पिछले चार दशकों से खांटी भोजपुरी गीत (Bhojpuri song) कि मिठास को अपनी गायकी में घोलकर करोड़ो श्रोताओं तक पहुँचाने वाले भोजपुरी भजन, लोकगीत और निर्गुण गायकी के बेहतरीन (Singer Bharat Sharma Vyaas) गायक  भरत शर्मा व्यास आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं | भरत शर्मा (Bharat Sharma) की गायकी आज भी अश्लीलता से कोसो दूर है उन्होंने कभी भी अपनी गायकी से समझौता नहीं किया |

Bhojpuri song Best Singer bharat sharma vyaas Bihar Buxar District

बक्सर जिले (Buxar District) के रहने वाले हैं (bharat sharma vyaas) भरत शर्मा व्यास

‘गोरिया चांद के अंजोरिया नियन गोर बाडू हो’ व ‘जबसे गवनवा के दिनवा धरायिल’ जैसे साढ़े चार हजार से भी ज्यादा गानों को अपनी सुरीली आवाज दे चुके (Bharat Sharma) भरत शर्मा व्यास मूल रूप से बिहार (Bihar) के  पुराने शाहाबाद के (Buxar District) बक्सर जिले के सिमरी प्रखंड के नगपुरा गाँव के रहने वाले हैं |

अचानक हीं मिल गया था गाने का मौका

भरत शर्मा (Bharat Sharma) कि गायकी में तो रुचि बचपन से ही थी | 10 जुलाई 1971 को भरत शर्मा (Bharat Sharma) के गांव पुराने शाहाबाद के (Buxar District) बक्सर जिले के सिमहरी प्रखंड  नगपुरा में एक कार्यक्रम था, जिसमें बहुत से कलाकार बाहर से आए थे | वैसे तो भरत शर्मा (Bharat Sharma) वहां दर्शक के रूप में गए थे  लेकिन उन्हें गाने का भी मौका मिल गया | जब भरत शर्मा (Bharat Sharma) का गाना खत्म हुआ तो उन्हें बहुत वाहवाही मिली, मनोबल बढ़ा | इस मौके ने और हौसला बढ़ा दिया |

माँ से मात्र सोलह रूपए ले कर कोलकाता निकल पड़े थे रिकॉर्ड कराने

उन दिनों गायकों के बीच कोलकाता का क्रेज था इसलिए मां से 16 रुपये लेकर बक्सर से हावड़ा पहुंच गए | वहां बच्चन मिसिर, गायत्री ठाकुर, राज किशोर तिवारी जैसे लोगों का बहुत साथ मिला और सालों तक रामायण गाया। जब ऑडियो का जमाना आया तब मैंने अपने गाने रिकॉर्ड भी करवाए। साल 1989 में सबसे पहला एल्बम ‘दाग कहां से पड़ी’ आयी, जिसके बाद से लोगों का भरपूर प्यार मिलता रहा है। भरत शर्मा (Bharat Sharma) की गायकी का दायरा विस्तृत है | उसमें श्रृंगार और अन्य रसों के गीत तो हैं ही, लेकिन मूल स्वर निर्गुण का ही है , शायद यही वजह है कि भोजपुरी (Bojpuri) के तमाम पुरुष गायकों में उनका सम्मान अधिक है |

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आज भी भोजपुरी (Bhojpuri) गायकों में लिजेंट माने जाते हैं भरत शर्मा व्यास (Bharat Sharma)

भोजपुरी (Bhojpuri) में ऐसे गायकों की एक लंबी रवायत रही है, कुछ गुमनाम रह गए तो कुछ बराए-मेहरबानी यू-ट्यूब के फिर से सामने आए हैं |  भरत शर्मा आज भी सक्रिय हैं और साठ से उपर की उम्र में भी देश-विदेश में लगातार अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं | इस वर्ष के इस कैलेण्डर में एकमात्र जीवित लीजेंड के तौर पर भरत शर्मा ‘व्यास’ को रखा गया है

भोजपुरी (Bhojpuri) लोकगीतों में बढ़ते फूहड़पन को लेकर रहते हैं चिंतित

यह कटु सत्य है कि भोजपुरी (Bhojpuri) में अश्लील गाने परोसे जा रहे हैं और ऐसे तथाकथित गायकों की फेहरिस्त बहुत लंबी है | भोजपुरी में फूहड़ता लाने वाले वहीं लोग हैं जो भोजपुरी भाषा की रूह तक नहीं पहुंचे हैं | एसे में भरत शर्मा कहते हैं कि ‘मत सुनी अइसन गीत। आप लोग ना सुनब अइसन गीत आ सुन के ताली ना बजाइब त इ फूहड़ता अपने आप खतम हो जाई | मत खरीदी अइसन मेमोरी कार्ड आ चिप | मत करी डाउनलोड अइसन गीत जवने के बाप बेटी के साथे आ भाई बहन के साथे ना सुन सकत है | संगीत तो एक एसी कला है जो मनुष्य को उत्तम जीवन जीने की सीख देती है |

niraj kumar

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