“पलट पृष्ठ इतिहास के ,पढ़ अपना इतिहास तु;
गौरवान्वित है तेरी काया ,मिल रजिया सुल्तान तू ”
प्रियंका प्रियदर्शनी की इन पंक्तियों पर खचाखच भरा हुआ सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा | मौका था 
पटनामें  दिनांक 11 अगस्त 2018 (शनिवार) को ‘अंतरज्योती नेत्रहीन बालिका विद्यालय’ में ‘बिहारस्टोरी’ (BiharStory) और ‘नव अस्तित्व फाउंडेशन’ (Nav Astitav Foundation) के तत्वाधान में ‘बनारसिया’ (Banarasiya) द्वारा आयोजित कार्यक्रम “अभिव्यंजना… भावों की” | 
Biharstory - Banarasiya

बनारासिया ने सबका मन मोहा

एक ऐसा कार्यक्रम जिसमें मौजूद थे युवा कवि ,कवयित्री ,गजलकार ,गीतकार |कवियों ने जमकर काव्यधारा बहाई |हास्य कवियों ने तो पूरी महफ़िल ही लूट ली |कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन करके किया गया, तत्पश्चात कवयित्री आराधना प्रसाद ने सुमधुर कंठ से मां सरस्वती की वंदना कर कविसम्मेलन की शुरुआत की| इस अवसर पर केशव कौशिक ने सावन का गीत सुनाकर सबके मन को हरा-भरा कर दिया “सावन में मन का मयूर तरसे ,नैना झर-झर-झर बरसे” | मंच की सबसे छोटी कवयित्री प्राची झा ने अपने शब्दों से तिक्ष्ण व्यंगय किए “ऐसे दरिंदों को मौत दो, इंतजार किसके आदेश का; यहां की बेटियों से खिलवाड़ किया, क्या दुश्मन नहीं वो देश का |”

बिहारस्टोरी और नव अस्तित्त्व फाउंडेशन बने कार्यक्रम के अगहर

मौके पर बिहारस्टोरी (BiharStory) के फाउंडर पवन कुमार सिंह मौजूद थे उन्होंने कहा कि “लोगों के पास नजर हो पर नजरिया भी हो ये कोई जरूरी नहीं बच्चों को समझाया कि “भीड़ का हिस्सा नहीं ….भीड़ का किस्सा बनो |”
pawan kumar singh - BiharStory and Amrita Singh - nav astitva foundation
‘नव अस्तित्व फाउंडेशन’ (Nav Astitav Foundation) की संचालिका अमृता सिंह (Amrita Singh) एवं पल्ल्व्वी सिन्हा (Pallavi Sinha) भी कार्यक्रम में मौजूद रही |अमृता सिंह (Amrita Singh) ने सामाजिक बुराइयों से सभी को सचेत किया, उन्होंने बताया कि किस तरह से लोगों की सोच दिन-प्रतिदिन गिरती जा रही है|  नव अस्तित्व फाउंडेशन के द्वारा सभी छात्राओं को बिस्कुट , चिप्स और कुरकुरे भी दिए गए| कार्यक्रम  का संचालन अमीर हमजा और प्राची झा ने किया |

बच्चों को किया गया पुरस्कृत

इस कार्यक्रम में अन्तर ज्योति (Antar Jyoti) की बच्चियों ने भी अपनी प्रतिभा को उजागर किया, उन्होंने बता दिया कि हम किसी से कम नहीं हैं | अन्तर ज्योति (Antar Jyoti) की बच्चियों द्वारा गया गया गीत “कईसे खेले जइबे सावन में कजरिया बदरिया घिरी आयी ननदी” । ने तो लोगों के दिल को छू लिया | इस  मौके पर उन्हें पुरस्कृत भी किया गया |
antarjyoti netrhin balika vidyalya kumhraar
‘बनारासिया’ (Banarasiya) एवं ‘आकाश डिजिटल मार्केटिंग क्लासेस ‘ (Akash Digital Marketing Classes) के संस्थापक ‘आकाश कुमार’ (Akash Kumar) ने अपने संस्था के तरफ से पुरस्कार दिए गए | बच्चियों ने बहुत कुछ सीखा और ढेर सारी मस्तियां की |
Biharstory presents-abhivyanjana bhavon ki -Banarasiya -Nav Astitav Foundation -BiharStory is best online digital media platform for storytelling - Bihar | India

कार्यक्रम ने किया सबको मन्त्रमुग्ध

कवि दीप ज्योति ने अपनी कविता में नेत्रहीन बच्चियों का दर्द यूँ बयां किया की “मुझे आंखों से दिखता नहीं दुनिया कितनी निराली है ,आप मुझे बता दो ना यह दुनिया कितनी प्यारी है |
अमीर हमजा ने मुहब्बत के मायने कुछ इस तरह बताए “इश्क ज़रा खामोशी से किया करो, शोर करने से तौहीन-ए-इश्क होती है” |शाइस्ता अंजुम पहले अपनी कहानी से बच्चियों का दिल जीता ,फिर उन्हें अपनी अधूरी अभिलाषा सुनाई |
युवा कवि अमृतेश मिश्रा ने सुनाया “सुहानी शाम के सूरज की तरह ढलते हैं ,मन-ए-बेफिक्र का लिबास ओढे चलते हैं| आराधना प्रसाद की आवाज जितनी मधुर है उतना ही खूबसूरत वह पढ़ती भी है , उन्होंने सुनाया “राह में फूल हों या खार हमें चलना है, हिन्द के दुश्मन ओ गद्दार से अब लड़ना है |
नेहाल कुमार सिंह निर्मल अपने हास्य व्यंगय से सभी को हंसने पर मजबूर कर दिया | “नया-नया टीवी जब घर में खरीदा गया, हाथ में रिमोट ले पसर गए बाबूजी | नैतिक अपने गिटार की धुन से सबका दिल जीता, उन्होंने कई सारे नए पुराने गानों को सुनाकर सब का मनोरंजन किया | युवा कवि वरुण प्रकाश ने सुनाया “दरिंदों को उसी रोज फांसी पर चढ़ाओ लोगों कानून-ए-मुल्क में कोई ऐसी दफा लाओ लोगों ” |
कार्यक्रम के अंत में प्रियंका प्रियदर्शिनी ने धन्यवाद ज्ञापन किया |