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आधुनिकता के इस दौर में हम अपनी बहुमूल्य धरोहर को भूलते जा रहे हैं, जिस वसुंधरा के हम लोग ऋणी हैं उसे कही-न-कही अनदेखा कर रहे हैं ये जानते हुए भी की यह अनदेखी कितनी भयावह हो सकती हैं | प्रकृति की इस चेतावनी को ध्यान में रख बिहार भोजपुर (Bhojpur, Bihar) के एक युवा विद्यार्थी आनंद कुमार (Anand Kumar) ने पर्यावरण सरंक्षण के क्षेत्र में असाधारण कार्यो को अंजाम दिया है, इनके इसी कार्यो के वजह से लोग इन्हें प्यार से ट्री मैन (Tree Man) के नाम से बुलाते हैं |

Anand kumar

आरा में साधारण परिवार से हैं आनन्द कुमार

पर्यावरणप्रेमी आनंद कुमार (Anand Kumar) का जन्म बिहार भोजपुर (Bhojpur, Bihar) के आरा शहर में एक साधारण परिवार में हुआ था | पिता जी श्री अशोक कुमार घरेलू सामान की एक छोटी सी दुकान चलाते हैं तथा आनंद कुमार के पर्यावरण सरंक्षण अभियान को हर संभव सहयोग कर लगातार मनोबल को बढ़ाते रहते हैं | आनंद कुमार (Anand Kumar) के पिता जी का एक ही सपना है, “पर्यावरण संरक्षण (Environment Conservation) अभियान को लेकर मेरी राष्ट्रीय पहचान बने और मेरे नाम के साथ ही उनका नाम रोशन हो जाए।”

8वीं कक्षा से ही था पेड़ लगाने का शौक

जब आनंद कुमार (Anand Kumar) 8वीं कक्षा में पढ़ते थे तभी उन्होंने ‘चिपको आंदोलन’, ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन’ के बारे में पढ़ा था | यही वह समय था जब आनंद ने पहली बार पर्यावरण को समझा। तब का दिन है और आज का दिन, धीरे-धीरे पर्यावरण को जानने-समझने और इससे जुड़े रहस्यों की परतें समझने में लगा हुए हैं | ये आनंद के बचपन के पर्यावरण प्रेम का ही नतीज़ा है कि आज उनके अंदर ऐसी भावना जग चुकी है कि आनंद को पर्यावरण संरक्षण (Environment Conservation) के अलावा न तो कुछ सूझता ही है न कुछ भाता है |

आनंद कुमार (Anand Kumar) को उत्तराखंड त्रासदी, नेपाल के विनाशकारी भूकंप के साथ ही महाराष्ट्र सहित पूरे देश में आए जल संकट ने बुरी तरह झकझोर दिया था | दिनों-दिन बिगड़ते पर्यावरण को बचाने की चिंता इस कदर सताने लगी कि आनंद को नींद भी नहीं आती, इस विषय के बारे में सोचते हुए आनंद ने इस पर्यावरण संरक्षण (Environment Conservation) को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया | आनंद जल को बचाने हेतु समय-समय पर जनजागरण रैली, सेमिनार, पोस्टर, बैनर, पर्चा प्रतियोगिता का आयोजन करते रहते हैं |आनंद सभी महाविधालयों, सभी सरकारी व गैर सरकारी विधालयों में पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण (Environment Conservation) से जुडी जन-जागरण रैलियों का आयोजन भी करते हैं जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक हो सके |

दस हज़ार से ज्यादा पेड़ लगा चुके अब तक

एक छात्र होने के बावजूद अब तक पूरे जिले में आनंद कुमार (Tree Man, Anand Kumar) ने 10,000 से अधिक पौधे लगा चुके हैं | आरा जेल (मंडल कारागृह), जिलाधिकारी आवास, एसपी आवास, सदर अस्पताल, रेलवे स्टेशन, मैदान, पार्क, जिले के विभिन्न मंदिर, गांवों में विधायक, सांसद, डॉ,  अधिवक्ता, सभापति बिहार विधान परिषद,  जेलर, कैदी, साहित्यकार, रंगकर्मी, कवि, शिक्षक, सैनिक, पत्रकार, किसान, ग्रामीण, छात्र-छात्रा सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों से इस अभियान में सहभागिता करवाई है| उन्होंने बताया कि गंगा स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण ,स्वच्छ्ता साथ ही पर्यावरण संरक्षण (Environment Conservation) का कार्य आता हैं जो मैं व्यक्तिगत रूप से वर्षो से करता चला आ रहा हूँ |

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पेड़ लगाने के लिए किया अनूठा प्रयोग

