प्रतिष्ठ टैली सॉफ्टवेयर में अधिकारी के रूप में काम करते हुए भी गरीब और असहाय लोगों के तकलीफों को दूर करने का हरसंभव प्रयास करते हैं  और जिनका मानना है कि अगर आप अपने जीवन में ख़ुशी चाहते हैं तो किसी की मदद कर उसके चेहरे पर मुस्कान लाइए | आज हम एक ऐसे ही शख्स की स्टोरी आपके सामने ला रहे है जो आज कामयाब होते हुए भी अपने माटी से  दगा करने की नियत नहीं रखते और आज  उसी धरती पर एक नयी इबारत लिखने की कवायद शुरू करना चाहते है | आरा जिले के एकवारी गाँव के  धनंजय कुमार सिंह पर एक स्टोरी रिपोर्ट |

 

 

बिहार के आरा जिले के एकवारी गाँव मे जन्मे धनंजय कुमार सिंह जी की जिन्होंने ने गरीबी को बहुत ही नजदीकी से देखा है और यही कारण है कि वे बेरोजगारी, अशिक्षा और संसाधनों की कमी से भली- भांति से परिचित हैं और धनंजय कुमार सिंह इस समस्या से लोगों को निजाद दिलाने का हर संभव प्रयास करते हैं

बचपन से हीं मेघावी छात्र रहे हैं धनंजय

धनंजय कुमार सिंह की प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राथिमिकी विद्यालय मे हुई फिर वो रांची चले गए | राँची मे भी उनकी शिक्षा वहाँ के सरकारी स्कूलों में हुआ | राँची  से ही धनंजय ने 10 वी औऱ 12वी की परीक्षा प्रथम श्रेणी से प्राप्त की | पूर्वी भारत के प्रतिष्ठित St. Xaviers कॉलेज मे उनका प्रतिस्पर्धा मे आने के कारण  नामांकन हुआ | यहा से मैनेजमेंट मे ग्रेजुएट होने के बाद वो MBA करने दिल्ली चले गए! MBA की पढाई के बाद देश के प्रतिष्ठ टैली सॉफ्टवेयर मैं अधिकारी के रूप मैं   10 सालो तक काम किया |

उनका झुकाव हमेशा समाज के लिये कुछ करने का रहा था

समाज और जमीन से जुड़े होने के कारण उनकी रूचि हमेशा समाज मे दबे कुचले तबकों के लिए कुछ करने की थी | इन्होंने अपनी जॉब करते हुए समाज के इन तबकों के लिए काम करना शुरू किया | टैली सॉफ्टवेयर के मालिक  भारत गोयनका जी से काफी प्रभावित रहे धनंजय  शिक्षित  बेरोजगार लोगो को रोजगार के लिए काम करना शरू किया | 2010 से ऐसे लोगो को टैली की कोर्स करने के लिए प्रोत्साहित किया और फिर उन्हें हजारों कंपनियों मैं जॉब के लिए कनेक्ट कराया जो आज समाज मे स्वाभिमान की जिंदगी जी रहे है |

 

जरुरतमंदों के लिए मसीहा बन कर उभरे धनंजय कुमार सिंह

नोएडा में  रहते हुये धनंजय कुमार सिंह ने  हज़ारों लोगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप, टेलीग्राम से जोड़ा जो देश के प्रतिष्ठित संस्थान में काम करते है और बेरोजगार लोगो को जॉब दिलाने में सहयता किया।

दिल्ली जैसे महानगर में आज भी हजारों लोगों खुली आसमान मे अपनी जिंदगी गुजारते हैं, ऐसे मे धनंजय सिंह हर वर्ष लोगो से पुराने और अनुपयोगी  गर्म कपड़ों की सहायता की प्रार्थना करते है और दान में मिले कपड़ों को इकट्ठा करके दिल्ली, नोएडा के विभिन्न स्थानों पर गरीबों के बीच वितरीत करते हैं |

लोग भी जुड़ते गयें और अब समाजसेवी के तौर पर पहचान बनी

2013 में  धनंजय कुमार सिंह ने वैसे प्रोफेशनल को अपने साथ जोड़ना शुरू  किया जो आपने वीकेंड पर समाज सेवा में योगदान दे सके | गरीब बच्चों की शिक्षा पर धनंजय कुमार सिंह काफी जोर  देते थे, इसी कारण इन्होंने अपने आय का एक हिस्सा एक ट्रस्ट The Indian Social Services  के जरिए समाज सुधार मे लगाना शुरू किया जिससे आज 250 बच्चों की शिक्षा की पूर्ण व्यवस्था हो सकी |

आज The Indian Social Services से देश के विभिन्न प्रान्तों से तक़रीबन 2500 लोग जुड़े हुए है | जो समाज के लिए आपने संसाधनों से सहायता करने का प्रयास कर रहे है | अब धनंजय कुमार सिंह अपने जन्म भूमि एकवारी गाँव और गुरु भूमि बिहार/झारखंड में लोगो को शिक्षित करने और रोजगार दिलाने के लिए जल्द ही लोगो को जोड़कर इस नेक काम को आगे बढ़ाएंगे |

लोगो को जल्द न्याय मिले उसके लिए इन्होंने लॉ की शिक्षा ग्रहण की और बहुत जल्द ये ऐसे लोगों के लिए मुफ्त लीगल सर्विसेज का भी काम करना शुरू  करेंगे।इनके जीवन मे एक मक़सद गरीबों के लिए एक फ्री स्कूल और एक साई बाबा का मंदिर निर्माण है।उनका मानना है कि समाज का विकास समाज के लोगों के द्वारा ही किया जा सकता है।

 

niraj kumar

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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