑफ माउंटेन से अपना कोर्स किया है | इसके अलावा वो कश्‍मीर में भी ट्रेनिंग ले चुकी हैं | इस समिट में शिवांगी से पहले 14 मई की सुबह 8 बजे अरुणाचल प्रदेश की 40 वर्षीय मुरी लिंग्गी ने एवरेस्ट फतह किया | लिंग्गी चार बेटियों की मां हैं | वह तिन मेना और अंशु जामसेनपा के बाद एवरेस्ट फतह करने वाली अरुणाचल प्रदेश की तीसरी महिला हैं |

शिवांगी का सपना था कि वह एवरेस्‍ट को फतह कर दुनिया को बताएं कि महिलाएं किसी से कम नहीं होतीं |

niraj kumar

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एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
niraj kumar
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