असम के करीम गंज जिले के पाथेरकंडी सर्कल के मधुरबंद गाँव के निवासी बुजुर्ग अहमद अली के लिए देश के हर नागरिक के मन में इज्जत उस वक्त और ज्यादा बढ़ जायेगी जब उनको ये पता चलेगा कि अहमद अली ने ख़ास तौर से गरीब बच्चों के लिए 9 स्कुल बनवाए हैं |

A muslim rickshaw puller Ahmed Ali praised by PM for his excellence work for poor children in Assam - BiharStory is best online digital media platform for storytelling - Bihar | India

गरीबी की मार के चलते वो खुद कभी पढ़ाई नहीं कर पाए, लेकिन गरीबी की ये बेड़ियां भी कभी उन्हें रोक नहीं पाई. जिसके बाद एक बड़े ही प्यारे मकसद के साथ वो कई सालों से अपने जीवन की इस बड़ी कमी को इस तरह से पूरा भी कर रहे है |

82 बसंत देख चुके अहमद अली

लगभग 82 की उम्र पार कर चुके मुस्लिम शख्स अहमद अली (Ahmed Ali) आज अपनी उम्र के इस तकाजे को भी दरकिनार करते हुए दिन-रात मेहनत करने से नहीं झिझकते | जी हाँ आप यकीन नहीं करेंगे कि पेशे से रिक्शा चालक और बेहद साधारण सी शख्सीयत रखने वाले अहमद (Ahmed Ali) खुद रिक्शा चलाने के बूते पर 9 स्कूल बनवा चुके हैं.

 रोज़ाना रिक्शा चलाकर 40 साल में बनवाए 9 स्कूल

अहमद (Ahmed Ali) के इसी जज़्बे को देखते हुए ही शायद प्रधानमंत्री मोदी ने अहमद के इस कार्य के लिए ‘मन की बात’ करते हुए उनका जिक्र और प्रशंसा दोनों की. एक रिकॉर्ड कायम करते हुए अहमद पिछले 40 वर्षों में अभी तक गरीब बच्चों के लिए लगभग खुद 9 स्कूल खुलवा चुके है | इन सभी स्कूलों में 3 अंग्रेजी स्कूल, 3 प्राइमरी और 1 जूनियर हाई स्कूल शामिल है | उन्हें अपने इस सपने को पूरा करने के लिए अपनी जमीन तक बेचनी पड़ी थी, लेकिन आज उनके इसी जज्बे को हर धर्म सलाम कर रहा है |

82 वर्षीय मुस्लिम अहमद अली (Ahmed Ali) द्वारा बनाए गए स्कूलों में आज आने वाले बच्चे केवल गरीब है उनका धर्म से कोई वास्ता नहीं। इतना ही नहीं खुद मुस्लिम होते हुए भी अहमद हर गरीब को बिना उसका धर्म पूछे पढ़ाई का अधिकार दे रहे है | ऐसे में उनके इस कार्य को देख उन्हें सलाम करने का मन करता है |

niraj kumar

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
niraj kumar