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दोस्तों आज की कहानी एक एसी जिंदादिल महिला की हैं जिनका जीवन दुखों से भरा रहा इसके बावजूद वो हजारों असहाय एवं बच्चों की जिंदगी खुशियों से भर दी, उन्होंने इस कहावत को झुठला दिया कि अगर इंसान खुद मुश्किलों से जूझ रहा हो, तो उससे दूसरों की मदद की उम्मीद बेमानी है |  चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज में केमिस्ट्री विभाग की हेड प्रोफेसर अनुराधा शर्मा की यही कहानी है |

पांच हजार गरीब बच्चों की जिंदगी खुशियों से भर दी

समाज के लिए जो मिसाल प्रोफेसर अनुराधा शर्मा (Anuradha Sharma) के कायम की है वैसा बहुत कम ही देखने को मिलता हैं | प्रोफेसर अनुराधा शर्मा (Anuradha Sharma) के दिन की शुरुवात पहले कॉलेज में पढ़ाने और दोपहर बाद का वक्त गरीब और बेघर बच्चों को जिंदगी की सही राह दिखाने में बीतता है | यह सिलसिला पिछले करीब 15 वर्षों से जारी है, अब तक वह करीब पांच हजार गरीब बच्चों की जिंदगी से अशिक्षा का अंधकार मिटा चुकी हैं | प्रो. अनुराधा घरों में काम करने वाले और वंचित तबके के बच्चों को पढ़ाकर अपने पैरों पर खड़ा करने की मुहिम में लगी हुई हैं । इसके लिए ‘हमारी कक्षा’ (Hamari Kaksha) नाम से एनजीओ शुरू किया | आज यह चंडीगढ़, पंचकूला और मनीमाजरा में चल रहा है |

तीन जगह चलती है ‘हमारी कक्षा’

सेक्टर-7 के सरकारी प्राइमरी स्कूल से शुरू हुआ यह (Hamari Kaksha) आज मनसा देवी कांपलेक्स और  कैंबवाला गवर्नमेंट स्कूल तक जा पहुंचा। इस काम में इनके साथ 22 शिक्षक और 10 वालंटियर्स जुड़े हैं। ये लोग रोजाना 350बच्चों को पढ़ाने आते हैं | कई डॉक्टर, आइएएस अधिकारी, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट भी इस अभियान से जुड़े हुए हैं |

जिंदगी से संघर्ष की पर हार नहीं मानी

प्रो. अनुराधा (Anuradha Sharma) का जन्म 1961 में चंडीगढ़ में हुआ। एमफिल केमिस्ट्री करने के बाद 1983 में आरडी शर्मा से शादी हुई। एक हादसे में अनुराधा के पति नहीं रहे। इस घटना के बाद भी इन्होंने हिम्मत नहीं हारी। दो साल के बेटे की परवरिश के साथ-साथ गवर्नमेंट कालेज-11 में नौकरी ज्वाइन की। साथ ही पीएचडी भी की। सेहत के मसले पर भी कैंसरग्रस्त रहीं। लंबे संघर्ष के बाद 4-5 साल पहले उस पर विजय हासिल की।

काम को सम्मान

प्रो. अनुराधा (Anuradha Sharma) के इस अभियान (Hamari Kaksha) को कई पुरस्कार मिले हैं | चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से एजुकेशन और सोशल वर्क में बेहतर काम के लिए प्रशंसा पत्र से नवाजा जा चुका है। सोशल वर्क में ब्रेवरी और वोकेशनल एक्सीलेंसी अवार्ड मिला। ‘हमारी कक्षा’ (Hamari Kaksha) में पढऩे वाले बच्चों को लेकर डॉक्यूमेंट्री भी बन चुकी हैं | इसको 2010 में प्रतिष्ठित कॉन फिल्म समारोह के लिए भी चुना जा चुका हैं |

प्रो. अनुराधा शर्मा का कहना है कि “हम अशिक्षित माताओं को भी शिक्षित करना चाहते हैं। इस समय 25 माताओं को पढ़ाया जा रहा है। उनके लिए अलग सेंटर शुरू करने की कोशिश है।”

niraj kumar

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
niraj kumar
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