अमरत्व की बूटी लेकर जीना चाहते है तो मिलिए बिहार के गया जिले के नक्सल प्रभावित नगवां गढ़ गाँव के रहने वाले (Deepak Kumar Singh ) दीपक कुमार सिंह जी से जो अंग दान  द्वारा लोगों की जिंदगी बचाने का नेक कार्य करते हैं |दीपक अभी मात्र 21 वर्ष के हैं और अब तक सौ से भी अधिक लोगों का अंग दान करवा कर उन्हें अमर करवा चुके हैं |

आदर्श युवा मिशन इंडिया ( Adarsh Yuva Mission India )

अपनी दादी से मिली थी अंग दान की प्रेरणा

दीपक जब दस वर्ष के थे तब की घटित एक घटना ने कुछ अलग करने पर मजबूर किया दीपक अपनी दादी से बहुत लगाव था जब दादी जी का देहांत हुआ तो सोंचने लगे, जो इन्सान कल तक बिल्कुल ठीक था आज मृत्यु के बाद उस शरीर की क्या दुर्गति हो गई  उन्हें  तो दफनाया या जलाया जा रहा है लोग देर तक घर में रखना पसंद नहीं कर रहे कहते की बदबू आने लगेगा  तो क्यों न कुछ एसा किया जाये कि मृत्यु के बाद भी मृत शरीर का अंग किसी दुसरे की जिंदगी बचाने के काम आ जाए |

 

फिर अपने इस नेक विचार को लेकर अपने परिवार और लोगों के बीच गये, जिसमे परिवार वाले का साथ मिला ही उसके अलावा सभी समाजिक कार्यकर्ता,सभी समाजिक संगठन,और दोस्तो का भी पूरा सहयोग मिल रहा है

आदर्श युवा मिशन इंडिया ( Adarsh Yuva Mission India )  Deepak Kumar Singh

आदर्श युवा मिशन इंडिया की नीव डाली

A.P.J अब्दुल कलाम को अपना आदर्श मानने वाले दीपक कुमार सिंह अपने पढाई के साथ बचे पूरे समय अंग दान के लिए लोगों को प्रेरित करते ही थे इसके अलावा दीपक सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगो से मिलकर रक्त दान  के साथ अब गरीब बच्चों के निःशुल्क शिक्षा, निःशुल्क किताबों का वितरण एवं वृक्षा रोपण इत्यादि जैसे सामाजिक नेक कार्य करते थे  इसी को ध्यान में रखते हुए दीपक कुमार सिंह ने ( Adarsh Yuva Mission India ) आदर्श युवा मिशन इंडिया की नीव डाली

सोशल मिडिया के जरिये करते हैं लोगों को जागरूक

आमतौर पर लोग धार्मिक आस्थाओं के कारण अंगदान करने से बचते हैं, लेकिन तमाम धर्म-आध्यात्मिक गुरु भी इस बात को कह चुके हैं कि अंगदान करना एक बड़े पुण्य का काम हैअंगदान से बड़ा कोई दान नहीं है अंगदान महादान जीवनदान है  क्योंकि इससे आप एक मरते हुए शख्स को जिंदगी दे रहे हैं और किसी को जिंदगी देने से बड़ा पुण्य भला क्या होगा!

हम बाते बहुत ज्ञान की करते है की आत्मा,अजर ,अमर ,अविनाशी है यह शरीर पञ्च तत्वोंसे बना है ,हम यह शरीर रूपी चोला बदलते रहते है ,मृत्यु के बाद इस शरीर रूपी मिटटी ,मिटटी में मिल जाएगी तो अंग दान माना किसी को दिया जीवनदान ही है ,जिसका वर्णन हमारे शास्त्रोमे भीमिलता है, महर्षि दधीचि ने अपना देह दान कर उनकी हड्डी से विश्वकर्मा ने वज्र बनाकर वृत्तासुर का वध किया था और सबके कल्याण और रक्षा हेतु देहदान कर वे अमर हो गए यह प्रमाण है | 

दूसरी और कुछ लोगोकी गैर मान्यताये है की , अंगदान करने से अंग भंग होगा तो संस्कार विधि पूरी न होने के कारन मुक्ति नहीं मिलेगी या उस अंग से अगले जन्म में उस अंग से वंचित हो जायेंगे जो की बे बुनियाद है , हमें चाहिएकी समाज में जागरूकता लाये, अंगदान करना रक्त दान से भी श्रेष्ठ दान है क्योकि,वह अवयव आपके जाने के बाद भी किसी की दिल की धड़कन बन आपके रूप में ज़िंदा रहता आंखें दान करने वाले अगले जन्म में अंधे पैदा होंगे, जैसी बातें अंधविश्वास हैं।

