बिहार के दरभंगा जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र में प्यार का एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जहां प्रेमिका की अपने प्रेमी को जीवनसाथी बनाने की जिद के सामने न केवल कठोर प्रेमी को, बल्कि समाज को भी झुकना पड़ा। इसके बाद प्रेमी-प्रेमिका के लिए थाने में ही शहनाई बजी और फिर अग्नि के सात फेरे लेते ही जीवन भर के लिए एक-दूसरे के हो गए।

पुलिसकर्मी बने बाराती

दरभंगा जिले का अलीनगर थाना परिसर में सोमवार को न केवल विवाह मंडप सजा, बल्कि पुलिसकर्मी बाराती बने और पारंपरिक तरीके से विवाह संपन्न कराया गया |

शादी समारोह में हुई थी मुलाकात

सुपौल जिले के मरौना थाना क्षेत्र के रहने वाले बालेश्वर चौपाल की बेटी सरिता कुमारी और दरभंगा जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र निवासी मुनेश्वर साह के बेटे इंद्रजीत की मुलाकात एक साल पहले एक शादी समारोह में ही हुई थी। यहीं दोनों की आंखें लड़ीं और दोनों में प्यार हो गया। कुछ दिनों बाद दोनों का जैसे-जैसे प्यार परवान चढ़ा, तब दोनों ने एक साथ जीने और मरने की कसमें खाईं। इंद्रजीत और सरिता अपने घरवालों से छुप कर लगातार एक दूसरे से मिलते भी रहे। इसके बाद सरिता ने वादे के मुताबिक, इंद्रजीत से शादी करने की बात शुरू की। लेकिन, इंद्रजीत अपने घरवालों के डर से किसी न किसी बहाने शादी टालता रहा। इधर, सरिता ने हिम्मत दिखाई और एक सप्ताह पूर्व अकेले ही दरभंगा अपने प्रेमी के घर पहुंच गई और अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ गई।

आख़िरकार परिवार वालों को झुकना पड़ा

पहले तो इंद्रजीत के परिवार वाले तैयार नहीं हुए। अपनी जिद पर अड़ी प्रेमिका सरिता चार दिनों तक प्रेमी के दरवाजे पर ही बैठी रही | इसके बाद गांव वालों का मन पसीजा और सभी लोग लडक़ी के पक्ष में खड़े हो गए | इस क्रम में गांववालों ने लडक़े के परिजनों पर शादी करने का दबाव बनाने लगे, लेकिन लडक़े के घरवाले किसी भी सूरत में लडक़ी को अपनाने के लिए तैयार नहीं थे। इंद्रजीत भी अपनी प्रेमिका को पहचानने से इनकार करता रहा | गांव वालों के दबाव के बाद भी जब लडक़े वाले सरिता को अपनाने के लिए तैयार नहीं हुए, तब उसने विवश होकर पुलिस से मदद मांगी |

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
niraj kumar

Latest posts by niraj kumar (see all)