आज बिहारी के लिए कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है जहाँ पर उसने सफलता के झंडे न गाड़े हो एसे में बॉलीवुड कैसे अछूता रहता | बिहार ने बॉलीवुड को भी एक से बढ़कर एक कलाकार दिए हैं जिनपर पूरा देश गर्व करता है |बॉलीवुड में भी बिहारवासियों की लंबी लिस्ट है आज हम एक नज़र डालेंगे बॉलीवुड में बिहार के कुछ मशहूर अभिनेता व अभिनेत्रियों पर

बिहारी बाबु शत्रुघ्न सिन्हा

बिहार और बॉलीवुड का कनेक्शन जोड़ा जाए और शत्रुघ्न सिन्हा की बात ना आए, ऐसा नामुमकिन है। उनका एक खामोश आज भी अच्छे अच्छों को खामोश कर देता है। एक समय ऐसा भी था जब फिल्मों के निर्माता-निर्देशक अपनी फिल्मों में हीमैन धर्मेंद्र और एंग्री यंगमैन अमिताभ की जगह शत्रुघ्न सिन्हा को तरजीह देते थे। शत्रुघ्न सिन्हा बॉलीवुड के ऐसे पहले अभिनेता हैं, जिन्होंने फिल्मों के साथ-साथ राजनीति में भी एक सफल पारी खेली। वे बिहार के पटना साहिब से भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं।  हाल ही में बिहार चुनाव को लेकर बीजेपी ने उन्हें अपने स्टार कैम्पेनर लिस्ट में शामिल किया है।

बॉलीवुड की दुनिया में उन्हें शॉट गन और बिहारी बाबू के नाम से जाना जाता है। शत्रुघ्न सिन्हा बिहार के वो पहले शख़्स हैं जिन्होंने बॉलीवुड की दुनिया में कदम रखा था। ‘प्रेम पुजारी’ फिल्म में एक छोटे से किरदार से उन्होंने अपना सफ़र शुरू किया था। इसके बाद 1971 में ‘मेरे अपने’ फिल्म से उन्हें एक बड़ा रोल मिला। और जब 1976 में ‘कालीचरण’ मूवी अाई तो बिहारी बाबू बिहार से बॉलीवुड का उभरता हुआ सितारा बन गए। धराधर उनकी क्रांति ,नसीब,जानी-दुश्मन, विश्वनाथ व अन्य कई फिल्में हिट होती चली गई। फ़िलहाल बिहारी बाबू राजनीति में कार्यरत हैं।

सोनाक्षी सिन्हा

सोनाक्षी सिन्हा एक अभिनेत्री के साथ रैपर भी हैं।वो अभिनेता शत्रुघन सिन्हा और अभिनेत्री पूनम सिन्हा की पुत्री हैं। उन्होंने 2010 में सलमान के साथ फ़िल्म दबंग से फ़िल्मों में पदार्पण किया जिसमें उन्हें सर्वश्रेष्ठ पदार्पण अभिनेत्री का फ़िल्मफेयर पुरस्कार मिला। इसके बाद इन्होंने राउडी राठौर ,सन ऑफ सरदार, दबंग 2, हॉलीडे जैसी हिट फिल्मों में बतौर अभिनेत्री अभिनय किया। सोनाक्षी अपने निर्भीक और दबंग अंदाज़ के लिए बॉलीवुड में मशहूर है। इनके फैंस की बिहार में ही नहीं बल्कि पूरे देश में हैं।

इम्तियाज़ अली

इम्तियाज़ अली आज बॉलीवुड के जाने माने डायरेक्टर, लेखक हैं।  वह बॉलीवुड में जब वी मेट, हाइवे जैसी फिल्मों के लिए जाते हैं। इम्तियाज हिंदी सिनेमा के सफल निर्देशकों में एक हैं।  इम्तियाज अली का जन्म 16 जून 1971 में जमशेदपुर में हुआ था।  वैसे तो वह बिहार के दरभंगा के मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखतें हैं।  उनके पिता मंसूर अली इरिगेशन विभाग में कार्यरत हैं।  वह निर्देशक आरिफ अली के बड़े भाई हैं।  आरिफ ने फिल्म लेकर हम दीवाना दिल से हिंदी सिनेमा में अपना डायरेक्टोरियल डेब्यू किया था।  पटना में अपना बचपन बीताकर इम्तियाज़ ने बॉलीवुड की तरफ अपना कदम रखा। इन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत टेलीविजन के छोटे कार्यक्रमों से की थी। बॉलीवुड में इनके द्वारा निर्देशित ‘जब वी मेट’ एक कभी ना भूल पाने वाली फिल्म है। जिस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी थी। इसके बाद इन्होंने ब्लैक फ्राइडे, लव आज कल, तमाशा रॉकस्टार जैसी सफल फिल्मों का भी निर्देशन किया है।

इम्तियाज ने अपनी शुरआती पढ़ाई पटना के संत माइकल स्कूल से की।  उसके बाद वह पटना से जमशेदपुर आ गए।  यंहा आकर उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई डीबीएमएस स्कूल से पूरी की।  उन्होंने अपने ग्रेजुएशन की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिन्दू कॉलेज से की है।  वउन्होंने कॉलेज के दिनों से ही थिएटर करना शुरू कर दिया था।  वह खाली समय में स्क्रिप्ट भी लिखा करते थे।

शेखर सुमन

बिहार के शेखर सुमन टेलिविज़न पर एक जाना-माना चेहरा है। शेखर सुमन ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1984 में फिल्म ‘उत्सव’ से की थी. इस फिल्म में उनके साथ रेखा और शशि कपूर लीड रोल में थे. इसके बाद वह कई फिल्मों में नजर आए लेकिन उन्हें असली पहचान बाद में छोटे पर्दे पर मिली. वह छोटे पर्दे पर ‘मूवर्स एंड शेखर्स’ के होस्ट के तौर पर नजर आए. इस प्रोग्राम से उन्हें पहचान मिली.

