भले ही भारत तरक्की की राह पर न्यू इंडिया के सफ़र की शुरुवात कर चूका हो लेकिन देश में 22 करोड़ 46 लाख लोग कुपोषण का शिकार अभी भी हैं। देश में 15 से 49 वर्ष की 51.4 फीसदी महिलाओं में खून की कमी है। पांच वर्ष से कम उम्र के लगभग 40 फीसदी बच्चे अपनी आयु के मुताबिक लंबाई में बहुत कम है। 21 फीसदी बच्चों का वजन अत्यधिक कम है। इस कट्टु सत्य के साथ सोने की चिड़िया कही जाने वाले देश में हम गर्व से अभी भी वह गीत नहीं गुनगुना सकते कि जहाँ डाल -डाल पर सोने की चिड़ियां करती है बसेरा वो भारत देश है मेरा… राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरुवात देश को कुपोषण के महाजाल से मुक्त कराने का माकूल प्रबंध साबित हुआ है और  ऐसे में जहानाबाद जिले के काको ब्लॉक में कार्यरत बाल विकास परियोजना  पदाधिकारी ‘ कुमारी सीमा ‘ के प्रयासों को भारत सरकार ने न सिर्फ सराहा है बल्कि उन्हें नई दिल्ली में सम्मानित भी किया गया |

 

क्या है राष्ट्रीय पोषण मिशन ?

भारत को कुपोषण से मुक्त करने के लिए 8 मार्च, 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजस्थान के झुंझुनू में राष्ट्रीय पोषण मिशन का शुभारंभ किया था ।

ज्ञात हो कि भारत में पांच साल से कम उम्र के 20 फीसदी से ज्यादा बच्चे ‘कुपोषण’ (ऊंचाई के मुकाबले कम वजन) से ग्रसित हैं। भारत उन देशों की सूची में  शामिल है। जिन्होंने पिछले 20 सालों में इस मामले में कोई प्रगति नहीं की है।सयुंक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन की  रिपोर्ट के अनुसार भारत में कुपोषित लोगों की संख्या लगभग 20 करोड़ है।राष्ट्रीय पोषण मिशन के माध्यम से 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को लाभ प्राप्त हो सकेगा।

सी० डी० पी० ओ० कुमारी सीमा को मिला  लीडरशिप अवार्ड

प्रतिकूल परिस्थितियों को अनुकूल बनाने के लिए किया गया प्रयास ही किसी को नई पहचान और ऊँचाई  देता है और यह अन्य लोगों के लिये भी प्रेरणा का काम करती है | नारी की अलग पहचान ही उनकी ताकत है और यहाँ  चर्चा कर रहे हैं   बिहार के 2000 बैच की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) कुमारी सीमा की जिन्होंने प्रधानमंत्री मोदी जी की चर्चित  योजना ‘ राष्ट्रीय पोषण मिशन ‘ के माध्यम से जहानाबाद जिले के काको ब्लॉक में  अपने दृढ इच्छाशक्ति , सुदृढ़ निगरानी और अभूतपूर्व कार्यशैली द्वारा एक नई इबारत लिखी चुकी है जिसके लिए 10 अक्टूबर को उन्हें दिल्ली स्थित अशोका होटल में राष्ट्रीय पोषण माह के लिए  लीडरशिप अवार्ड दिया गया | यह पुरस्कार भारत सरकार प्लानिंग कमीशन के वाईस चेयरमैन द्दवारा दिया गया |

 

काको ब्लॉक में सीमा चला रही है कुपोषण के खिलाफ अभियान

सीडीपीओ कुमारी सीमा ने बच्चों में अल्प वजन, नाटापन एवं दुबलापन की दर में 2% की कमी लाने एवं एनीमिया से ग्रसित महिलाओं की दर में 3% की गिरावट की लक्ष्य प्राप्ति हेतु विभिन्न विभागों से समन्वय कर जिसमें स्वास्थय विभाग ,  शिक्षा विभाग ,जीविका , PHED एवं पंचायती राज विभाग मुख्य रूप से शामिल रहे , सबके साथ मिलकर एक सघन अभियान चलाया जिसमें वहाँ की लोकल महिलाओं और अन्य लोगों  ने भी साथ दिया |

सीडीपीओ कुमारी सीमा ने बिहारस्टोरी  को बताया कि भारत में गरीबी उन्मूलन और खाद्य सहायता कार्यक्रमों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद कुपोषण लगातार एक बड़ी समस्या बनी हुई है अतः जरूरी है कि एक संकल्पबद्धता के साथ लोगों को जन आंदोलन के जरिए पोषण पर विभिन्न गतिविधियों आदि के माध्यम से शामिल किया जाये |

उन्होंने बताया कि अपने ब्लॉक को कुपोषण मुक्त बनाने के  लिए वहाँ विभिन्न  कार्यक्रमों के जरिए वह महिलाओं और बच्चों के बिच जागरूकता अभियान भी चला रही है |