अब आनंद कुमार (Tree Man, Anand Kumar) लोगों के जीवन से जुड़े अवसरों जैसे शादी की वर्षगांठ, जन्मदिन पुण्यतिथि  इत्यादि पर पौधारोपण के कार्यक्रम आयोजित कर उनको पर्यावरण प्रेम को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं |आनंद ने लोगों की शादी, जन्मदिन व अन्य शुभ अवसरों पर गिफ्ट के स्थान पर पौधे भेंट करने का प्रचलन भी शुरू किया है, इस परंपरा का समाज के लोग भी स्वागत करते हुए सहयोग कर रहे हैं | अब किसी भी संगठनों द्वारा आयोजित होने वाले आयोजनों का उदघाटन पौधारोपण के जरिये ही होता है | इसके तहत नीम, पीपल,बड़, पाकड़, गुलमोहर, आम, अमरूद, आंवला, महोगनी, कदंब, चितवन, अर्जुन, तुलसी जैसे अन्य फलदार-छायादार-औषधीय पौधे लगाए जाते हैं|

इसके अलावा हर सप्ताह शहर के विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता व्यापक अभियान व जनजागरण चलाता हूँ जिसमे लोगों का बहुत सहयोग मिल रहा हैं। और लोग स्वच्छता के प्रति जागरूक भी हो रहे हैं। गंगा स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण ,स्वच्छ्ता साथ ही पर्यावरण संरक्षण का कार्य आता हैं जो आनंद कुमार व्यक्तिगत रूप से वर्षो से कर रहे हैं |

वाइल्ड लाइफ के लिए भी सक्रिय हैं आनंद कुमार

बिहार (Bihar) के राजकीय पक्षी ‘गोरैया’ को भी बचाने के लिए प्रयासरत हैं, जो कि पर्यावरण के लिए वरदान है |साथ हीं शहर की सड़कों विचरण करते आवारा गायों के लिए भी मुहीम छेड़े हुए हैं | लाभ की दृष्टि से जो जानवर काम के नहीं होते हैं, उनको उनके मालिकों द्वारा खुला छोड़ दिया जाता है यही जानवर प्लास्टिक और अन्य हानिकारक वस्तुओं को खाकर गुजर बसर करते हैं, पॉलीथिन और प्लास्टिक पर्यावरण के लिए तो घातक है ही, इससे इन मूक जानवरों को भी बिन मौत आए ही मरना पड़ता है | आनंद  इससे निपटने के लिए भी अपने स्तर पर हर संभव प्रयास करते हैं | लोगों द्वारा प्लास्टिक का प्रयोग कम से कम किया जाए, इसके लिए भी लगातार जागरूकता कार्यक्रम करते हैं और राज्य सरकार व जिला प्रशासन को इस सम्बन्ध में  समय-समय पर ज्ञापन देकर अवगत करते रहते हैं |

आनंद कुमार हुए सम्मानित

आनंद कुमार (Tree Man, Anand Kumar) को उनके द्वारा किये गये सराहनीये कार्यों के लिए मेघालय के राज्यपाल माननीय श्री गंगा प्रसाद चौरसिया जी के कर कमलों से, जिला प्रशासन भोजपुर से पर्यावरण संरक्षण अवार्ड, विश्वविधालय द्वारा पर्यावरण संरक्षक अवार्ड स्कील माइंडस फाऊंडेशन द्वारा पीपुल च्वाईस अवार्ड 2017 मिल चुका है, इसके अलावा समाज के लोगों द्वारा विभिन्न अवसर पर सम्मानित किए जाते रहते हैं,  जो आनंद के मनोबल को कई गुणा बढ़ा देता हैं फिर पुनः दुगुनी ऊर्जा और गति के साथ निःस्वार्थ अभियान चलाने में लग जाते हैं |

आनंद कुमार के लिए पर्यावरण परिवार जैसा है

आनंद के लिए मां-पिता और परिवार जैसा ही है पर्यावरण, जितना आनंद अपनी मम्मी से प्यार करते हैं  उतना ही वे पर्यावरण से भी प्यार करते हैं | आनंद कुमार के जीवन का अंतिम व सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य यही है कि पर्यावरण संरक्षण होता रहे, इसके सरंक्षण का ये अभियान मेरे बाद भी अनवरत चलता रहे | आनंद कुमार कहते है कि “समय समय पर प्रकृति भी विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं द्वारा हमे अवगत भी कराती रहती है, अब भी समय है चेत जाओ वरना स्थिति और भयावह हो सकती है |”

अब तक हजारों लोग जुड़ चुके हैं इस अभियान में

आर्थिक कारण अभियान को चलाने में बनता हैं बाधा फिर भी निरंतर गतिमान हैं पर्यावरण संरक्षण अभियान क्योकिं संकल्पित हैं आनंद अपने अभियान के प्रति |  2018-19 में अगामी योजना के तहत गंगोत्री से गंगा सागर तक गंगा अध्ययन यात्रा और लोगों को जागरूक करेंगे साथ ही विश्व पर्यावरण दिवस 5 जुन 2018 से बीट द प्लास्टिक जो भारत सरकार व यूएन के द्वारा स्लोगन दी गई हैं उसके तहत पुरे वर्ष प्लास्टिक के उपयोग व उसका बुरा प्रभाव के बारे में जनजागरण हेतु विभिन्न तरह के कार्यक्रम कर एक बड़ी लड़ाई/ अभियान का आगाज करेंगे आनंद कुमार |

niraj kumar

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एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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