इसके बाद इन्होंने चोर मचाए शोर, नाच मयूरी, हार्टलेस जैसी कई फिल्मों में काम किया। टेलीविजन पर इन्होंने अपना कैरियर 1993 में ‘देख भाई देख’ से शुरू किया। टेलीविजन पर इनके शोज़ सिंपली शेखर, मूवर्स एंड शेकर्स, मसाला मारके काफी मशहूर रहें। इन्होंने द ग्रेट इंडियन लाफटर शो, लाफ इंडिया लाफ, कॉमेडी सुपरस्टार जैसे शोज़ को जज भी किया है।

शेखर ने 1983 में अल्का सुमन से शादी की थी और वह दो बेटों अध्ययन और आयुष के पिता हैं. उन्होंने अपने बेटे अध्ययन को फिल्म ‘हार्टलेस’ से लॉन्च किया था. इस फिल्म को उन्होंने डायरेक्ट किया था और यह फिल्म सुपरफ्लॉप रही थी.

सुशांत सिंह राजपूत

सुशांत सिंह राजपूत का जन्म पटना, बिहार में हुआ है। उनके पिता सरकारी अधिकारी हैं। शुरूआती पढ़ाई सेंट कैरेंस हाई स्कूल, पटना से हुई है और इसके आगे की पढ़ाई दिल्ली के कुलाची हंसराज माॅडल स्कूल से हुई है। इसके बाद दिल्ली काॅलेज आॅफ इंजीनियरिंग से उन्होंने मैकेनिल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।

सुशांत सिंह राजपूत नें “किस देश में है मेरा दिल” नामक धारावाहिक में काम किया पर उनको पहचान एकता कपूर के धारावाहिक “पवित्र रिश्ता” से मिली। इसके बाद उन्हें फ़िल्मो के प्रस्ताव मिलना शुरु हुए। फ़िल्म काय पो छे! में वो मुख्य अभिनेता थे और उनके अभिनय की तारीफ़ भी हुई। इसके बाद वो शुद्ध देसी रोमांस में वाणी कपूर और परिणीति चोपड़ा के साथ दिखे। फ़िल्म सफल रही और सुशांत का फ़िल्मी करियर परवान चड़ गया। बहुत कम समय के अंदर इन्होंने अपने पैर बॉलीवुड में जमा लिए। शुद्ध देसी रोमांस, डिटेक्टिव ब्योकेश बक्षी , एम.एस धोनी बॉलीवुड में हिट रही। बिहार के सुशांत बॉलीवुड में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके हैं।

नेहा शर्मा

नेहा शर्मा के पिता अजित शर्मा भागलपुर में कांग्रेसी विधायक हैं।नेहा शर्मा ने अपनी शुरुआती पढाई माउंट कार्मेल स्कूल भागलपुर से सम्पन्न की है। उन्होंने नेशनल इंस्टीयुट ऑफ़ फैशन टेक्नोलोजी (NIFT)से फैशन डिजाइन की पढाई की है।

सुनो ना संगमरमर की ये दीवारें ..भला इस गाने को कोई कैसे भूल सकता है। इस गाने को ‘लव एंथम’ का नाम दिया गया था। यह गाना नेहा की फिल्म यंगिस्तान से है। नेहा शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत तेलुगु फिल्म चिरत से की थी।  इस फिल्म में चरण तेज के अपोजिट नजर आयीं थी। उन्होंने हिन्दी सिनेमा में मोहित सूरी की फिल्म क्रूक से  रखा था।  हालांकि उनकी यह पहली फिल्म बॉक्स-ऑफिस पर कोई  नहीं दिखा सकी।  इस के बाद वह तेरी मेरी कहानी और कॉमेडी फिल्म क्या सुपर कूल हैं हम में नजर आई।

अखिलेंद्र मिश्रा

90 के दशक में दूरदर्शन पर आने वाले शो चंद्रकांता के क्रूर सिंह के अभिनय को अखिलेंद्र मिश्रा का सबसे बेहतरीन किरदार माना जाता है। 1993 में उनकी पहली फिल्म बेदर्दी आई थी। इसके बाद उन्होंने वीरगति,सरफरोश, गंगाजल जैसी कई फिल्मों में काम किया।

पंकज त्रिपाठी

2007 में फिल्म ‘धर्म’ से पंकज की बॉलीवुड में एंट्री हुई थी। वह अब तक 40 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके हैं। पंकज अब तक 60 से अधिक सीरियलों में कई किरदार कर चुके हैं। 2012 में फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ आई थी। यह फिल्म हिट हुई। इसके बाद उनकी एक अलग पहचान बन गई और कई फिल्मों के ऑफर मिलने लगे।

एक्टर पंकज त्रिपाठी की फिल्म ‘न्यूटन’ को ऑस्कर के लिए नॉमिनेट किया गया है। पंकज भले ही आज चर्चा में हैं, लेकिन इसके पीछे उनकी वर्षों की मेहनत है। बिहार के गोपालगंज से पटना फिर मुंबई तक का सफर पंकज के लिए आसान न था। कई बार पंकज अपनी फोटो लेकर काम मांगने प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के पास जाते और गार्ड उन्हें ऑफिस के अंदर नहीं जाने देता था। कई बार घंटों इंतजार किया, लेकिन काम न मिला।

niraj kumar

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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