अगर आप हिंदुस्तान की बेटियों के लिए कमजोर, नाजुक, शांत, भावुक, शब्द का प्रयोग करते हैं तो ये सारे  शब्द आप को हमारे देश कि इन जंबाज बेटियों के आगे बौने नजर आएंगे | हम बात कर रहे हैं बीएसएफ (BSF) के मोटरसाइकिल सवार दल (Seema Bhavani)’सीमा भवानी’ की | देश के 69वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर बीएसएफ (BSF) की महिला कर्मियों की मोटर साइकिल सवार टीम ‘सीमा भवानी'(Seema Bhavani) की 26 मोटर साइकिलों पर सवार 106 जांबाज महिलाओं ने ऐसे गजब के करतब दिखाए जिसने वहां मौजूद लोगों को अपने दांतो तले उंगली दबानी पड़ी | 

Seema Bhavani BSF Team India

आइए बताते हैं सीमा भवानी  दल की खासियत

26 जनवरी 2018 को (Seema Bhavani) सीमा भवानी  दल  का नेतृत्व सब इंस्पेक्टर स्टेंजीन नोरयांग कर रही थीं | उस रोमांचक प्रदर्शनों की श्रृंखला में सीमा सुरक्षाबल की 106 महिला कर्मियों ने 26 मोटर साइकिलों पर करतब दिखाए, उनके करतबों ने परेड देखने पहुंचे बच्चों-बूढ़ों सभी में रोमांच भर दिया | सीमा भवानी के टीम में देश के लगभग सभी प्रदेशों के सदस्य शामिल हैं |  सबसे ज्यादा 20 सदस्य पंजाब से हैं, उसके बाद पश्चिम बंगाल से 15 सदस्य हैं | वहीं, मध्यप्रदेश से 10, महाराष्ट्र से नौ, उत्तर प्रदेश से आठ, असम व बिहार से सात-सात, ओडिशा से छह और राजस्थान, मणिपुर व गुजराज से पांच-पांच, जम्मू एवं कश्मीर व छत्तीसगढ़ से तीन-तीन, कर्नाटक, उत्तराखंड, दिल्ली और केरल से दो-दो और मेघालय व हिमाचल प्रदेश से एक-एक सदस्य इस टीम में शामिल हैं |

मोटरसाइकिल वाहन दल में शामिल प्रतिभागियों का चयन भारत की विविधता में एकता को ध्यान में रखकर किया गया है. दल में शामिल 15 महिलाएं विवाहित हैं, जबकि 113 अविवाहित  |

Seema Bhavani BSF Team India

20 अक्तूबर 2016 को की गई थी (Seema Bhavani) सीमा भवानी की स्थापना

सीमा सुरक्षाबल की मोटरसाइकिल सवार टीम (Team Seema Bhavani) ‘सीमा भवानी’ मोटर ट्रांसपोर्ट सेंटर स्कूल की स्थापना (BSF) ‘बीएएसएफ अकादमी टेकनपुर’ में 20 अक्तूबर 2016 को की गई थी |(Seema Bhavani) ‘सीमा भवानी’ का यह बल (BSF) ‘बीएसएफ अकादमी टेकनपुर’ के स्वर्ण जयंती समारोह और नई दिल्ली में ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ पर भी अपने साहसिक करतब दिखा चुका है | मोटरसाइकिलों पर सवार (BSF) बीएसएफ की 30 महिला जवानों ने अपने हैरतअंगेज करतब से देश को गौरवान्वित होने का मौका दिया। महिला जवानों की मोटरसाइकिल पर कलाबाजियां देख समारोह में मौजूद राष्‍ट्रपति समेत सभी गणमान्‍य जनों के चेहरे प्रफुल्लित हो उठे । इन महिला कमांडो को प्रशिक्षण देने के लिए (BSF) बीएसएफ की सभी बॉर्डर पोस्ट से महिला जवानों को स्वेच्छा से आगे आने के लिए कहा गया। 53 महिला जवानों अपनी इच्छा जाहिर की। अन्य 53 को (BSF) बीएसएफ की कमांडो स्क्वॉयड से लिया गया। इसके बाद उनका प्रशिक्षण ग्वालियर के करीब स्थित टेकनपुर में शुरू हुआ। प्रशिक्षण के दौरान पता चला कि मोटरसाइकिल राइडिंग के लिए जिन महिला जवानों का चुनाव किया गया है, उसमें से सिर्फ तीन ने पहले स्कूटी चलाई थी जबकि दो महिला जवानों ने सामान्य मोटरसाइकिल चलाई थी और 10 महिला जवानों को साइकिल चलाना आता था। 38 महिला जवान ऐसी थी, जिन्हें साइकिल चलाना भी नहीं आता था।

niraj kumar

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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