हफ़्तों से बिहारी युवाओं को उस मंच का इन्तजार था जिस मंच से उनके सवाल और हक़ के बारे पूछने की आज़ादी थी और आखिरकार वह सपना साकार हुआ | लगभग 1500 युवाओं के भागीदारी के साथ  बिहार छात्र संसद  ने चाणक्य -चन्द्रगुप्त की गौरवशाली धरती से इस बात का आगाज किया  कि अब बिहार  किस्मत से नहीं  बिहारी युवाओं के हौसलें और हिम्मत से बदलेगा और अब अपनों से नहीं , अपनों के लिए  संघर्ष  होगा…

नामी -गिरामी हस्तियों और नेताओं के साथ एक साथ बैठे  बिहारी छात्र एवं युवा

30 सितम्बर रविवार को ज्ञान भवन(गांधी मैदान, पटना) में छात्र संसद कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसका उद्घाटन स्वास्थ मंत्री मंगल पाण्डेय, पर्यटन मंत्री प्रमोद कमार, विधायक श्याम रजक, एम एल सी देवेश चंद्र ठाकुर,
समाजिक कार्यकर्ता आकांक्षा चित्रांश, डॉक्टर संगीता ,दुर्गेश कमार सोनु और राकेश पाण्डेय के द्वारा किया गया।
जिसमें हजारों की संख्या में छात्र मौजुद थे और जिसका मुख्या उद्देश्य बिहार और देश की राजनीति तथा प्रशासनिक तंत्र में कमियों को उजागर कर उनके निवारण और सकारात्मक बदलाव लाकर समाज और प्रदेश को विकास की और अग्रसर करना था   |

आज जरुरत है नौजवानों को एक सही दिशा देने की: मंगल पांडे

 

छात्र संसद को सम्बोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने कहा कि नौजवांन जिधर चलते है जमाना उधर ही चलता है ,लेकिन आज जरुरत है नौजवानों को एक सही दिशा देने की। उन्होनें छात्रों से आह्वान करते हुए कहा की अगर युवाओं का साथ मिला तो हम बिहार से गरीबी को खत्म करेंगे, स्वच्छ बिहार का निर्माण करेंगे जिससे लोंगो को एक सवस्थ  जीवन मिलेगा।मंगल पाण्डेय ने कहा कि एक विकसित बिहार को बनाने में हम सब को मिलकर काम करना होगा।

बिहार की भूमि कई धर्मों की मोक्ष भूमि है: प्रमोद कुमार

 

छात्र संसद को सम्बोधित करते हुए पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा की मैं जयप्रकाश नारायण द्वारा निर्मित छात्र संसद से निकला एक नेता हूं । बिहार की भूमि कई धर्मों की मोक्ष भूमि है। प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार में जात पात आज के समय की एक प्रमुख समस्या है। हम सब को मिलकर इस जात पात को खत्म करना होगा।जिससे एक समतामूलक बिहार बनाया जा सके ।

छात्रों की सबसे बड़ी समस्या अच्छी शिक्षा और रोजगार की : आकांक्षा चित्रांश

 

हेल्पींग ह्यूमन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी ( CEO  ) आकांक्षा चित्रांश ने छात्र युवा संसद को सम्बोधित करते हुए कहा की बिहार के छात्रों की सबसे बड़ी समस्या अच्छी शिक्षा और रोजगार की है। आज जरुरत है छात्र शिक्षा और रोजगार के अधिकारों को पाने के लिए आगे आए। जिससे एक विकसित बिहार बनाया जा सके ।
एमएलसी देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा की आज बिहार विकास के मामले में सबसे निचले पायदान पर खड़ा है,।हमारे यहाँ गरीबी हैं, रोजगार नहीं है, जात पात का बोलबाला है। हम लोगों को जातिवाद को खत्म कर एक विकसित बिहार को बनाना होगा। विधायक श्याम रजक ने अपने भाषण में कहा कि बिहार में महात्मा गांधी ने चंपारण सत्याग्रह की शुरुवात की जिसमे छात्रों का उन्हे काफी सहयोग मिला।

सबको शिक्षा दिए बगैर बिहार विकसित नहीं बन सकते हैं

शिक्षाविद आर पी सर ने छात्र संसद को सम्बोधित करते हुए कहा कि सबको शिक्षा दिए बगैर बिहार विकसित नहीं बन सकते हैं । जब सरकार ने छात्रों को पढ़ने के लिए क्रेडिट कार्ड की व्यवस्था की है तो हम शिक्षकों का दायित्व है की यह सुनिश्चित करे की सभी छात्रों को शिक्षा मिले। चाहे छात्रों के पास पैसा हो या नहीं हो।
बिहार छात्र संसद के आयोजक दुर्गेस कुमार सोनु ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह छात्र संसद छात्रों को अपने जनप्रतिनिधियों से बातचीत करने का एक खुला मंच हैं जिसमें छात्र विभिन्न मसलों पर जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद स्थापित कर सकते है।
ज्ञान भवन में पुरे दिन चले इस छात्र संसद को छात्र संसद के संस्थापक अंकित कुमार, राकेश पाण्डेय, संतोष सिंह आदित्या शंकर, राजेश वर्मा, केशव शर्मा, सहित कई उन्य लोगों ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन चंदन ने किया।