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सच में मुजफ्फरपुर की घटना ने आज पुरे मानवता को लहूलुहान कर के रख दिया, अनाथ बच्चियों के साथ एसा कुकर्म करने वाले ब्रजेश ठाकुर के लिए कोई शब्द नहीं मिल रहा जिससे उस दरिन्दे को नवाज़ा जाये | आज उस इन्सान की माँ भी अपने आप को धिक्कार रही होगी की मैंने कैसी मानसिकता रखने वाले पुत्र को जन्म दी थी | ब्रजेश ठाकुर आज आपके कुकर्म  पर पूरी मानव जाती थूक रही है, पर वो भी आप के लिए कम है |

कीड़े की दवाई बता कर दी जाती थी नशे की गोलियां

ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ द्वारा संचालित शेल्‍टर होम में मासूम बच्चियों को कीड़े की दवा बता कर नींद की दवा दी जाती थी | दवा खाते ही बच्चियां सो जाती फिर सोते हुए मासूमों के साथ बलात्कार होता जब मासूम बच्चियों की नींद खुलती तो वो अपने आप को नंगी अवस्था में पाती उसके कपड़े फर्श पड़ बिखरे मिलते | मित्रों आप सोंच सकते हैं उन मासूम बच्चियों के साथ क्या हुआ होगा | इतना हीं नहीं ब्रजेश ठाकुर बच्चियों को अपने ऑफिस में जबरन बुलाता तथा उनके प्राइवेट पार्ट को इतने ज़ोर से स्क्रैच करते थे कि ख़ून निकल आता था | खाना खिला कर उन बच्चियों को  ब्रजेश ठाकुर के रूम में ज़बरदस्ती भेजा जाता था | वहाँ रात को कोई मेहमान आने वाला होता था | जब मासूम बच्चियां गन्दा काम के लिए मना करती तो वहां की वार्डन पेट पर लात से मारती थी, और  कई रोज़ भूखा रखती  खाना माँगने पर गर्म तेल और गर्म पानी फेंक देती थी |  ये कहानी उन 39 मासूम बच्चियों की है जिनकी हर रात कयामत की रात होती थी |

स्थानीय निवासी जानते थे इस बात को

शेल्‍टर होमके आस-पास रहने वाले लोग इस बात से परिचित थे की रात को यहाँ बच्चियों के साथ कुछ अनहोनी होती थी, उनके अनुसार रातभर यहां पुरुषों का आना-जाना लगा रहता था | दबी जुबान से पुलिस मान रही है कि बंद कोठरी के अंदर महिलाओं का शोषण होता था | जांच के दौरान पुलिस पूछताछ में स्थानीय चार लोगों ने बताया कि रात के 12 बजे के बाद यहां से चीखने-चिल्लाने की आवाज आती थी। आवाज से ऐसा लगता था कि किसी महिला के साथ जबरदस्ती की जा रही हो | कई बार तो पड़ोस के कुछ बुद्धिजीवियों ने ब्रजेश ठाकुर से इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन, ब्रजेश ने यह कहकर शांत करा दिया कि कुछ पागल महिलाएं यहां रहती हैं, जो रात में तरह-तरह की आवाज निकालकर चिल्लाती हैं |

तीन अखबारों का है मालिक ब्रजेश ठाकुर

बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित एक बालिका गृह यौन शोषण मामले का मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में प्रकाशित होने वाले तीन अखबारों का मालिक भी है। उस पर इन अखबारों की कुछ प्रतियां छपवाकर उस पर बड़ा-बड़ा सरकारी विज्ञापन पाने में कामयाब होने के आरोप हैं |

राजनीती में बर्चस्व रखने वाला ब्रजेश ठाकुर के साथ और कौन-कौन से सफेदपोशों के तार जुड़े हुए हैं ये सामने आना बाकी है पर इस जघन्य अपराध के लिए फांसी की सजा भी ब्रजेश ठाकुर के लिए कम होगी  

niraj kumar

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
niraj kumar
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