मकरसंक्राति (Makar Sankranti) हिन्दू धर्म का एक प्रमुख (Festival) पर्व है, जो पुरे (India) भारत एवं नेपाल में विभिन्न नामों से मनाया जाता है विभिन्न प्रान्तों में इस त्योहार को मनाने के जितने अधिक रूप प्रचलित हैं उतने किसी अन्य पर्व में नहीं |

Makar Sankranti Festival India

क्या है (Makar Sankranti) मकर संक्रांति ?

सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में जाने को ही संक्रांति कहते हैं | एक संक्रांति से दूसरी संक्रांति के बीच का समय ही सौर मास है | वैसे तो सूर्य संक्रांति 12 हैं, लेकिन इनमें से चार संक्रांति महत्वपूर्ण हैं जिनमें मेष, कर्क, तुला, मकर संक्रांति हैं |

मकर संक्रांति (Makar Sankranti) पर तिल के महत्व की पौराणिक कहानी

एक पौराणिक कथा के अनुसार शनि देव को उनके पिता सूर्य देव पसंद नहीं करते थे। इसी कारण सूर्य देव ने शनि देव और उनकी मां छाया को अपने से अलग कर दिया। इस बात से क्रोध में आकर शनि और उनकी मां ने सूर्य देव को कुष्ठ रोग का श्राप दे दिया। पिता को कुष्ठ रोग में पीड़ित देख यमराज (जो कि सूर्य भगवान की दूसरी पत्नी संज्ञा के पुत्र हैं) ने तपस्या की। यमराज की तपस्या से सूर्यदेव कुष्ठ रोग से मुक्त हो गए। लेकिन सूर्य देव ने क्रोध में आकर शनि देव और उनकी माता के घर ‘कुंभ’ (शनि देव की राशि) को जला दिया। इससे दोनों को बहुत कष्ट हुआ।

भारतीयों (Indian) का प्रमुख (Festival) पर्व (Makar Sankranti) मकर संक्रांति अलग-अलग राज्यों, शहरों और गांवों में वहां की परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है. इसी दिन से अलग-अलग राज्यों में गंगा नदी के किनारे माघ मेला या गंगा स्नान का आयोजन किया जाता है. कुंभ के पहले स्नान की शुरुआत भी इसी दिन से होती है. मकर संक्रांति त्योहार विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नाम से मनाया जाता है |

Makar Sankranti FestivalIndia

पर्व (Festival) एक पर नाम अनेक

उत्तर प्रदेश : मकर संक्रांति (Makar Sankranti) को खिचड़ी पर्व कहा जाता है. सूर्य की पूजा की जाती है. चावल और दाल की खिचड़ी खाई और दान की जाती है.

गुजरात और राजस्थान : उत्तरायण पर्व के रूप में मनाया जाता है. पतंग उत्सव का आयोजन किया जाता है.

आंध्रप्रदेश : संक्रांति के नाम से तीन दिन का पर्व मनाया जाता है.

तमिलनाडु : किसानों का ये प्रमुख पर्व पोंगल के नाम से मनाया जाता है. घी में दाल-चावल की खिचड़ी पकाई और खिलाई जाती है.

महाराष्ट्र : लोग गजक और तिल के लड्डू खाते हैं और एक दूसरे को भेंट देकर शुभकामनाएं देते हैं.

पश्चिम बंगाल : हुगली नदी पर गंगा सागर मेले का आयोजन किया जाता है.

असम : भोगली बिहू के नाम से इस पर्व को मनाया जाता है.

पंजाब : एक दिन पूर्व लोहड़ी पर्व के रूप में मनाया जाता है. धूमधाम के साथ समारोहों का आयोजन किया जाता है.लगभग प्रतिवर्ष 14 जनवरी को आती है। लेकिन इस बार 2019 में यह 15 जनवरी को पड़ रही है। इसी कारण प्रयागराज में हो रहा कुंभ भी इस वर्ष 15 जनवरी से प्रारंभ हो रहा है। कुंभ का पहला स्नान भी 14 नहीं बल्कि 15 जनवरी को होगा।

niraj kumar

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