बिहार (Bihar) की मिटटी कितनी उर्वर है, ये जग जाहिर है | दुनिया के हर क्षेत्र में बिहारियों ने अपनी प्रतिभा से हिंदुस्तान को गौरवान्वित किया है | दोस्तों आज हम जिसकी चर्चा करने वाले हैं वो बिहार के मुजफ्फरपुर (Muzzafarpur) जिले के गोशाला रोड निवासी बैंककर्मी व अयोध्या प्रसाद खत्री संस्थान के संयोजक वीरेन नंदा की पुत्री संसृति नंदा (Sansriti Nanda) हैं जिनकी फिल्म को सर्वश्रेष्ठ सिनेमेटोग्राफी (Cinematography) व सर्वश्रेष्ठ विजुअल इफेक्ट (Visual Effects) का अवॉर्ड मिला है | संसृति नंदा (Sansriti Nanda) ब्लेड रनर 2049 (Blade Runner 2049) में ग्राफिक्स टीम की प्रमुख मेंबर रही हैं |

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बचपन से ही क्रियेटिव थी संसृति नंदा

संसृति नंदा (Sansriti Nanda) की प्रारंभिक शिक्षा मुजफ्फरपुर (Muzzafarpur, Bihar) में ही हुई थी | संसृति नंदा (Sansriti Nanda) सेंट जेवियर्स से हायर सेकेंड्री करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए वह दिल्ली चली गयीं | वहां उन्होंने ग्रेजुएशन के बाद एनीमेशन का कोर्स किया | इसके बाद वहीं एक कंपनी में काम करने लगीं | पिछले एक वर्ष से इन्होंने हॉलीवुड फिल्मों का काम करने वाली कंपनी डबल नगेटिव ज्यावन किया था | बेटी की उपलब्धि पर वीरेन नंदा कहते हैं कि संसृति बचपन से ही क्रियेटिव थी | एनीमेशन फिल्मों में उसकी खास रुचि थी |

यहां फिल्म के विजुअल इफेक्ट (Visual Effects) के एक-एक पहलू पर 20 लोगों की टीम लगातार मेहनत कर रही थी | टीम में मुख्य भूमिका निभाने वाली संसृति ने इसमें कई प्रयोग भी किये थे | संसृति ने बताया कि डबल नगेटिव कंपनी में हॉलीवुड फिल्मों के विजुअल इफेक्ट (Visual Effects) पर ही काम किया जाता है | वह अब तक 40 हॉलीवुड फिल्मों का काम कर चुकी हैं |

संसृति नंदा पिछले एक साल से यह काम कर रही हैं | इतने कम समय में किये गये किसी काम पर ऑस्कर अवार्ड मिलना बड़ी उपलब्धि है. संसृति कहती हैं कि इस फिल्म का ऑस्कर में नोमिनेशन होगा, इसकी उम्मीद हम कर रहे थे, लेकिन ऑस्कर अवार्ड मिलेगा, इसकी कल्पना नहीं थी. यह हमारे लिए गर्व की बात है |

niraj kumar

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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