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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल ने जिले की एक बेटी की न सिर्फ जीवन दशा बदली, बल्कि गरीबी में जी रहे परिवार में खुशहाली ला दी। शहर के पुरानी गुदरी मोहल्ला निवासी लालबाबू साह का परिवार आज खुशियों से झूम रहा है। पंद्रह दिन पहले ही उनके घर में दिवाली मनाई जा रही है। लालबाबू की बेटी चांदनी कुमारी की नजर में पीएम मोदी सचमुच प्रधानसेवक हैं। उनका नारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पूरी तरह मौलिक है।

बेटियाँ भी किसी से कम नहीं होती है

चांदनी प्रधानमंत्री जी का भाषण हमेशा सुनती व टीवी पर देखती रहती थी | चांदनी को उनके भाषण सुंदर, सहज व सच्चाई से भरा लगता था, सो  हिम्मत कर चांदनी ने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री जी अपने परिवार की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया | हालाकी चांदनी को विश्वास नहीं था कि प्रधानमंत्री जी इतनी तत्परता दिखाएंगे | पर उस चिठ्ठी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी का दिल जीत लिया | आज पिता को भी बेटी पर गर्व है |

फल बेचते हैं चांदनी के पिता

चांदनी का पिता लालबाबू बिहार के बेतिया शहर के कृषि बाजार समिति प्रांगण में एक छोटी सी फल दुकान चलाते है और  पत्नी, तीन बेटियों व दो बेटों के साथ नोनिया टोली के पास छोटे से घर में किसी प्रकार गुजारा करते हैं | एक पुत्री दिव्यांग है | घर- परिवार चलाने में परेशानी थी, ऊपर से बैंक ऋण सुरसा की तरह दिन-प्रतिदिन मुंह फैलाए जा रहा था, कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था | इसी बीच चांदनी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर स्थिति बयां की चांदनी ने प्रधानमंत्री जी को चिठ्ठी लिख  बताया कि किस प्रकार उसका घर नीलाम हो रहा है, परिवार टूट रहा है | प्रधानमंत्री जी ने पत्र का न सिर्फ संज्ञान लिया, बल्कि जिला प्रशासन से पहल कराकर ऋण माफ कराया |

वो चिठ्ठी जो चांदनी ने प्रधान मंत्री जी को लिखी थी

श्रीमान प्रधानमंत्री जी!

मैं चांदनी कुमारी, 23 वर्ष की हो चुकी हूं। मेरे पिता जी की शारीरिक व आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। पिताजी फल का व्यवसाय करते थे। आठ लाख रुपये लोन लेकर कृषि समिति में दुकान भी खोल रखी थी, लेकिन अचानक चुनाव को लेकर फल की दुकान सील कर दी गई। पिताजी का व्यवसाय छूट गया। किसी तरह पैसे का इंतजाम कर दो किस्तों में सात लाख 99 हजार रुपये जमा किए। इसके बाद भी बैंक ब्याज के आठ लाख रुपये बकाये को लेकर हमारा मकान नीलाम हो रहा है। हम तीन छोटी बहनें हैं। एक दिव्यांग हैं। हम सभी सड़क पर आ जाएंगे।

चांदनी ने 2016 में प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। पीएमओ कार्यालय ने डीएम को पत्र लिख निर्देश दिया। डीएम कार्यालय ने इसे लोक शिकायत निवारण में हस्तानांतरित किया। मामला लोक शिकायत में आने के बाद बैंक व परिवादी चादंनी कुमारी को सुनवाई में आने का नोटिस दिया गया। सुनवाई के दौरान बैंक की ओर से लोन की रकम में ब्याज के 7 लाख 87 हजार 276 रुपये माफ कर खाता बंद करने का आदेश दिया गया।

इधर पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने कहा प्रधानमंत्री जी ने न सिर्फ गरीबी देखी है, बल्कि झेला भी है | ऐसे कई उदाहरण हैं जब वे गरीबों के लिए आगे आए हैं | उन्होंने लालबाबू साह के परिवार की चिता की, पहल कर उनकी पीड़ा को कम किया ऐसे प्रधानमंत्री पर हमें गर्व है |

 

niraj kumar

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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