भूख की समस्या आज हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी समस्या है और इसी भूख के खिलाफ उत्तर प्रदेश (Uttarpradesh) के बहराइच जिले के अमित मित्तल (Amit Mittal), संदीप मित्तल (Sandip Mittal) और संजीव मित्तल (Sanjiv Mittal) जो हरिशंकर मित्तल चैरिटेबल ट्रस्ट (Harishankar Mittal Charitable Trust) के माध्यम से चलाते हैं  ‘अन्न रथ’ (Ann Rath), जहाँ मात्र पांच रूपए में कोई भी भूखा व्यक्ति भोजन प्राप्त कर सकता है |

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भूखे इन्सान को खाना खिला देना ही सबसे बड़ा मानव धर्म है

दोस्तों हिंदुस्तान की आर्थिक नीतियों के सामने संपन्नता जितनी बड़ी चुनौती है, उससे कई गुना बड़ी चुनौती है भूख |आज भले हीं हमारा देश विकास की ओर अग्रसर है फिर भी आज कई एसे परिवार हैं जिन्हें पैसे के अभाव के कारण भूखे सोना पड़ता है | ये तो बात हो गई खाली पेट सोने की, और अगर उसी भूखे व्यक्ति या बच्चे को कोई बीमारी हो जाये तो वो सरकारी अस्पताल की शरण में ही जाता है |

अब उनके साथ एक समस्या और खड़ी हो जाती है की वो दवा के लिए पैसे का इंतजाम करे की भोजन के लिए ? चुकी दोनों जरुरी है | वैसे में अगर कोई  उन्हें मात्र पांच रूपए में पौष्टिक और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन कोई उपलब्ध करवा दे तो उस इन्सान को इस धरती का फ़रिश्ता हीं कहा जायेगा |

रात्रि में सात बजे से आठ बजे तक लगता है अन्न रथ

13 अप्रैल 2018 को शुरू हुए अन्न रथ (Ann Rath) से प्रति दिन 200 लोगों का पेट भरता है | ये अन्न रथ (Ann Rath) जिला अस्पताल के गेट पर रात्रि में सात बजे से आठ बजे तक लगता है ये अनोखा अन्न रथ (Ann Rath)| मात्र 55 दिनों के इस सफ़र में अन्न रथ (Ann Rath) से भोजन प्राप्त करने वालों की संख्या 10000 पार कर गई जो तारीफ के काबिल है |

अन्न रथ का भोजन शुद्ध घी से बना होता है

यहाँ भोजन बनाने में शुद्धता का विशेष ध्यान दिया जाता है और अन्न रथ (Ann Rath) द्वारा जो भी भोजन उपलब्ध करवाया जाता है वो शुद्ध देशी घी से बना होता है |

स्वाभिमान बना रहे इस लिए लिए जाते हैं पांच रूपए

ये अनोखा अन्न रथ (Ann Rath) जिला अस्पताल के सामने लगता है जहाँ रोज सैकड़ो लोग इलाज कराने या मरीजों को साथ ले कर आते हैं, वैसे में उन्हें इस महंगाई में मात्र पांच रूपए में ही भोजन उपलब्ध कराया जाता है ताकि उनका स्वाभिमान भी बरकरार रहे |

किसी भी तरह का सरकारी अनुदान नहीं लेते हैं

अपने बाबा हरिशंकर मित्तल के नाम से ट्रस्ट (Harishankar Mittal Charitable Trust) चलाने वाले तीनो भाई अमित मित्तल (Amit Mittal), संदीप मित्तल (Sandip Mittal) और संजीव मित्तल (Sanjiv Mittal) किसी भी तरह का सरकारी अनुदान नहीं लेते है ये लोग खुद के कमाए पैसे से गरीबों के सेवार्थ अन्न रथ (Ann Rath) चलाते हैं, ताकि कोई भूखा न रह जाये|

उत्तरप्रदेश (Uttarpradesh) बहराइच के मित्तल बंधुओं द्वारा भूख के खिलाफ चल रहे इस अनोखे पहल को देख आज के युवा को भी अपने प्रदेश में भी इस तरह की मुहीम चलानी चाहिए ताकि कोई भी पैसे के अभाव में भूखा न सोये  |

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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