कुछ बड़ा करने के लिए उम्र की आवश्यकता नहीं होती, बस आत्मविश्वास होनी चाहिए | आज की हमारी कहानी एसी हीं आत्मविश्वास से लबरेज बिहार पटना (Bihar Patna) की एक बेटी युवा उधमी (Young Entrepreneur)नमिता प्रिया(Namita Priya) की है जो कहने को तो मात्र 25 वर्ष की है पर इसने इस कम उम्र में ही अपनी जन्मभूमि बिहार की पारंपरिक हस्त कलाओं को राष्ट्रिय एवं अन्तराष्ट्रीय पहचान दिला चुकी है, और इसके जरिये लोगों को रोजगार भी दे रही है |

मध्यम वर्गीय परिवार की बेटी है नमिता प्रिया

पटना के एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली नमिता प्रिया (Namita Priya) को कला के क्षेत्र में काफी रूचि थी पर पिता उन्हें इंजिनियर बनाना चाहते थे, एसा इसलिए की नमिता के अन्य भाई-बहन साइंसस्ट्रीम से पढ़ाई कर रहे थे इसी वजह से नमिता के पापा ने १२ वि के बाद उनका दाखिला पटना (Patna) के हीं एक इंजीनियरिंग कॉलेज में करवा दिया, पर नमिता प्रिया (Namita Priya) के मन में कुछ और हीं चल रहा था | जब बीटेक करने के बाद जब आगे पढने की बात आयी तब नमिता प्रिया (Namita Priya) ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (TISS) की तरफ रुख की |

Young Entrepreneur Namita-Priya-Patna-Bihar | Best Digital media platform of storytelling | Best Story blog in Patna Bihar

पढने के दौरान ट्यूशन भी बच्चों को पढ़ाती थी नमिता

नमिता प्रिया (Namita Priya) के पिता एक दवा की दुकान चलाते हैं और माँ साधारण गृहणी और  खुद तीन भाई-बहन थी और घर का सारा खर्च पापा चलाते थे, एसे में नमिता प्रिया (Namita Priya) को अपने बिजनेस के लिए पापा से पैसे मांगना उचित नहीं लगा | टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (TISS) में दाखिला लेने से पहले भी नमिता प्रिया (Namita Priya) खुद पढने के साथ-साथ छोटे-छोटे बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाती थी जिसे वो आगे पढ़ाई के दौरान भी जारी रखी

इंटर्नशिप के दौरान खुद के बिजनेस का आइडिया आया

बिहार पटना (Bihar Patna) की नमिता प्रिया (Namita Priya) को पढ़ाई के दौरान वैशाली जिले में बिहार सरकार (Bihar Gov) की एक परियोजना से जुड़ कर इंटर्नशिप करने का मौका मिला | इंटर्नशिप के दौरान इस परियोजना में शामिल ग्रामीण महिलाओं के पारम्परिक एवं कलात्मक हुनर क्रोशिया से परिचित हुई, नमिता प्रिया (Namita Priya) ने महसूस किया कि इतनी हुनरमंद होने के बावजूद इन महिलाओं की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, अगर इनको सही मार्ग दर्शन और बाजार दिया जाये तो ये महिलाऐं काफी कुछ कर सकती है | और इस तरह नमिता अपने विचार को धरातल पर लाने की ठान ली |

Young Entrepreneur Namita-Priya-Patna-Bihar | Best Digital media platform of storytelling | Best Story blog | inspirational Story Read Biharstory.in

और फिर शुरू हुआ नमिता का व्यापार

नमिता प्रिया (Namita Priya) ट्यूशन से इकठ्ठा पैसों से क्रोशिया ज्वेलरी बनवाने के लिए कच्चा माल ख़रीदा  | ज्वेलरी का डिज़ाइन नमिता खुद बनती थी फिर अपने मार्गदर्शन में ग्रामीण महिलाओं से क्रोशिया ईयररिंग और नेकपीस बनवाती | जब पटना के ज्ञान भवन में नमिता ने अपने क्रोशिया ज्वेलरी आइटम्स का स्टाल लगाया तो लोगों का अच्छा रिस्पांस मिला, इससे नमिता के साथ जुडी हर महिला को सप्ताह भर में हीं करीब 250 रूपए का शुद्ध मुनाफा हुआ और तो और मेल के अंतिम दिन नमिता को बिहार उधमिता विकास निगम की तरफ से यंगेस्ट वुमेन इंटरप्रेन्योर को अवार्ड भी मिला | अपनी इस छोटी सी कोशिश से नमिता ने वैशाली जिले की महिलाओं को उर्जा से भर दी |

बिहार की पारंपरिक कलाओं को पहचान दिलाना चाहती है

युवा उधमी (Young Entrepreneur)नमिता प्रिया(Namita Priya) अपनी पढाई पूरी करने के बाद केवल क्रोशिया कला ही नहीं बल्कि बिहार (Bihar) की अन्य पारंपरिक कलाओं को आधुनिक रूप दे कर विश्व-पटल पर बिहार की पारंपरिक कलाओं को नई पहचान दिलाना चाहती है |

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
niraj kumar

Latest posts by niraj kumar (see all)