खुद सोचिए, अगर किसी ने दिल और गुर्दे दान कर दिए, तो इस थियरी के हिसाब से तो अगले जन्म में उसे बिना दिल और किडनी के पैदा होना चाहिए। क्या ऐसा मुमकिन है कि कोई इंसान बिना दिल और किडनी के जन्म ले? है ना हास्यास्पद! धर्म से संबंधित ऐसी सभी मान्यताएं जो अंगदान न करने की बात करती हैं, महज अंधविश्वास हैं, जिन्हें नजरंदाज करके हर किसी को अंगदान के लिए आगे आना चाहिए |

 

अंग दान एवं रक्त दान मुहीम को दीपक अपने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये पुरे भारत साथ अन्य देशों में भी लोगों को करते हैं मदद | दीपक की कोशिश रहती है की कोई भी व्यक्ति जिन्हें खून की जरुरत हो उन्हें कम से कम समय में खून उपलब्ध कराया जाए | इसके अलावा दीपक विभिन्न शिक्षण संस्थाओ में कॉलेज में विश्वविद्यालय में समाजिक संगठन में  किसी पर्यटन स्थल पर जा कर लोगों से रक्त दान एवं अंग दान करने की अपील करते हैं | 

आदर्श युवा मिशन इंडिया ( Adarsh Yuva Mission India )  Deepak Kumar Singh

अनेको अवार्ड भी मिल चूका है दीपक को

दीपक कुमार सिंह द्वार किये जा रहे नेक कार्यों के लिए इन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक के अवार्ड भी मिल चुके हैं 

विश्व परिवर्तक प्रतिष्ठित पुरस्कार

यंग इंडिया चेंज मेकर अवार्ड

इंडियाज ग्रेट लीडर यूथ आइकन अवार्ड

राष्ट्रीय शौर्य रत्न अवार्ड

भारतीय प्रतिभा गौरव अवार्ड

पितृपक्ष महासंगम सम्मान

के साथ कई अवार्ड मिले है वे

हर्ष व्यक्त करते हुए अपने माता पिता , गुरुजन ,सभी भाई-बहनों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट करते हुए कहते है कि सभी के प्रोत्साहन एवं सहयोग से ही मैं अपनी पढ़ाई के साथ साथ समाज के लिए कुछ कर पा रहा हूँ एवं समाजहित में मेरा प्रयास निरन्तर चलता रहेगा दीपक एक सच्चे, कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी आईएएस अधिकारी बनकर समाज में चल रहे या हो रहे क्रूर्तियो को दूर कर उसमे से नई बदलाव लाना चाहते और है वे कहते है कि जिंदगी की असली उड़ान बाकी है, जिंदगी के कई इम्तिहान अभी बाकी हैं। अभी तो नापी है मुट्ठी भर जमीन हमने, अभी तो सारा आसमान बाकी है।

 आगे की योजना

दीपक कुमार सिंह की आगे की योजना अंग दान को जन-जन तक पहुँचाने का है साथ ही जो लोग पैसे के आभाव के कारण नहीं पढ़ पा रहे हैं वैसे लोगों को विस्तृत रूप से बेहतर शिक्षा मुहया कराना ताकी एक शिक्षित समाज का निर्माण हो सके साथ ही मानव के अपने अधिकारों को    

से परिचित करवाना(मानवाधिकार)

एक संदेश समाज के लिए

दीपक कुमार सिंह कहते है “जो इन्सान जन्म लेता है उसे एक न एक दिन मृत्यु आनी है यह शाश्वत सत्य है | और मृत्यु के साथ हीं यह अनमोल शरीर भी नष्ट हो जाता है, पर अगर आप चाहते हैं कि मेरे मरने के बाद भी आपकी आँख से कोई व्यक्ति इस खुबसूरत दुनिया का दीदार करे या फिर आपका दिल किसी दुसरे व्यक्ति के शरीर में धड़के तो जीवन रहते अपने शरीर के अंगो का दान करें ताकि आपके इस दुनिया से जाने के बाद भी लोगों की बहुमूल्य जिंदगी को बचाया जा सके| “

दीपक हर उत्सव में रक्त दान या अंगदान या पौधा दान करने के लिए प्रेरित करते है 

अंगदान महादान जीवनदान

niraj kumar

एक बेहतरीन हिंदी स्टोरी राइटर , और समाज में अच्छीबातोंको ढूंढ कर दुनिया के सामने उदाहरण के तौर पे पेश करते है |
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